ईरान एक बार फिर लेबनान के हथियारबंद संगठन हिजबुल्लाह के समर्थन में आ गया है. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा कि हिजबुल्लाह के लड़ाकों की हिफाजत करना ईरान की रणनीतिक जिम्मेदारी है. इसके अलावा उन्होंने अमेरिका के साथ जंग खत्म करने के फाइनल एग्रीमेंट के लिए अपनी शर्त फिर दोहारा दी- इजरायल का लेबनान से वापस जाना. ईरान ने इजरायली जोर-जबरदस्ती को पूरी तरह और बिना किसी शर्त के खत्म करने की मांग की.
'बस जिहाद ही एक रास्ता,' हिजबुल्लाह की तारीफ कर मोजतबा खामेनेई ने US-इजरायल को चेताया
Iran के Supreme Leader Mojtaba Khamenei ने Lebanon के लोगों का सपोर्ट किया. उन्होंने ईरान के लिए लेबनानी लोगों के समर्थन और सब्र की तारीफ की. इसके अलावा, उन्होंने Israel Attack में मारे जा चुके Hezbollah लीडर सैयद हसन नसरल्लाह को श्रद्धांजलि दी.

वेस्ट एशिया में ईरान और हिजबुल्लाह एक-दूसरे के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं. इजरायल का उत्तरी हिस्सा हिजबुल्लाह के हमलों की जद में आता है. इसलिए, इजरायल के लिए हिजबुल्लाह बड़ी चुनौती है. लेबनानी संगठन पर काबू पाने के लिए इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में दाखिल होने से भी गुरेज नहीं किया. यही बात ईरान और हिजबुल्लाह को चुभती है. लेबनान सरकार खुद इजरायल को देश की सीमा से वापस जाने के लिए कहती है.
क्या बोले मोजतबा खामेनेई?ईरानी सुप्रीम लीडर ने X पर एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम और संगठन के लड़ाकों के ‘वफादारी खत’ का जवाब दिया. उन्होंने हिजबुल्लाह के सब्र, बड़प्पन और आत्म-बलिदान की तारीफ की. खामेनेई ने हिजबुल्लाह को इजरायल के खिलाफ लड़ने (Resistance) में सबसे आगे रहने वाली 'अडिग चट्टान' बताया.

सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हिजबुल्लाह और लेबनान की सरहदों की हिफाजत को अपनी स्ट्रेटेजिक जिम्मेदारी मानता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका से जंग लड़ना ईरान पर 'एक थोपा गया युद्ध' है. खामेनेई ने बताया कि अमेरिका से जंग खत्म करने का अंतिम समझौता लेबनान में इजरायल की सख्ती को खत्म किए बिना नहीं होगा. माने, इजरायल को लेबनान से पूरी तरह निकलना होगा.
सैयद हसन नसरल्लाह को श्रद्धांजलि दीईरान के सर्वोच्च नेता ने साउथ लेबनान के लोगों का सपोर्ट किया. उन्होंने ईरान के लिए लेबनानी लोगों के समर्थन और सब्र की तारीफ की. मोजतबा खामेनेई ने इजरायली हमले में मारे जा चुके हिजबुल्लाह लीडर सैयद हसन नसरल्लाह और रेजिस्टेंस के बाकी कमांडरों को श्रद्धांजलि भी दी.
खामेनेई ने कहा कि लड़ाकों ने हिजबुल्लाह को एक ‘छोटे पौधे’ से ‘मजबूत पेड़’ में बदला. इसके अलावा इस्लामिक वर्ल्ड में हिजबुल्लाह का मान बढ़ाया. ईरान के सबसे बड़े नेता का एक बार फिर खुलकर हिजबुल्लाह का समर्थन दिखाता है कि वेस्ट एशिया में इस लेबनानी संगठन का बड़ा दखल है.
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उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अमेरिका से कोई भी फाइनल समझौता लेबनान से इजरायली सेना की पूरी तरह वापसी के बिना नहीं होगा. इससे पहले, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से कहा था कि लेबनान से इजराइल की पूरी तरह से वापसी जरूरी है. ताकि लेबनान में उनकी सरकार की स्थिरता बढ़े और मजबूती मिले.
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