उत्तर प्रदेश के नोएडा में बना एक पोस्टमार्टम हाउस चर्चा में है. बीते तीन दिनों में यहां 75 शव पहुंचे हैं. लेकिन यहां केवल चार फ्रीजर हैं. एक फ्रीजर की क्षमता 4 शव रखने की है. यानी एक बार में 16 से ज्यादा शवों को नहीं रखा जा सकता. क्षमता से 4 गुना से भी ज्यादा शव आने की वजह से कई डेडबॉडीज को बाहर खले में रखना पड़ा है जिसका वीडियो भी सामने आया है. इसके अलावा पोस्टमार्टम हाउस की गंदगी भी खबर बनी हुई है.
फ्रीजर सिर्फ 4, शव आ गए 75, नोएडा के पोस्टमार्टम हाउस में जो दिखा अधिकारियों को जवाब देना भारी पड़ गया
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल चार में से केवल एक फ्रीजर ही काम कर रहा है. जिसकी वजह से शवों को भीषण गर्मी में खुले में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है.

अधिकारियों ने बताया है कि फिलहाल चार में से केवल एक फ्रीजर ही काम कर रहा है. जिसकी वजह से शवों को भीषण गर्मी में खुले में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है.
आजतक से जुड़े भूपेंद्र चौधरी की रिपोर्ट के मुताब़िक पोस्टमार्टम हाउस सेक्टर 94 में है. गौतमबुद्ध नगर के चीफ़ मेडिकल ऑफ़िसर (CMO) डॉ. सुनील शर्मा ने कहा,
"गर्मी से पहले, हम केवल पांच से छह शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भेजे जाते थे. लेकिन अब स्थिति बदल गई है और पिछले तीन दिनों में, 75 शव परीक्षण के लिए यहां आ चुके हैं."
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 18 जून को 28 शव, 19 जून को 25 और 20 जून को 22 शव यहां पहुंचे. CMO ने आगे कहा,
"पिछले तीन दिनों में पोस्टमार्टम के लिए लाए गए 75 शवों में से 10 शवों की पहचान नहीं हो पाई है."
उन्होंने बताया कि काम का दबाव अचानक बढ़ गया है, क्योंकि पहले केवल एक डॉक्टर ही शवों की देखभाल करता था, लेकिन अब पोस्टमार्टम के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई है. CMO ने आगे कहा,
"पहले एक डॉक्टर दिन भर में छह से आठ शव परीक्षण कर रहा था, लेकिन अब स्थिति वैसी नहीं है. हालांकि, अब हम इस मोर्चरी में और डॉक्टरों की तैनाती कर रहे हैं. 18 जून को पोस्टमार्टम हाउस में शव परीक्षण के लिए तीन डॉक्टरों को तैनात करना पड़ा."
CMO ने कहा कि इन मौतों में एक्सीडेंट से हुई मौतें और जहर खाने वाले लोग शामिल हैं. लेकिन एकदम से इतने शव आने का कारण भीषण गर्मी भी हो सकती है. उन्होंने कहा,
"यह कोई सामान्य स्थिति नहीं है क्योंकि इस समय नोएडा में बहुत ज़्यादा गर्मी पड़ रही है. पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और एयर कंडीशनर भी इस स्थिति से निपटने में सक्षम नहीं हैं. केवल दफ़्तरों में काम करने वाले लोग ही सुरक्षित हैं. खेतों में काम करने वाले ज़्यादातर लोग, दिहाड़ी मज़दूर, सुरक्षा गार्ड और ट्रैफ़िक कर्मचारी, गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं."
CMO ने फ्रीजर की स्थिति के बारे में कहा कि अभी और फ्रीजर ऑर्डर कर दिए गए हैं.
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