मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में फैसला आ गया है. कोर्ट ने आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया है. बुधवार, 30 सितंबर को कोर्ट ने कहा कि मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की थी. फिर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया. 15 दिन बाद कोर्ट सजा का ऐलान करेगा.
सौरभ राजपूत मर्डर: मुस्कान और साहिल पर कोर्ट का फैसला आ गया
Meerut Blue Drum Murder Case: मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया है.

जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने इस मामले में फैसला सुनाया. जुलाई 2025 में जिला अदालत में ट्रायल शुरू हुआ था. पुलिस ने 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे. अब सौरभ राजपूत के परिवार ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है.
ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस को भंग करने की चेतावनी दी, 'नॉनसेंस' तक कह दिया
मामले पर अधिवक्ता केक चौबे ने बताया कि कोर्ट ने दोनों अपराधियों को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी माना है. अदालत में जो सबूत उन्होंने पेश किए वह पर्याप्त थे. उन्होंने बताया कि दोनों मानसिक रूप से तैयार थे कि उन्हें पता था कि अपराध के लिए सजा मिलेगी. केक चौबे न कहा कि कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के एक जजमेंट का हवाला दिया था. उन्होंने कहा था,
“ऐसा अपराध, जो समाज का प्रभावित करता है. खराब मैजेज देता है. पति-पत्नि के रिश्तों को छिन्न-भिन्न करता है. ऐसे अपराध के लिए पर्याप्त सजा मिलना जरूरी है. ताकि समाज में कानून का वातावरण बने. एक मैसज जाए.”
इंडिया टुडे के पत्रकार ने मृतक सौरभ के परिवार की तरफ से पेश हुए वकील विजय बहादुर से बात की. वकील ने बताया कि ऐसे अपराधों में दो ही सजा होती है. आजीवन कारावास या मृत्युदंड. अब अदालत पर निर्भर करता है कि 15 दिन बाद क्या सजा दी जाएगी.
3 मार्च 2025 के दिन मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या की थी. शव के टुकड़े करके उन्हें ड्रम में पैक कर दिया था. 15 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
जुलाई 2025 में जिला जज की कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ. अभियोजन पक्ष ने हत्या से पहले और बाद की परिस्थितियों से जुड़े साक्ष्य अदालत के सामने रखे. ड्रम, चाकू, सीमेंट और बालू समेत मामले से जुड़े अन्य सबूतों को भी कोर्ट के सामने पेश किया.
महीनों तक चली सुनवाई में 126 पेशियां हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए. 17 सितंबर को मामले में अंतिम बहस पूरी हुई थी, जिसके बाद अदालत ने 30 सितंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी. आज दोनों को मामले में दोषी माना गया. सुनवाई में मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे.
सौरभ की मां रेनू देवी का कहना है कि उनके बेटे की हत्या के बाद से परिवार गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है. वे न ठीक से खा-पी पा रहे हैं और ना ही रात में सो पाते हैं. रेनू देवी ने मांग की है कि मुस्कान और उसके साथी साहिल दोनों को फांसी की सजा दी जाए.
वीडियो: पिता NDA समर्थित सांसद, बेटा SP के टिकट पर राज्यसभा उम्मीदवार... कौन हैं धनराज नाथवानी?









