पिछले तकरीबन 2 सालों में रासुका के ज्यादातर केसेज गोहत्या को लेकर ही आए हैं . प्रतीकात्मक तस्वीर
मध्य प्रदेश की बालाघाट पुलिस ने एक बड़े पशु तस्करी रैकेट का खुलासा किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस रैकेट में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के स्थानीय नेताओं का नाम भी आ रहा है. इन नेताओं के नाम मनोज परधी और अरविंद पाठक हैं. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारियों सहित 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इन लोगों पर आरोप है कि ये गायों और बैलों की तस्करी करके उन्हें महाराष्ट्र के बूचड़खाने में भेजते थे. पुलिस ने डेढ़ सौ से ज्यादा गायों और बैलों को बरामद किया है.
जंगल के रास्ते स्मगलिंग का नया रूट
इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब लालबर्रा पुलिस स्टेशन को खबर मिली कि कुछ नशे में धुत्त लोग बेलगांव और बकोदा का टोल पार करना चाहते हैं. इस टोल पर पशु तस्करों की भी चेकिंग की जाती है. मौके पर पुलिस पहुंची और पता चला कि पास के गांव में रहने वाले ड्राइवर के पास जरूरी कागजात ही नहीं हैं. पुलिस के मुताबिक 165 गायों और बैलों को जंगल के रास्ते मध्य प्रदेश के बकोदा गांव ले जाया जा रहा था. इसके बाद उन्हें सीमा पार करके नागपुर (महाराष्ट्र) के कसाईघर भेज दिया जाता. यह कार्रवाई 24 जनवरी की रात को की गई है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें मुख्य आरोपी मनोज परधी और अरविंद पाठक सहित अन्य 18 लोग हैं. इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 429 और मध्य प्रदेश गौवंश प्रतिशेध अधिनियम 2004, पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम और एमपी कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मनोज और अरविंद के अलावा 8 अन्य फरार हैं. पुलिस अधिकारी ने कहा,
मुख्य आरोपी मनोज परधी और अरविंद पाठक गायों और अन्य जानवरों की मौबाजार (बालाघाट में पशुबाजार) से खरीद करते थे. बाद में ये चरवाहों की मदद से मवेशियों को महाराष्ट्र सीमा पर मौजूद बोदालकासा गांव में ले जाते थे. यहां से एक व्यापारी पशुओं को महाराष्ट्र के बूचड़खानों में भेजता था.
जब इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष वैभव पवार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि
हमें अभी ऐसी जानकारी मिली है. हम इस मामले को देख रहे हैं और जांच के बाद ही कुछ कह सकते हैं.
स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब से मुख्य सड़कों पर से पशु तस्करों की धरपकड़ तेज हुई है तब से तस्करों ने जंगलों के रास्ते तस्करी करना शुरू कर दिया है.