आपके पास एक नया क्रेडिट कार्ड आया है. इसके बाद आपके पास बैंक से कॉल आया है कुछ बेसिक चीजें बताने जैसे बिलिंग साइकिल, ऑफर्स, लिमिट वगैरा-वगैरा. कॉल के दौरान आपको बताया जाता है कि आपको कभी भी ओटीपी शेयर नहीं करना है. इसके बाद आपसे कहा जाता है कि अभी बैंक के आधिकारिक नंबर से आपको एक और कॉल आएगा. वही नंबर जो आपके क्रेडिट कार्ड के पीछे लिखा है. आप आश्वस्त होते हैं और फिर उसी नंबर से कॉल आ भी जाता है. फीडबैक के नाम पर आपसे एक ओटीपी ली जाती है और फिर आपके कार्ड से कांड (new credit card scam) किया जाता है.
क्रेडिट कार्ड का नया स्कैम जिसमें बैंक का टोल फ्री नंबर इस्तेमाल होता है
बैंक के टोल फ्री और आधिकारिक नंबर से कॉल आएगा और आपके क्रेडिट कार्ड से ठगी (new credit card scam) होगी. लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है. बिल्कुल हो सकता है अगर आपने जरा सी भी लापरवाही की तो.

ऐसा कैसे हो सकता है. पहली बात ये कि साइबर ठगों को आपके नए कार्ड का कैसे पता. दूसरा जब कॉल बैंक के आधिकारिक नंबर से आया तो फिर फ्रॉड कैसे हुआ. बताते हैं.
ठग को कैसे पता आपके कार्ड के बारे मेंठग को आपके नए पुराने क्रेडिट कार्ड से लेकर, आपका नाम, पता, फोन नंबर से लेकर आपकी पूरी वित्तीय कुंडली के बारे पता है. कैसे पता ये कहना वाकई मुश्किल है. माने डेटा एजेंसी से लीक हुआ या फिर उनके सिस्टम में सेंध लगाई गई. लेकिन उनके पास आपका डेटा है.
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नए क्रेडिट कार्ड वाला स्कैमएकदम अजीब किस्म के स्कैम को साझा किया है हमारे दोस्तundefinedने. जैसे हमने बताया कि आपको कॉल उसी नंबर से आएगा जो आपके कार्ड पर लिखा हुआ है. माने संदेह का कोई चांस नहीं. लेकिन जो आप बहुत गौर से माने बहुत ही गौर से देखेंगे तो पता चलेगा टोल फ्री नंबर वाले 10 डिजिट तो वही हैं जो कार्ड पर लिखे हैं मगर ये कॉल +1 वाले नंबर से आया है. माने 1800 200 4000 की जगह +1 1800 200 4000.
यानी ये बैंक का नहीं बल्कि साइबर ठगों का नंबर है. जाहिर सी बात है कि हम और आप इतना नोटिस नहीं करेंगे क्योंकि हमें जो पहला कॉल आया था उसमें बार-बार कार्ड पर लिखा नंबर याद करा दिया गया है. लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि रोज ही ठगी के नए तरीके निकाल लिए जाते हैं. इसलिए सबसे अच्छा यही है कि कॉल किसी भी नंबर से आए, आपने पर्सनल डिटेल और ओटीपी शेयर नहीं करना है.
बैंक या बैंक के कर्मचारी आपके कभी भी ओटीपी नहीं मांगते हैं.
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