भारत के स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले यानी 14 अगस्त को पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है. इसी मौके पर शुक्रवार, 14 अगस्त को भाषण देते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान में 4 फीसदी हिंदू उतनी ही आजादी के साथ रहते हैं, जितनी कहीं और रहते हैं. उन्होंने ये भी दावा किया कि भारत के लोग ‘अखंड भारत’ में विश्वास करते हैं, लेकिन पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू भारत में शामिल नहीं होना चाहेंगे. बल्कि वो पाकिस्तान में ही रहना पसंद करेंगे.
'हम वो मुसलमान, जो दूसरों को बर्दाश्त करते हैं', पाकिस्तानी हिंदुओं को लेकर क्या बोले जरदारी?
Pakistan के राष्ट्रपति Asif Ali Zardari ने कहा कि ‘पाकिस्तान के मुसलमान 4% हिंदुओं को बर्दाश्त कर रहे हैं.’ जरदारी का यह बयान पाकिस्तान के Independence Day के दिन आयोजित एक प्रोग्राम के दौरान दिया.

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 14 अगस्त के दिन ‘यादगार-ए-फतह’ नाम के एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया था. भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से पाकिस्तान के ‘मिस्टर 10 परसेंट’ कहे जाने वाले राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी समेत कई नेता इस प्रोग्राम में शामिल हुए थे. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों को संबोधित करते हुए जरदारी ने कहा,
भारतीयों का नजरिया अलग है. उनका अपना एजेंडा है. वो ‘अखंड भारत’ में विश्वास करते हैं. लेकिन इसके बीच भी बहुत सी ऐसी चीजें हैं, जो वो भूल गए हैं. हम मुसलमान है. वो नहीं हैं. लेकिन हम ऐसी सोच वाले मुसलमान हैं, जो दूसरों को ‘बर्दाश्त’ करते हैं. पाकिस्तान में 4% हिंदू आबादी है. वो उतनी ही आजादी के साथ रहते हैं, जितनी कहीं और. वो भारत के बजाय हमारे साथ रहना पसंद करेंगे.
राष्ट्रपति जरदारी का ये बयान भारत-पाकिस्तान संबंध, सेना की भूमिका और क्षेत्र की व्यापक भू-राजनीतिक स्थिति पर आया है.
अब बात जरदारी के 4% हिंदू आबादी वाले दावे की.
क्या पाकिस्तान में वाकई 4 फीसदी हिंदू रहते हैं? हमने उनके इस दावे की पड़ताल करने के लिए गूगल पर पाकिस्तान के हालिया जनगणना के बारे में सर्च किया. पाकिस्तान में साल 2023 में 7वीं जनगणना की गई थी. इसके मुताबिक, पाकिस्तान की कुल आबादी 25.9 करोड़ के आसपास है. इसमें हिंदू आबादी की बात करें तो वह 1.61% से 2.17% के करीब ही है, जो जरदारी के दावे से काफी कम है.
जरदारी के इस बयान पर भारत से प्रतिक्रिया भी आई है. केरल हाई कोर्ट के वकील रोहित मदासेरिल ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति को जवाब दिया है. उन्होंने कहा,
मैंने साइकोसिस (मानसिक बीमारी) के कई रूप देखे हैं, लेकिन साइकोसिस का इतना डरावना रूप पहली बार देख रहा हूं. वैज्ञानिकों को पाकिस्तानी दिमागों पर रिसर्च करने के लिए उन्हें लैब में रखना चाहिए.
इसके अलावा वकील, लेखक और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के रिसर्चर अमित कृष्णकांत पॉल ने कहा कि यह दुखद है कि 80 साल के बाद भी पाकिस्तान के राष्ट्रपति पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर भारत के बारे में बात करके बंटवारे को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं. वो भी गलत तरीके से.
हालांकि, खबर लिखे जाने तक जरदारी के इस बयान पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
‘मिस्टर 10 परसेंट’ क्यों कहते हैं?जरदारी को पाकिस्तान में उनके आलोचक ‘मिस्टर 10 परसेंट’ कहते हैं. दरअसल, 1980-90 के दशक में पाकिस्तान के सरकारी ठेकों, परियोजनाओं और संविदाओं को मंजूरी देने के लिए वो कथित तौर पर 10 प्रतिशत का कमीशन या घूस मांगते थे. तब से पाकिस्तान में उनके आलोचक उन्हें ‘मिस्टर 10 परसेंट’ कहते हैं.
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