AI का मिसयूज ‘खतरनाक’ तो है. इसका प्रयोग करके अपराध भी किए जाने लगे हैं. इटली में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां AI का इस्तेमाल करके एक हजार करोड़ से ज्यादा की रकम चुराई गई. बताया गया कि धोखाधड़ी करने वालों ने AI का इस्तेमाल करके सीनियर अधिकारियों का ‘रूप’ लिया. इसके बाद इटली के सबसे बड़े लेंडर इंटेसा सैनपाओलो (Intesa Sanpaolo) की प्राइवेट बैंकिंग शाखा फिदेउराम (Fideuram) से 95 मिलियन यूरो (लगभग 1034 करोड़ रुपये) चुरा लिए. मामला खुला तो इसकी आधी से ज्यादा रकम तो रिकवर कर ली गई लेकिन करीब 36 मिलियन यूरो (लगभग 393 करोड़ रुपये) अभी भी गायब बताए जा रहे हैं.
AI की मदद से 1 हजार करोड़ की चोरी, ठगों ने इटली के बैंक को इतना बड़ा चूना कैसे लगाया?
Italy के Fideuram Bank में AI का इस्तेमाल करके करीब 1034 करोड़ रुपये की ठगी की गई. ठगों ने फेक WhatsApp message और AI जेनरेटेड आवाज से senior executives की पहचान का इस्तेमाल किया. बाद में चीन, पुर्तगाल और इटली के अधिकारियों के सहयोग से लगभग 393 करोड़ रुपये की राशि रिकवर हो गई.

धोखाधड़ी का पता सबसे पहले इटली के अखबार ‘कोरिएरे डेला सेरा’ ने लगाया था. रॉयटर्स ने भी इस मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट छापी है. रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी. तब फिदेउराम के तत्कालीन चेयरमैन पाओलो मोलेसिनि को इंटेसा सैनपाओलो के CEO कार्लो मेसिना का एक मैसेज आया. ये उन्हें किसी वॉट्सऐप मैसेज जैसा लगा. इसमें विदेश में एक ट्रांजैक्शन के लिए तुरंत मदद मांगी गई थी.
इसके बाद धोखाधड़ी करने वालों ने एक फोन कॉल किया. उन्होंने ऐसा खेल रचा, जिससे ये लगा कि ये फोन एक बड़ी लॉ फर्म के सीनियर पार्टनर की तरफ से आया है. फोन कॉल में उस निर्देश की पुष्टि की गई. फिर कॉल करने वालों ने वकील की आवाज की नकल करने के लिए AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया. सूत्रों ने बताया कि अनुरोध को असली मानकर मोलेसिनि ने अपने फाइनेंस डिपार्टमेंट को विदेशी अकाउंट्स (मुख्य रूप से चीन और हांगकांग में) में कई बार पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश दिया. हालांकि, ये खबर लिखे जाने तक Intesa Sanpaolo और Fideuram ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की.
फ्रॉड की आशंका होते ही Fideuram ने तुरंत ट्रांसफर में गड़बड़ियों का पता लगाया. उन्होंने कई देशों के बैंकों और अधिकारियों को इसकी सूचना दी. सूत्रों के मुताबिक, बाद में चीन, पुर्तगाल और इटली के अधिकारियों के सहयोग से लगभग 53 मिलियन यूरो (लगभग 393 करोड़ रुपये) की राशि वापस पा ली गई. उन्होंने बताया कि विदेशी खातों के नेटवर्क से गुजरने और क्रिप्टोकरेंसी में बदलने के बाद बाकी रकम का पता नहीं चल पाया है.
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सूत्रों ने बताया कि न तो मोलेसिनि और न ही Fideuram के किसी अन्य अधिकारी की जांच हो रही है. हालांकि, एक सूत्र ने बताया कि मिलान के वकीलों ने कंप्यूटर धोखाधड़ी के शक में यूरोप के बाहर रहने वाले एक विदेशी नागरिक की जांच शुरू की है. मोलेसिनि ने पर्सनल कारणों का हवाला देते हुए मार्च में चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था. उस समय Fideuram ने उनके इस्तीफे के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी थी.
ऐसा ही एक मामला बीते साल भी आया था. तब भी धोखाधड़ी करने वालों ने AI का इस्तेमाल करके एक इतालवी मंत्री की आवाज की नकल की. उन्होंने बिजनेसमैन मास्सिमो मोराट्टी को लगभग 1 मिलियन यूरो (लगभग 10 करोड़ रुपये) एक विदेशी खाते में ट्रांसफर करने के लिए राजी कर लिया. हालांकि बाद में वो पैसा वापस मिल गया था.
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