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US जितना बता रहा है, उससे कहीं ज्यादा ईरान ने पहुंचाया है नुकसान! NYT रिपोर्ट से मचा बवाल

US Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेंटागन ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों और सैनिकों के घायल होने की पूरी जानकारी छिपाई. रिपोर्ट के बाद पेंटागन ने आरोपों को झूठा बताया. जानिए पूरा विवाद.

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अमेरिका-ईरान जंग में नया खुलासा! (फोटो- AFP)

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  • द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेंटागन ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए कई हमलों की जानकारी जनता से छिपाई।
  • यह आरोप युद्ध की तेज़ होती घटनाओं और अमेरिकी ठिकानों पर हुए लगातार हमलों के बीच सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर विवाद उत्पन्न होने के कारण उभरा है।
  • रिपोर्ट के बाद पेंटागन ने इसका खंडन किया है, जबकि इस मामले में आगे दस्तावेज़ सामने आने पर पारदर्शिता और सूचना नीति को लेकर बहस जारी रह सकती है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य हमलों तक सीमित नहीं रह गया है. अब इस जंग के बीच जानकारी छिपाने के आरोपों ने भी नया विवाद खड़ा कर दिया है. अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेंटागन ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए कई हमलों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की. रिपोर्ट के मुताबिक, कई सैनिक घायल हुए, हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन महीनों तक आम लोगों को इसकी पूरी तस्वीर नहीं बताई गई. अगर ये दावा सही साबित होता है तो सवाल सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि अमेरिकी सरकार की पारदर्शिता का भी बन जाता है.

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न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा, जंग के दौरान कई हमलों की जानकारी दबाई गई

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्डन में हुए एक बड़े हमले से पहले भी ईरान समर्थित हमलावरों ने अमेरिकी ठिकानों पर लगातार तीन हमले किए थे. दावा है कि इन हमलों में कई हेलीकॉप्टरों को नुकसान पहुंचा और दर्जनों अमेरिकी सैनिक घायल हुए. हालांकि, पेंटागन ने उस समय इन घटनाओं का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध शुरू होने के करीब पांच महीने बाद भी कई अहम जानकारियां सामने नहीं लाई गईं.

दो सैनिकों की मौत के बाद खुली परतें

मामले ने तब तूल पकड़ा जब जॉर्डन में हुए एक बड़े हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य सैनिक लापता बताया गया. इसी घटना के बाद सामने आया कि इससे करीब एक हफ्ते पहले भी अमेरिकी ठिकानों पर गंभीर हमले हुए थे. दावा किया गया कि उन हमलों में भी अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान हुआ, लेकिन आधिकारिक स्तर पर सीमित जानकारी ही साझा की गई. इसी वजह से अब पेंटागन की सूचना नीति पर सवाल उठ रहे हैं.

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पेंटागन ने रिपोर्ट को बताया झूठा और पक्षपातपूर्ण

रिपोर्ट सामने आने के बाद पेंटागन ने कड़ा पलटवार किया. पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यों से परे बताया. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से पेश करती है. सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक जानकारी में पेंटागन ने बताया कि 7 जुलाई के बाद से ईरानी हमलों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. विभाग का दावा है कि इनमें लगभग 96 फीसदी सैनिकों को मामूली चोटें आईं और इलाज के बाद वो दोबारा ड्यूटी पर लौट गए.

बढ़ता जा रहा है युद्ध का मानवीय नुकसान

इसी बीच युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है. हालिया घटनाओं के बाद इस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 17 बताई जा रही है. बढ़ती सैन्य क्षति और लगातार हो रहे हमलों ने अमेरिकी प्रशासन पर दबाव और बढ़ा दिया है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो सैन्य और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर चुनौतियां और गहरी हो सकती हैं.

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ट्रंप ने बताया जंग का सबसे बड़ा मकसद

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने NewsNation से बातचीत में मारे गए सैनिकों के प्रति संवेदना जताई. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का सबसे बड़ा लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. हालांकि, द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट और पेंटागन के जवाब के बाद अब बहस सिर्फ युद्ध की नहीं, बल्कि युद्ध के दौरान जनता को दी जाने वाली जानकारी की विश्वसनीयता पर भी केंद्रित हो गई है. आने वाले दिनों में अगर इस मामले में और दस्तावेज या आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो विवाद और गहरा सकता है.

वीडियो: आखिर क्या होगा अमेरिका-ईरान के बीच टकराव का नतीजा?

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