The Lallantop

महाराष्ट्र: सीएम उद्धव ठाकरे ने बागी मंत्रियों के विभाग छीने, एकनाथ शिंदे का काम किसे मिला?

कहा गया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल इसलिए किया है ताकि जनहित के मुद्दों की उपेक्षा या अनदेखी न हो.

Advertisement
post-main-image
उद्धव ठाकरे (तस्वीर- Twitter@OfficeofUT से साभार है.)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने बागी मंत्रियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. उन्होंने ऐसे मंत्रियों से उनके विभाग छीन लिए हैं. सोमवार, 27 जून को सीएम ने एकनाथ शिंदे सहित 9 बागी मंत्रियों से उनके पोर्टफोलियो छीनकर दूसरे कैबिनेट सहयोगियों को दे दिए. ऐसा करते हुए सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार का कामकाज प्रभावित नहीं होना चाहिए. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक सीएमओ की तरफ से कहा गया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल इसलिए किया है ताकि जनहित के मुद्दों की उपेक्षा या अनदेखी न हो.

Advertisement

ये भी पढ़ें- शिवसेना बागियों को राहत: SC ने अयोग्यता नोटिस का जवाब देने के लिए दिया 14 दिन का वक्त

किन्हें सौंपे गए बागी मंत्रियों के विभाग?

# एकनाथ शिंदे के शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग को उद्योग मंत्री सुभाष देसाई को दे दिया गया है.

Advertisement

# जल आपूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटिल का पोर्टफोलियो परिवहन मंत्री अनिल परब को दिया गया है.

# दादा भूसे के कृषि और पूर्व सैनिक कल्याण विभाग, संदीपन भुमरे के रोजगार गारंटी स्कीम विभाग को शंकर यशवंतराव गडक देखेंगे.

# उदय सामंत के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग को आदित्य ठाकरे संभालेंगे.

Advertisement

# संजय बंसोडे अब गृह विभाग संभालेंगे, जो राज्य मंत्री शंभूराजे देसाई के अधीन था. शंभूराजे का वित्त और कौशल विकास विभाग कांग्रेस के विश्वजीत कदम को दिया गया है.  

# उत्पाद शुल्क विभाग कांग्रेस पार्टी के सतेज पाटिल को दिया गया है.

# राजेंद्र यड्रावकर के विभाग विश्वजीत कदम, प्राजक्त तानपुर, सतेज पाटिल, अदिति तटकरे को दिए गए हैं.

# अब्दुल सत्तार के विभाग एनसीपी के प्राजक्त तानपुरे, सतेज पाटिल, एनसीपी की अदिति तटकरे के बीच बांटे गए हैं.

# बच्चू कडू के विभाग अदिति तटकरे, सतेज पाटिल, संजय बनसोडे (एनसीपी),  दत्तात्रय भरणे (एनसीपी) के हवाले कर दिए गए हैं.

वहीं दूसरी ओर एकनाथ शिंदे गुट की अर्जियों पर सोमवार, 27 जून को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने बागी विधायकों को डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल के नोटिस से फिलहाल राहत दे दी है. दो जजों की बेंच ने बागियों को अयोग्यता नोटिस का जवाब देने के लिए 14 दिन का वक्त दिया है. 

Advertisement