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मेरे पैड से ज्यादा पेपर लीक हो रहे... मंत्री की बेटी ने ऐसी बात बोली बीजेपी के सीएम को जवाब देना पड़ा

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शन में असम के एक मंत्री की बेटी शामिल हुई. मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने अपील की कि बच्चों की इस हरकत के लिए माता-पिता को जिम्मेदार न ठहराया जाए. और क्या उन्होंने?

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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

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  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 23 जुलाई को गुवाहाटी में NEET पेपर लीक और इस्तीफे की मांग को लेकर एक प्रोटेस्ट हुआ, जिसमें असम कैबिनेट मंत्री की बेटी दिबिसा महंता भी शामिल हुई।
  • प्रोटेस्ट इस बात के कारण हुआ कि NEET परीक्षा के पेपर लीक होने की शिकायतें आयीं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा व लाठीचार्ज की घटनाएँ हुईं, जिससे विरोध की तीव्रता बढ़ी।
  • मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि बच्चों के कार्यों के लिए माता-पिता जिम्मेदार नहीं होते और उन्होंने उस मंत्री की बेटी को परेशान न करने की अपील की, साथ ही उनसे चर्चा करने का आश्वासन दिया।

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए. ऐसे ही एक प्रदर्शन में असम सरकार के एक मंत्री की बेटी भी शामिल हुई, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई. अब इस पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने अपील की है कि इस कदम के लिए मंत्री को परेशान न किया जाए. यह भी कहा कि बच्चों की ऐसी हरकतों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए.

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क्या है मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 जुलाई को गुवाहाटी में NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक प्रोटेस्ट हुआ. इस प्रोटेस्ट में असम कैबिनेट मंत्री केशव महंता की बेटी ‘दिबिसा महंता’ भी शामिल हुई. केशव बीजेपी की क्षेत्रीय सहयोगी पार्टी 'असम गण परिषद' के नेता हैं. प्रोटेस्ट के दौरान दिबिसा ने कहा,

"मेरे पैड से ज्यादा पेपर लीक हो रहे हैं. नीट पेपर लीक एक नेशनल इशू है. मुझे उन छात्रों के लिए दुख है, जिन्होंने अपनी जान गवां दी."

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वायरल वीडियोज में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाते हुए सुना जा सकता है. दिबिसा को एक वीडियो में यह कहते हुए भी सुना जा सकता है,

“यह बहुत दुखद है और मैं बता नहीं सकती कि जो हिंसा हो रही है, उसे देखकर मुझे कितना बुरा लग रहा है. स्टूडेंट बस शांतिपूर्ण विरोध करना चाहते थे, लेकिन वह बहुत हिंसक हो गया. लाठीचार्ज हुआ, आंसू गैस छोड़ी गई, सब कुछ हुआ, लेकिन मैं कहना चाहती हूं कि मुझे हर उस छात्र पर बहुत गर्व है जो उस दिन वहां (जंतर मंतर) पहुंचा और अपनी बहादुरी दिखाई और उन्होंने ही मुझे यहां आने के लिए प्रेरित किया.”

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दिबिसा ने इंग्लैंड की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज से अपना पोस्टग्रेजुएशन पूरा किया है. उनके पास दो अलग-अलग विषयों में मास्टर डिग्री है.

क्या बोले CM हिमंता?

शनिवार, 25 जुलाई को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान एक पत्रकार ने दिबिसा के प्रोटेस्ट में शामिल होने पर सवाल पूछा. इस पर हिमंता ने कहा,

"मेरे बच्चे जो कहते हैं, उसके लिए मैं कैसे जवाबदेह हो सकता हूं? मेरा अपना भाई भी मेरी किसी बात से सहमत नहीं है. मेरे बच्चे भी मेरी बहुत सी बातों से सहमत नहीं हैं… यहां जितने भी पत्रकार बीजेपी के खिलाफ रील बनाते हैं, उन सबके माता-पिता बीजेपी समर्थक हैं… उसने मोदी जी के खिलाफ बात की है और मुझे इस बात का दुख है. अगर कभी उससे मुलाकात हुई, तो मैं उससे भी बात करूंगा." 

उन्होंने कहा कि जब बच्चे बड़े हो जाते हैं, तो उनके कामों को उनके माता-पिता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

‘मेरा बेटा भी कुछ गलत कह दे तो… ’

 मुख्यमंत्री सरमा ने आगे कहा,

“अगर कल मेरा बेटा भी कुछ गलत कह दे तो हैरान मत होना. मेरा बेटा आगे चलकर वकील बनेगा और शायद उन लोगों का प्रतिनिधित्व करे जिन्हें मैं पसंद नहीं करता… उसने जो कहा वह गलत था, लेकिन इसके लिए हम लड़की से बात करेंगे. हम पिता को क्यों परेशान करेंगे? मैं उनके लगाए गए नारों से सहमत नहीं हूं. जब मैं उनसे अगली बार मिलूंगा, तो निश्चित रूप से इस बारे में बात करूंगा और उन्हें समझाने की कोशिश करूंगा कि उन्होंने जो कहा, वह सही नहीं था."

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NEET-UG पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब एक महीने तक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन चला. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांगों में से एक थी. 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे के साथ यह प्रोटेस्ट खत्म हो गया. उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी अब देश के शिक्षा मंत्री का भी काम देखेंगे. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्हें ये जिम्मेदारी सौंपी गई है.

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