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इसी हफ्ते घर आने वाले थे, शादी की बात कर था परिवार, राजौरी में शहीद हुए कैप्टन शुभम गुप्ता

कैप्टन गुप्ता के परिवार ने बताया कि दिवाली के मौके पर उन्होंने अपने बेटे से वीडियो कॉल पर बात की थी. पूरा परिवार उनके घर आने का इंतजार कर रहा था. लेकिन अब परिवार को उनके पार्थिव शरीर के घर आने का इंतजार है.

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना और आतंकवादियों के बीच 23 नवंबर की सुबह भी मुठभेड़ जारी है. (फोटो क्रेडिट - एएनआई)

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सेना और आतंकवादियों के बीच चल रही मुठभेड़ (Rajouri Encounter) 23 नवंबर को भी जारी है. धर्मसाल के बाजीमल इलाके में हो रही इस मुठभेड़ में अबतक सेना के 4 कर्मचारी शहीद चुके हैं. इनमें दो अधिकारी और 2 जवान शामिल हैं.

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इसी हफ्ते घर आने वाले थे कैप्टन गुप्ता

राजौरी में मुठभेड़ के दौरान कैप्टन शुभम गुप्ता शहीद हो गए. जब वे एक तरफ आतंकवादियों से लड़ रहे थे. तब उनका परिवार बेटे की शादी की बातें कर रहा था. और तभी कैप्टन गुप्ता के शहीद होने की खबर आई घर पर मातम छा गया.

कैप्टन शुभम गुप्ता आगरा के रहने वाले थे. उनके परिवार ने बताया कि दिवाली के मौके पर उन्होंने अपने बेटे से वीडियो कॉल पर बात की थी. वे इसी हफ्ते घर आने वाले हैं. पूरा परिवार उनके घर आने का इंतजार कर रहा था. लेकिन अब परिवार को उनके पार्थिव शरीर के घर आने का इंतजार है.

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पिता बसंत गुप्ता आगरा की जिला अदालत में डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट काउंसलर हैं. शुभम स्कूली पढ़ाई के दौरान ही सेना में जाने का मन बना चुके थे. 2015 में सेना में वो सेना में भर्ती हुए. अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 2018 में कमीशन्ड ऑफिसर बने. कैप्टन गुप्ता 9 पैरा स्पेशल फोर्स का हिस्सा बने. और देश की रक्षा करते-करते खुद के प्राण न्योछावर कर दिए. 

स्पेशल फोर्स तैनात

ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि राजौरी के बाजीमल इलाके में स्पेशल फोर्स की तैनात की गई है. सेना को यहां आतंकवादियों की गतिविधि होने की सूचना मिली थी. इसके बाद यहां 16 कोर कमांडर और राष्ट्रीय राइफल्स के रोमियो फोर्स के कमांडर ऑपरेशन की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं.

सेना को मिली विशेष खुफिया जानकारियों के आधार पर कालाकोट इलाके, गुलाबगढ़ जंगल और राजौरी में संयुक्त अभियान शुरू किया गया था. इस मुठभेड़ में दो आतंकवादियों के भी घायल होने की खबर सामने आई है.

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