फिर क्या हुआ? इतने सारे ट्वीट्स और हो रहे हो-हल्ले को देखते हुए प्रसार भारती से सीईओ शशि शेखर इस मामले की सफाई देने के लिए आगे आए. उन्होंने लोगों को जवाब देते हुए ट्विटर पर एक के बाद कई ट्वीट्स किए. इसमें उन्होंने बताया कि जिन हिस्सों को लोग एडिटेड बता रहे हैं, वो दरअसल कभी इस शो का हिस्सा थे ही नहीं. यानी जब 1987 में 'रामायण' आया था, ये हिस्सा शो के उस वर्ज़न में भी नहीं था. स्वप्निल नाम के एक ट्विटर यूज़र को जवाब देते हुए शशि ने लिखा-
''(शो में) किसी तरह के कट्स नहीं लगाए गए हैं. ये प्रसंग ओरिजिनल प्रोडक्शन (1987) का भी हिस्सा नहीं थे.''
शशि इसमें आगे जोड़ते हुए लिखते हैं-
''इन महाकाव्यों की खूबसूरती ही ये है कि इनमें कई कहानियां होती हैं. उन कहानियों में कई छोटी-छोटी साइड स्टोरीज़ होती हैं. सबकी अलग-अलग विवेचनाएं-व्याख्याएं होती हैं. एक ही टीवी स्क्रिप्ट में इन सभी छोटी-बड़ी चीज़ों को शामिल कर पाना मुमकिन नहीं होता. लेकिन शायद यही चीज़ें भविष्य में दूसरे टीवी शोज़ के लिए रास्ता खोलने का काम करती हैं.''
शशि शेखर को जो कहना था, वो तो उन्होंने कह दिया. लेकिन दिक्कत ये रही कि शशि साहब जो कह रहे हैं, असल मामला उससे थोड़ा अलग दिख रहा है. क्योंकि जिन सीक्वेंस के वो ओरिजिनल प्रोडक्शन का हिस्सा न होने की बात कह रहे थे, उनमें से कुछ प्रसंग उसी प्रोडक्शन के यूट्यूब कट में मौजूद हैं. यहां देखिए: # अपनी छाती-चीरकर सिया-राम के प्रति अपनी अटूट आस्था का प्रदर्शन करते पवनपुत्र हनुमान- वीडियो देखें: मेघनाद का किरदार निभाने से पहले विजय इस गाने में दिखकर पहले ही अमर हो चुके थे














