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क्या दूरदर्शन ने 'रामायण' मामले में वाकई दर्शकों के साथ धोखा किया है?

क्योंकि प्रसार भारती के सीईओ ने जो कहा, वो पूरी तरह सही नहीं है. आपको टीवी पर जो सीन्स नहीं दिखे, वो यहां हैं.

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'रामायण' के उन दो सीन्स का स्क्रीनग्रैब, जो प्रसार भारती के सीईओ के मुताबिक ओरिाजिनल प्रोडक्शन का हिस्सा ही नहीं थे.
लॉकडाउन की शुरुआत में शुरू हुआ 'रामायण' खत्म हो चुका. रामानंद सागर के इस टीवी शो में युद्ध और उसके बाद श्रीराम के घर लौटने वाले हिस्सों को अलग-अलग एपिसोड्स में तोड़कर टीवी पर दिखाया गया. ये एपिसोड्स शनिवार को टीवी पर सुबह और शाम में दिखाए गए. रविवार की सुबह इन दोनों एपिसोड्स को मिलाकर एक साथ दो घंटे का एपिसोड टीवी पर आया. लेकिन शनिवार को इस शो का पहला हिस्सा देखने के बाद से ही पब्लिक सोशल मीडिया पर हंगामा मचाना शुरू कर चुकी थी. लोगों को लग रहा था कि दूरदर्शन ने उनके साथ धोखा कर दिया है. हंगामा था क्यों बरपा? नहीं चोरी किसी ने नहीं की. लोगों को बस कंफ्यूज़न हो गया था. सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि दूरदर्शन ने 'रामायण' को एडिट करके टीवी पर दिखाया है. क्योंकि शनिवार को आए एपिसोड में से अहिरावण और महिरावण वाला ट्रैक गायब था. लक्ष्मण-उर्मिला का मिलन, हनुमान जी का छाती चीरकर दिखाना मतलब ये वाला हिस्सा तो दिखाया ही नहीं गया. लोगों ने ट्वीट कर अपनी शिकायतें दर्ज करवाईं-      फिर क्या हुआ? इतने सारे ट्वीट्स और हो रहे हो-हल्ले को देखते हुए प्रसार भारती से सीईओ शशि शेखर इस मामले की सफाई देने के लिए आगे आए. उन्होंने लोगों को जवाब देते हुए ट्विटर पर एक के बाद कई ट्वीट्स किए. इसमें उन्होंने बताया कि जिन हिस्सों को लोग एडिटेड बता रहे हैं, वो दरअसल कभी इस शो का हिस्सा थे ही नहीं. यानी जब 1987 में 'रामायण' आया था, ये हिस्सा शो के उस वर्ज़न में भी नहीं था. स्वप्निल नाम के एक ट्विटर यूज़र को जवाब देते हुए शशि ने लिखा-
''(शो में) किसी तरह के कट्स नहीं लगाए गए हैं. ये प्रसंग ओरिजिनल प्रोडक्शन (1987) का भी हिस्सा नहीं थे.''
 शशि इसमें आगे जोड़ते हुए लिखते हैं-
''इन महाकाव्यों की खूबसूरती ही ये है कि इनमें कई कहानियां होती हैं. उन कहानियों में कई छोटी-छोटी साइड स्टोरीज़ होती हैं. सबकी अलग-अलग विवेचनाएं-व्याख्याएं होती हैं. एक ही टीवी स्क्रिप्ट में इन सभी छोटी-बड़ी चीज़ों को शामिल कर पाना मुमकिन नहीं होता. लेकिन शायद यही चीज़ें भविष्य में दूसरे टीवी शोज़ के लिए रास्ता खोलने का काम करती हैं.''
 शशि शेखर को जो कहना था, वो तो उन्होंने कह दिया. लेकिन दिक्कत ये रही कि शशि साहब जो कह रहे हैं, असल मामला उससे थोड़ा अलग दिख रहा है. क्योंकि जिन सीक्वेंस के वो ओरिजिनल प्रोडक्शन का हिस्सा न होने की बात कह रहे थे, उनमें से कुछ प्रसंग उसी प्रोडक्शन के यूट्यूब कट में मौजूद हैं. यहां देखिए: # अपनी छाती-चीरकर सिया-राम के प्रति अपनी अटूट आस्था का प्रदर्शन करते पवनपुत्र हनुमान- # 14 साल के वनवास बाद लक्ष्मण और उर्मिला के मिलन का दृश्य-  या दूसरी चीज़ ये हो सकती है कि जो वीडियोज़ आपने अभी ऊपर देखे, वो टीवी कट के न होकर शो के डीवीडी कट का हिस्सा हों. वैसे भी आमतौर पर डीवीडी कट्स में कुछ एक्स्ट्रा सीन्स होते ही हैं.
वीडियो देखें: मेघनाद का किरदार निभाने से पहले विजय इस गाने में दिखकर पहले ही अमर हो चुके थे

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