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यूरेनियम या होर्मुज नहीं, ईरान-अमेरिका की डील 'जमे' हुए पैसे पर फंस गई?

अमेरिका के एक सीनियर अधिकारी ने इस मुद्दे पर अखबार से बात की. नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि हो सकता है आगे चलकर ईरान की इस मांग को फाइनल डील में शामिल किया जाए, लेकिन इससे पहले ईरान को अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम छोड़ना होगा.

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ईरान विदेशों में फ्रीज अपने फंड्स को फ्री करने की मांग पर अड़ा है. (फोटो- इंडिया टुडे)

ईरान-अमेरिका के बीच फाइनल डील लॉक नहीं हो पा रही है. अमेरिका जहां ईरान से यूरेनियम मांग रहा है, वहीं ईरान लगातार विदेशों में फ्रीज अपने अरबों डॉलर वापस करने की मांग पर सख्ती से अड़ा हुआ है. 

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एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता भी इन्हीं कारणों की वजह से फेल हो गई. बातचीत में ईरान अपनी मांगों में विदेशों में फ्रीज हुए पैसों को फ्री करने की मांग पर अड़ा रहा. इस तरह पाकिस्तान के ईरान-अमेरिका के बीच शांति स्थापित कराने के सपने पर पानी फिर गया. 

ईरान की मांग और डॉनल्ड ट्रंप के स्टैंड को लेकर अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट छापी है. इसके मुताबिक, ईरान के सरकारी मीडिया ने 26 मई को बताया कि विदेशों में फ्रीज ईरानी फंड दोनों देश की बातचीत में बड़ी अड़चन है. ईरान का यह भी कहना है कि जब तक उसके फ्रीज हुए पैसों को रिलीज नहीं किया जाएगा, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ पाएगी.

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अमेरिका के एक सीनियर अधिकारी ने इस मुद्दे पर अखबार से बात की. नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि हो सकता है आगे चलकर ईरान की इस मांग को फाइनल डील में शामिल किया जाए, लेकिन इससे पहले ईरान को अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम छोड़ना होगा. 

ईरानी सरकारी मीडिया और अमेरिकी अधिकारी के बयानों से एक बात तो साफ है कि दोनों ही देश अपनी-अपनी मांगों से पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं. दोनों के बीच आखिरी शांति समझौता होने में और भी समय लग सकता है.

बुधवार, 27 मई को डॉनल्ड ट्रंप ने एक मीटिंग के दौरान कहा कि अमेरिका के पास ईरान के पैसों का कंट्रोल है. और वो उन्हें तब तक फ्री नहीं करेंगे, जब तक ईरान सही से पेश नहीं आएगा. जंग की वजह से ईरान की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है. इसलिए वो लगातार विदेशों में फ्रीज अपने पैसों की मांग कर रहा है.

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ईरान की न्यूज एजेंसी तसनीम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेशों में करीब 24 अरब डॉलर (2 लाख 31 हजार करोड़ रुपये) फ्रीज हैं. ईरान इनमें से 12 अरब डॉलर (1 लाख 15 हजार 224 करोड़ रुपये) की मांग कर रहा है. पड़ोसी देश कतर में भी कुछ ईरानी फंड जमा है, जिसकी वजह से वो भी इस बातचीत में अहम भूमिका में है. इसी कड़ी में 25 मई को ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच एक बैठक भी हुई थी.

न्यूज एजेंसी की मुताबिक, फ्रीज हुए फंड को फ्री करने के लिए बात आगे बढ़ी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस डिटेल सामने नहीं आई है. बात ये भी है कि अगर फाइनल डील लॉक होने से पहले ईरान के फ्रीज हुए फंड्स को फ्री कर दिया जाता है , तो यह ट्रंप के लिए नई मुश्किलें खड़ा कर देगा.

वीडियो: ईरान की ड्रोन स्ट्रैटेजी कौन चुरा रहा? Shahed-136 की कहानी

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