डॉनल्ड ट्रंप को तुर्किए में मारने का ईरान का प्लान फेल हो गया? दरअसल, दो अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान के पास ये इंटेल (सूचना) थी कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप तुर्किए की राजधानी अंकारा के किस होटल के किस फ्लोर पर रुके हैं? ट्रंप North Atlantic Treaty Organization (NATO) समिट में हिस्सा लेने के लिए वहां गए थे. जुलाई 2026 में हुए इस समिट के दौरान अमेरिका लौटते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी फ्लाइट बदलनी पड़ी थी.
'ट्रंप को तुर्किए में मारना चाहता था ईरान, होटल के कमरे तक की इंटेल थी', US अफसरों का दावा
Iran को कथित तौर पर इस बात की जानकारी थी US President Donald Trump तुर्किए में किस होटल के किस फ्लोर पर रुके थे. US Intelligence ने एक संदिग्ध शख्स को ‘Surface-to-air missile के साथ NATO प्रोग्राम के आस-पास वाले इलाके में भी देखा था.

ईरान की ओर से मिल रहे ऐसे खतरे के बारे में जानने वाले दो अमेरिकी अधिकारियों ने The New York Times अखबार से इस बारे में बात की. उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि अमेरिकी इंटेलिजेंस के पास ऐसे खतरे को लेकर कई तरह की सीक्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट मिली थी. अमेरिकी इंटेलिजेंस को यह भी पता था कि राष्ट्रपति ट्रंप की फ्लाइट ‘एयर फोर्स वन’ पर ‘सरफेस टू एयर मिसाइल’ से हमला किए जाने का खतरा है. इसके अलावा NATO समिट जिस इलाके में हो रहा था, उसके आस-पास ‘किसी संदिग्ध को कंधे पर रखकर चलाई जाने वाली मिसाइल के साथ देखा गया था.’
अमेरिकी अधिकारियों ने आगे यह भी बताया कि ईरानियों को यह जानकारी थी कि राष्ट्रपति ट्रंप किस होटल में रुके हैं. उन्हें यह भी पता था कि ट्रंप होटल के किस फ्लोर पर हैं. अधिकारियों ने बताया कि इन इंटेल्स को इतना सही और सटीक माना गया कि सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति ट्रंप को अंकारा से बाहर निकालने का एक प्लान बनाया.
प्लान के मुताबिक, ट्रंप को तुर्किए से ‘एयर फोर्स वन’ फ्लाइट में बैठते हुए दिखाया गया. बाद में उन्हें सिक्रेटली एयरपोर्ट के कैटरिंग कंटेनर में पहुंचाया गया. इसके बाद एक मिलिट्री जेट में बैठा के तुर्किए से बाहर निकाला गया. हालांकि, कथित तौर पर इसके पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप को मारने की कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं.
साल 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में चुनावी रैली के दौरान उन पर गोली से हमला किया गया था. हालांकि, गोली उन्हें छूकर निकल गई थी. 2024 में ही फ्लोरिडा में उनके गोल्फ कोर्स पर एक हथियारबंद शख्स ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी. हालांकि, ये दोनों हमलावर ईरान से जुड़े हुए नहीं थे. बाद में इन कोशिशों के बीच एक शख्स को दोषी करार किया गया था. कथित तौर पर ऐसा भी कहा जाता है कि उस साजिश को ईरान ने एक प्रॉक्सी फोर्स के जरिए अंजाम दिया था.
वीडियो: रूस और यूक्रेन के बीच कानूनी विवाद में अब भारत के पूर्व सीजेआई की एंट्री












