वेस्ट एशिया में पहले से ही काफी टेंशन चल रही है. अमेरिका-ईरान की जंग कभी भी बड़ा रूप ले सकती है. इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सेना को एक ऐसा ऑर्डर दिया है, जिससे माहौल और बिगड़ सकता है. पीएम नेतन्याहू ने इजरायली सेना को 70 प्रतिशत गाजा पट्टी पर कंट्रोल लेने को कहा है. पहले से ही गाजा के लोग बेघर हो चुके हैं. पीएम नेतन्याहू का सेना भेजने का फैसला स्थिति को और खराब कर सकता है.
ईरान जंग के बाद नेतन्याहू की नजर फिर गाजा पर, अपनी सेना से कहा, '70% हिस्से पर... '
Hamas और Israel के बीच सीजफायर लागू है. समझौते के तहत हमास को अपने हथियार छोड़ने हैं. वहीं इजरायल को अपनी सेना को पीछे हटाना है. लेकिन नेतन्याहू लगातार अपनी सेना को आगे बढ़ने का आदेश दे रहे हैं.


इजरायली कब्जे वाले वेस्ट बैंक में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना धीरे-धीरे गाजा में आगे बढ़ रही है, हमास के खिलाफ उनके ऑपरेशन पहले की तरह आगे भी जारी रहेंगे. उन्होंने कहा,
‘हम फिलहाल गाजा के 60 प्रतिशत हिस्से में मौजूद हैं. पहले हमारे पास 50 प्रतिशत हिस्सा ही था. लेकिन अब 60 प्रतिशत है. सेनाओं को मेरा निर्देश है कि धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहें. पहले 70 प्रतिशत इलाके पर कब्जा करें. इसी से शुरुआत करते हैं.’
जब बेंजामिन नेतन्याहू गाजा पर कब्जे की बात कर रहे थे, तब भीड़ ने नारे लगाने शुरू कर दिए. भीड़ में से गाजा पर पूरी तरह कब्जा करने की मांग होने लगी.
पूरे गाजा पर कंट्रोल की मांगकुछ समय से इजरायल और हमास के बीच सीजफायर और नेगोशिएशन चल रहा है. लेकिन पीएम नेतन्याहू के इस तरह के आदेश के बाद ये सीजफायर एग्रीमेंट खतरे में दिख रहा है. सीजफायर एग्रीमेंट के तहत हमास को अपने हथियार सरेंडर करने हैं.
वहीं, इजरायली सेना को इसके तहत गाजा से बाहर निकलना है. हालांकि सीजफायर के बावजूद इजरायल अब भी गाजा का आधे से अधिक हिस्से पर कब्जा किए हुए है. हमास एक बहुत छोटे से तटीय इलाके में सिमट कर रह गया है. गाजा के मेडिकल डिपार्टमेंट के मुताबिक सीजफायर होने के बाद भी करीब 900 फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं.
अक्टूबर 2025 में हुए समझौते के मुताबिक, इजरायली सेना को 'येलो लाइन' से पीछे हटना है. येलो लाइन पर होने का मतलब भी करीब 53 परसेंट गाजा पर कब्जा है. लेकिन बीते हफ्ते हमास ने आरोप लगाया कि इजरायल धीरे-धीरे गाजा में अंदर बढ़ता जा रहा है. हमास ने ये चेतावनी दी है कि इजरायल का कोई भी कदम, तनाव कम करने की जगह और बढ़ा सकता है. दूसरी ओर लेबनान में अब भी इजरायली ऑपरेशंस जारी हैं. इजरायल ने दक्षिण लेबनान को एक कॉम्बैट जोन घोषित कर लोगों को जहरानी नदी के पीछे जाने को कहा है.
वीडियो: दुनियादारी: गाजा के लोगों को दूसरे देश में भेजने का प्लान क्या है?





















