इतिहास में पहली बार किसी इंसान की Shamonda Virus से मौत हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसकी पुष्टि की है. WHO के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस गेब्रेयेसुस ने खुद दुनिया को ये जानकारी दी है. उन्होंने X पर लिखा कि अब तक ये वायरस सिर्फ जानवरों में डिटेक्ट होता था. लेकिन पहली बार इसका ह्यूमन इन्फेक्शन रिपोर्ट हुआ है.
इंसान में पहली बार मिला शामोंडा वायरस, मरीज की मौत, WHO ने दुनिया को चेताया
दुनिया में पहली बार किसी इंसान में Shamonda Virus होने की पुष्टि की गई है. फ्रांस में इस वायरस से एक शख्स की मौत हो गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ये जानकारी दी है.

ट्रेडोस ने बताया कि फ्रांस में शामोंडा वायरस का पहला डॉक्युमेंटेड केस देखने को मिला है. उन्होंने लिखा,
"दुर्भाग्य से इस मरीज की मौत हो गई. उसकी इम्युनिटी काफी कमजोर थी. ऐसे लोग वायरस से जल्दी इन्फेक्ट होते हैं और गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं."
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टेड्रोस गेब्रेयेसुस ने बताया कि Shamonda Virus आम तौर पर मवेशियों, भेड़ों, बकरियों और घोड़ों जैसे जानवरों को संक्रमित करता है. लेकिन पहली बार एक इंसान में इसका इन्फेक्शन मिला है. संक्रमित मरीज की उम्र 60 से ज्यादा बताई गई है. मृतक ऐसे इलाके में था, जहां जानवरों के बीच Shamonda वायरस मौजूद था.
मामले को लेकर टेड्रोस ने आगे लिखा,
“WHO फ्रांस के अधिकारियों के संपर्क में है. वे इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं कि पहले मरीज में संक्रमण का सोर्स क्या था. यह वायरस कैसे फैल सकता है. इससे लोगों को क्या संभावित खतरा हो सकता है.”

शामोंडा वायरस जानवरों के बीच 'मिज' (midge) के काटने से फैलता है. ‘मिज’ मक्खी जैसा एक छोटा कीट होता है. ये वायरस मुख्य रूप से मवेशियों को प्रभावित करता है. हालांकि, भेड़, बकरी, घोड़े और अल्पाका में भी इसके संक्रमण के मामले देखे गए हैं.
शामोंडा वायरस श्मालेनबर्ग (Schmallenberg) वायरस समूह से संबंधित है. श्मालेनबर्ग वायरस पशुओं में प्रजनन संबंधी समस्याएं पैदा करता है. इसके संक्रमण से गर्भपात या बच्चों में जन्मजात विकृतियां जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
नाइजीरिया में मिला पहला केसReuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले 1965 में नाइजीरिया के मवेशियों में इसका पता चला था. फिर यह अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में भी पाया गया.
जुलाई के आखिर में यूरोप में इसका केस मिला. अक्टूबर तक एक दर्जन से ज्यादा यूरोपीय देशों में इसके 20 मामले सामने आ चुके थे. इनमें फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और आयरलैंड जैसे देश भी शामिल हैं. यहां मवेशी पालन बड़े पैमाने पर होता है.
जानवरों के लिए कितना खतरनाक?जानवरों में शामोंडा वायरस के लक्षणों में बुखार, दस्त और दूध प्रोडक्शन में कमी आना शामिल है. इसके गंभीर मामलों में गर्भपात हो सकता है. भ्रूण में गंभीर विकृतियां हो सकती है. कुछ घोड़ों में न्यूरोलॉजिकल से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं.
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