अमेरिका में एक भारतीय मूल के डॉक्टर को कोर्ट ने 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है. कोर्ट ने डॉक्टर को एक हॉस्पिटल के यूनिसेक्स रेस्ट रूम में स्टाफ की रिकॉर्डिंग करने का दोषी पाया. 6 महीने की जेल के अलावा दोषी डॉक्टर को 3 साल की प्रोबेशन की सजा भी सुनाई गई है. सजा करार होने के बाद डॉक्टर ने सभी पीड़ितों से माफी भी मांगी.
रेस्टरूम में रिकॉर्डिंग का जुर्म कबूला, अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर को जेल की सजा
US में एक Indian Origin Doctor को कोर्ट ने 6 महीने की सजा के साथ-साथ 3 साल के प्रोबेशन की सजा सुनाई है. हालांकि, सजा मिलने के बाद दोषी डॉक्टर ने सभी पीड़ितों से माफी मांगी.


दोषी डॉक्टर का नाम अद्वैत देशमुख है. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर को पिछले महीने ही अमेरिका की लुकास काउंटी कॉमन प्लीज कोर्ट ने ये सजा सुनाई थी. उस पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगा था. अद्वैत ने कोर्ट में सबूतों के साथ छेड़-छाड़ और दूसरो को बिना बताए और बिना उनके जानकारी के उनकी निजी गतिविधियों को देखने से जुड़े 7 मामलों मे अपना अपराध स्वीकार किया. रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर को जून 2029 तक एक्टिव एडल्ट प्रोबेशन पर रहना होगा.
सेक्स ऑफेंडर के तौर पर रजिस्टरअद्वैत की सजा की शर्तों में कम्युनिटी कंट्रोल भी शामिल है. इसके तहत दोषी डॉक्टर को करीब 15 सालों तक सेक्स ऑफेंडर के तौर पर खुद को रजिस्टर करना पड़ेगा. इसके अलावा, ‘सेक्सहॉलिक एनॉनिमस’ के कार्यक्रमों से जुड़ना होगा. साथ ही, सेक्स ऑफेंडर के तौर पर अपना इलाज कराना होगा और अपनी मेंटल हेल्थ की सही देखभाल करनी होगी. सुनवाई के दौरान डॉक्टर ने कोर्ट को बताया कि वह फ्रेंकलिन काउंटी जाने की प्लानिंग कर रहा है. वहां सभी कानूनी शर्तों का पालन करेगा.
अद्वैत के खिलाफ मामला जून 2025 में उस वक्त शुरू हुआ, जब ओहियो के प्रोमेडिका टोलेडो हॉस्प्टिल के एक वर्कर को यूनिसेक्स रेस्टरूम में एक हिडन मोबाइल मिला था. जब एक शख्स ने मोबाइल को हटाने की कोशिश की, तो डॉक्टर ने उस मोबाइल को अपना बताते हुए ले लिया. शिकायत के बाद टोलेडो पुलिस और प्रोमेडिका हॉस्पिटल ने ज्वाइंट जांच की. जांच में मोबाइल से कथित तौर पर 80 से ज्यादा फोटो मिले, जो फरवरी और मई 2025 के बीच ली गई थी.
बिना सहमति के रिकॉर्डिंगमामले में 6 पीड़ितों की पहचान भी हुई. उनमें से किसी ने भी इस रिकॉर्डिंग के लिए अपनी सहमति नहीं दी थी. पुलिस का मानना है कि ऐसी और भी तस्वीरें और पीड़ित हो सकते हैं. पुलिस ने बताया कि बरामद सबूतों से ऐसे संकेत मिलते हैं कि इस तरह की रिकॉर्डिंग का सिलसिला साल 2018 में ही शुरू होने की आशंका है.
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अद्वैत देशमुख यूनिवर्सिटी ऑफ टोलेडो में तीसरे साल के मेडिकल रेजिडेंट था. डॉक्टर एंड्रोयूरोलॉजी और यूरोलॉजिक ऑन्कोलॉजी में स्पेशलाइजेशन कर रहा था. हालांकि, मामले के बाद यूनिवर्सिटी ने उन्हें एडमिनिस्ट्रेटिव लीव पर भेज दिया. और जांच के बाद उसकी रेजीडेंसी अपॉइंटमेंट को रिन्यू भी नहीं किया.
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