1.
ये मन की बात है, मस्तिष्क नहीं समझेगा. भावनाओं से देखो तो समझ में आएगा. निदा फाजली साहब ने बहुत पहले ही कह दिया था. हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी. अब हिसाब लगा लो.
2.
भारत की पुण्य धरा पर सवा सो करोड़ मितरों के अलावा 33 करोड़ देवी देवता भी हैं. मैं उनकी बात नहीं कर रहा. अपने आस पास के भक्तों को ध्यान से देखो. अरे बुरा मानने वाली बात नहीं मैं आसाराम, रामपाल, राम रहीम के भक्तों की बात कर रहा हूं. इस लिहाज से इन देवताओं की जनसंख्या भी बढ़ती जा रही है. ये भी तो साथ देते हैं चुनाव के टाइम.
कोई बात नहीं, कन्हैया भी जेल में पैदा हुए थे. (कन्हैया कुमार नहीं)
3.
अब आपको त्रेतायुग में ले चलता हूं. गोस्वामी तुलसी दास जी ने क्या खूब पंक्तियां लिखी हैं.हे खग मृग हे मधुकर श्रेणी, तुम देखीं सीता मृगनैनी!
अर्थात जब भगवान राम सीता माता को खोज रहे थे तो उनके काम में खग मृग पेड़ पत्ते सब साथ दे रहे थे. मोदी जी ने भी अपने मेनिफेस्टो में राम मंदिर बनवाने का वादा किया था अर्थात राम का काम करने वाले थे. तो उनका साथ भी गाय माताओं एवं पेड़ पत्तों ने दिया.

मोदी जी की विजय गाथा लिखते गोस्वामी जी
4.
ये जो 600 करोड़ का आंकड़ा है ये जीएसटी और कृषि सेस वगैरह जोड़कर है. मोदी जी जब राजसूय यज्ञ यानी प्रधानमंत्री बनने की तैयारी कर रहे थे तब ये सब नहीं था. बिना टैक्स की जनसंख्या ज्यादा थी यार.
सॉरी, जीएसटी की जगह नोटबंदी की फोटो लग गई
5.
मोदी जी को जिताने में इनका बड़ा योगदान था. इसीलिए मोदी जी इन्हें थैंक्यू बोलने भी गए थे.
भीम आर्मी की छोटी बहन मीम आर्मी
मेरे खयाल से इतने सुबूत काफी होंगे देश विरोधियों के लिए.
अब देख लो वो वीडियो:
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