सालाना त्योहार है, साल के एक दिन सब पैंट नहीं पहनते ये एक सालाना त्योहार की रस्म है. नाम है- नो पैंट्स सबवे राइड. देसी में कहें, तो बिना पतलून पहिने बाहर निकलिए और मेट्रो-बस-रेल में बैठ जाइए. ठंड का लुत्फ उठाइए. अधनंगे होकर दफ्तर जाइए. कॉलेज जाइए. या मन करे, तो बाजार जाइए. यूं ही टहलिए. ये जो कैंपेन है, वो तब शुरू हुआ जब ये सदी आई. यानी, 18 साल पहले. झंडाबरदार बना न्यू यॉर्क शहर. तय हुआ कि जनवरी के पहले रविवार को लोग-बाग बिना पतलून पहने बाहर निकलेंगे. इस बार ये हुआ 7 जनवरी को. बस मजे के लोग. ताकि थोड़ी बोरियत कम हो जाए. उधर ठंड के मौसम को उदासी का मौसम माना जाता है. हम यहां कई कहावतें नकल-नकल में बोल लेते हैं. मगर उनका मतलब हमारे लिए फिट नहीं होता. जैसे किसी रुखे इंसान को कहना- यू आर सो कोल्ड. या फिर किसी खूबसूरत दिन की तारीफ में कहना- वॉट अ ब्यूटीफुल सनसाइन. तो इसी बोरियत भरी सर्दी को थोड़ा मजेदार करने के लिए होता है ये सालाना त्योहार. सोशल मीडिया, खासकर ट्विटर इन तस्वीरों से अटा पड़ा है. थोड़ी तस्वीरें हम छांट लाए हैं आपके लिए. ताकि आप भी फील लें इस 'नो पैंट्स सबवे राइड' का.

मॉन्ट्रेल में रविवार को तापमान था माइनस 27 डिग्री. मगर शरीर के निचले हिस्से को खुला छोड़ने वाले तमाम लोगों पर इसका कोई असर नहीं था. लग रहा था कि तापमान पर बस मौसम विभाग की नजर है. बाकी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा.

हर उम्र के लोग इस सालामा रस्म में हिस्सेदारी करते दिखे.

उधर के देशों में ये अच्छा है. आप क्या खाते हैं, क्या पहनते हैं, आपके कपड़े कितने छोटे हैं, इसको लेकर कोई और सिर दर्द नहीं पालता.

इस तस्वीर में देखिए. बिना पैंट वाले ही ज्यादा नजर आ रहे हैं.

वो तो अच्छा है कि मेट्रो में एयरकंडीशनर होता है. थोड़ी राहत तो मिली होगी इन लोगों को.

वो जो बोलते हैं- स्वैग, वो इसी अंदाज को बोलते हैं न.

गेस करो कि किताब का नाम क्या होगा? शायद 'हाऊ टू फील वॉर्म विदआउट ड्रेसिंग प्रॉपर्ली' :-)

इस कैंपेन का मकसद लोगों की जिंदगी से थोड़ी बोरियत कम करना है.

जहां हमेशा ठंड रहे और बाकी कसर बारिश पूरी कर दे, वहां तो धूप ही सुहानी लगती है. सर्दियों के लंबे मौसम को थोड़ा मजेदार बनाने के लिए कई तरह की खास चीजें करते हैं. वो बर्फ से तरह-तरह की चीजें बनाना भी इसीलिए शुरू हुआ होगा.

हमारे भारत में तो लोग कपड़ों के साइज और बलात्कार के बीच का रिश्ता खोजने में खर्च हुए जा रहे हैं. यहां लोग अपनी पसंद का खा लें, तो बहुत है.

क्रिसमस के ही वक्त से पूरे उत्तरी अमेरिका में भीषण ठंड पड़ रही है. लोगों को बाहर न जाने की सलाह दी जा रही है. ठंड के कारण कई लोग मर गए हैं. इतनी बर्फबारी हो रही है कि 10 मिनट खुले में रहने पर शरीर बर्फ से झुलस सकता है. फ्रॉस्टबाइट हो सकता है.
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