The Lallantop

ठंड में बिना पैंट के लड़के-लड़कियां मेट्रो में क्यों घूम रहे हैं!

ठंड की बोरियत दूर करने के लिए अजीब ट्रेंड. तस्वीरें हो रहीं वायरल.

Advertisement
post-main-image
न्यू यॉर्क में तापमान शून्य से 10 डिग्री तक कम है. भयंकर ठंड पड़ रही है. उत्तरी अमेरिका के इलाकों का तो सर्दी और बर्फबारी से बुरा हाल है. इसके बावजूद लोग रस्म निभाना नहीं भूले. बिना पैंट पहने घर से निकले. सबवे में सवारी भी की. यूरोप के देश भी पीछे नहीं थे. इस सालाना परंपरा को निभाने के लिए लोगों ने ठंड की परवाह नहीं की.
अमेरिका और यूरोप में बर्फ गिर रही है. दिल दहल जाए, ऐसी भयानक ठंड पड़ रही है. न्यू यॉर्क, वॉशिंगटन डीसी जैसे इलाकों में इतनी ठंड हो रही है कि समझो बर्फ कहां है और शहर कहां, थाह नहीं कोई. ऐसे जहरीले ठंडे मौसम में भी लोग नंगी टांगों के साथ शहर में घूम रहे हैं. अधनंगे मेट्रो में आ-जा रहे हैं. क्या जवान, क्या अधेड़ और क्या बूढ़े, आदमी-औरत, कोई नहीं छूटा. और तो और, इजरायल जैसी शर्मीली जगह में भी ये ही हाल है. स्वीडन से लेकर इंग्लैंड तक, सब जगह खूब सारे लोगों ने ये बहादुरी दिखाई. तो सवाल उठता है कि लोग पागल हो गए हैं कि हवा में भांग घुल गई है? ये चक्कर क्या है?
सालाना त्योहार है, साल के एक दिन सब पैंट नहीं पहनते ये एक सालाना त्योहार की रस्म है. नाम है- नो पैंट्स सबवे राइड. देसी में कहें, तो बिना पतलून पहिने बाहर निकलिए और मेट्रो-बस-रेल में बैठ जाइए. ठंड का लुत्फ उठाइए. अधनंगे होकर दफ्तर जाइए. कॉलेज जाइए. या मन करे, तो बाजार जाइए. यूं ही टहलिए. ये जो कैंपेन है, वो तब शुरू हुआ जब ये सदी आई. यानी, 18 साल पहले. झंडाबरदार बना न्यू यॉर्क शहर. तय हुआ कि जनवरी के पहले रविवार को लोग-बाग बिना पतलून पहने बाहर निकलेंगे. इस बार ये हुआ 7 जनवरी को. बस मजे के लोग. ताकि थोड़ी बोरियत कम हो जाए. उधर ठंड के मौसम को उदासी का मौसम माना जाता है. हम यहां कई कहावतें नकल-नकल में बोल लेते हैं. मगर उनका मतलब हमारे लिए फिट नहीं होता. जैसे किसी रुखे इंसान को कहना- यू आर सो कोल्ड. या फिर किसी खूबसूरत दिन की तारीफ में कहना- वॉट अ ब्यूटीफुल सनसाइन. तो इसी बोरियत भरी सर्दी को थोड़ा मजेदार करने के लिए होता है ये सालाना त्योहार. सोशल मीडिया, खासकर ट्विटर इन तस्वीरों से अटा पड़ा है. थोड़ी तस्वीरें हम छांट लाए हैं आपके लिए. ताकि आप भी फील लें इस 'नो पैंट्स सबवे राइड' का.
मॉन्ट्रेल में रविवार को तापमान था माइनस 27 डिग्री. मगर शरीर के निचले हिस्से को खुला छोड़ने वाले तमाम लोगों पर इसका कोई असर नहीं था. लग रहा था कि तापमान पर बस मौसम विभाग की नजर है. बाकी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा.
मॉन्ट्रेल में रविवार को तापमान था माइनस 27 डिग्री. मगर शरीर के निचले हिस्से को खुला छोड़ने वाले तमाम लोगों पर इसका कोई असर नहीं था. लग रहा था कि तापमान पर बस मौसम विभाग की नजर है. बाकी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा.

 
हर उम्र के लोग इस कैंपेन में हिस्सेदारी करते दिखे.
हर उम्र के लोग इस सालामा रस्म में हिस्सेदारी करते दिखे.

 
उधर के देशों में ये अच्छा है. आप क्या खाते हैं, क्या पहनते हैं, आपके कपड़े कितने छोटे हैं, इसको लेकर कोई और सिर दर्द नहीं पालता.
उधर के देशों में ये अच्छा है. आप क्या खाते हैं, क्या पहनते हैं, आपके कपड़े कितने छोटे हैं, इसको लेकर कोई और सिर दर्द नहीं पालता.

 
इस तस्वीर में देखिए. बिना पैंट वाले ही ज्यादा नजर आ रहे हैं.
इस तस्वीर में देखिए. बिना पैंट वाले ही ज्यादा नजर आ रहे हैं.

 
वो तो अच्छा है कि मेट्रो में एयरकंडीशनर होता है. थोड़ी राहत तो मिली होगी इन लोगों को.
वो तो अच्छा है कि मेट्रो में एयरकंडीशनर होता है. थोड़ी राहत तो मिली होगी इन लोगों को.

 
वो जो बोलते हैं- स्वैग, वो इसी अंदाज को बोलते हैं न.
वो जो बोलते हैं- स्वैग, वो इसी अंदाज को बोलते हैं न.

 
अपने-अपने में डूबे दो लोग. एक तो वो आंटी जो बैठी कुछ कर रही हैं, दूसरी ये मोहतरमा जो पतलून न पहनने वाली कसरत में शामिल हैं.
गेस करो कि किताब का नाम क्या होगा? शायद 'हाऊ टू फील वॉर्म विदआउट ड्रेसिंग प्रॉपर्ली' :-)

 
इस कैंपेन का मकसद लोगों की जिंदगी से थोड़ी बोरियत कम करना है.
इस कैंपेन का मकसद लोगों की जिंदगी से थोड़ी बोरियत कम करना है.

 
जहां हमेशा ठंड रहे और बाकी कसर बारिश पूरी कर दे, वहां तो धूप ही सुहानी लगती है. सर्दियों के लंबे मौसम को थोड़ा मजेदार बनाने के लिए कई तरह की खास चीजें करते हैं. वो बर्फ से तरह-तरह की चीजें बनाना भी इसीलिए शुरू हुआ होगा.
जहां हमेशा ठंड रहे और बाकी कसर बारिश पूरी कर दे, वहां तो धूप ही सुहानी लगती है. सर्दियों के लंबे मौसम को थोड़ा मजेदार बनाने के लिए कई तरह की खास चीजें करते हैं. वो बर्फ से तरह-तरह की चीजें बनाना भी इसीलिए शुरू हुआ होगा.

 
हमारे भारत में तो लोग कपड़ों के साइज और बलात्कार के बीच का रिश्ता खोजने में खर्च हुए जा रहे हैं. यहां लोग अपनी पसंद का खा लें, तो बहुत है.
हमारे भारत में तो लोग कपड़ों के साइज और बलात्कार के बीच का रिश्ता खोजने में खर्च हुए जा रहे हैं. यहां लोग अपनी पसंद का खा लें, तो बहुत है.

क्रिसमस के ही वक्त से पूरे उत्तरी अमेरिका में भीषण ठंड पड़ रही है. लोगों को बाहर न जाने की सलाह दी जा रही है. ठंड के कारण कई लोग मर गए हैं. इतनी बर्फबारी हो रही है कि 10 मिनट खुले में रहने पर शरीर बर्फ से झुलस सकता है. फ्रॉस्टबाइट हो सकता है.
क्रिसमस के ही वक्त से पूरे उत्तरी अमेरिका में भीषण ठंड पड़ रही है. लोगों को बाहर न जाने की सलाह दी जा रही है. ठंड के कारण कई लोग मर गए हैं. इतनी बर्फबारी हो रही है कि 10 मिनट खुले में रहने पर शरीर बर्फ से झुलस सकता है. फ्रॉस्टबाइट हो सकता है.



ये भी पढ़ें: 
अपना दिल अपने बैग में लेकर चलती है ये औरत

क्या है ये 'कच्चा पानी' जिसके दीवाने हुए जा रहे हैं लोग

31 करोड़ रुपए में अपना पुराना कंबल बेचने वाला अब क्यों रो रहा है

ये पुलिसवाली चोर को पकड़ने के लिए उसकी प्रेमिका बन गई, मिलने बुलाया और...



जब बेबी डॉल वाले मीत ब्रदर्स कोहली के हमशक्ल से मिले

Advertisement
Advertisement