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38 साल की महिला PM ने फोन पर ऐसा क्या कहा जो बात खुली तो सरकार ही खतरे में आ गई

Thailand की प्रधानमंत्री ने अपने बचाव में कहा कि ये उनके नेगोशिएशन का तरीका था. लेकिन उनके परिवार और कंबोडिया में शासन कर रहे हुन परिवार के पुराने रिश्तों के कारण, वो संदेह के घेरे में आ गईं.

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पत्रकारों से बातचीत के दौरान थाईलैंड की प्रधानमंत्री. (तस्वीर: AP, 19 जून)

थाईलैंड में एक फोन कॉल (Thai PM Phone Call) की रिकॉर्डिंग लीक होने के सियासी भूचाल मच गया. 17 मिनट की ये कॉल रिकॉर्डिंग थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा और कम्बोडियाई नेता हुन सेन की बातचीत का है. ये एक हाई प्रोफाइल फोन कॉल था जो लीक हो गया. अब थाईलैंड की प्रधानमंत्री की कुर्सी तो खतरे में है ही साथ ही उनकी सरकार के गिरने की भी आशंका है. 

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खतरे में थाईलैंड की सरकार

38 साल की शिनावात्रा ने इसके लिए माफी भी मांगी है. इसके बावजूद ‘फू थाई पार्टी’ के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार खतरे में है. गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी ‘भूमजैथाई पार्टी’ ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है. इसके बाद शिनावात्रा के पास मामूली बहुमत ही बचा है. गठबंधन की स्थिति नाजुक बनी हुई है, क्योंकि बाकी घटक दलों ने भी बैठकें शुरू कर दी हैं. सत्ता का गणित कुछ ऐसा है कि अब कोई भी अन्य पार्टी गठबंधन से समर्थन वापस लेती है तो सरकार गिर जाएगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्षी दल पीपुल्स पार्टी के नेता नत्थाफोंग रुएंगपान्यावुत ने संसद को भंग करने की मांग की है. अन्य विपक्षी दलों ने भी नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है.

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विवाद की जड़ में क्या है?

वैसे तो कंबोडिया और थाईलैंड के बीच दशकों से सीमा विवाद चल रहा है. लेकिन इस मामले की जड़ें पिछले महीने की एक घटना से जुड़ी हैं. 28 मई 2025 को सीमावर्ती क्षेत्र में एक सैन्य झड़प हुई, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई. इसके विरोध में कंबोडिया ने थाईलैंड पर कई प्रतिबंध लगाए. 

तनाव की इस स्थिति के बीच शिनावात्रा और हुन सेन की बातचीत हुई. आलोचकों का कहना है कि शिनावात्रा इस कॉल में हुन सेन को ‘अंकल’ कहकर संबोधित कर रही हैं और बिना जरूरत के अतिरिक्त सम्मान दे रही हैं. साथ ही वो सीमा विवाद संभालने वाले अपने ही एक सैन्य कमांडर की आलोचना कर रही हैं.

कॉल पर उन्होंने हुन सेन से ये भी कहा, ‘अगर आपको कुछ कहना हो तो सीधे मुझे बताएं, मैं उसका ख्याल रखूंगी.’ थाईलैंड की अब तक की सबसे युवा प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने अपने बचाव में कहा कि ये उनके नेगोशिएशन का तरीका था. 

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लेकिन उनके परिवार और कंबोडिया में शासन कर रहे हुन परिवार के पुराने रिश्तों के कारण, वो संदेह के घेरे में आ गईं. दरअसल, हुन सेन को शिनावात्रा का पारिवारिक मित्र माना जाता है. थाई प्रधानमंत्री के पिता थाकसिन शिनावात्रा और हुन सेन लंबे समय से एक दूसरे के सहयोगी रहे हैं. दोनों एक-दूसरे को ‘गॉडब्रदर्स’ कहते हैं. 

कॉल लीक हुआ कैसे?

शिनावात्रा जिसको नेगोशिएशन का तरीका बता रही हैं, हुन सेन ने उसका इस्तेमाल अलग तरीके से किया. हुन सेन लगभग चार दशक तक कंबोडिया पर शासन कर चुके हैं. साल 2023 से उनके बेटे हुन मानेट वहां के प्रधानमंत्री हैं. इसके बावजूद हुन ही राजनीतिक रूप से शक्तिशाली बने हुए हैं.

हुन ने इस रिकॉर्डिंग के एक हिस्से को लगभग 80 कंबोडियाई नेताओं के साथ शेयर कर दिया. इस पर थाईलैंड में बवाल मच गया. इसके बाद थाई विदेश मंत्रालय ने कंबोडियाई राजदूत को तलब किया और कॉल लीक होने की शिकायत करते हुए विरोध पत्र सौंपा. उन्होंने इस मामले को सुलझाने की मांग की.

इसके बाद हुन सेन ने 17 मिनट की पूरी क्लिप को फेसबुक पर अपलोड कर दिया. इसके बाहर आते ही शिनावात्रा के इस्तीफे की मांग होने लगी है.

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शिनावात्रा के इस्तीफे की मांग में विरोध प्रदर्शन करते लोग. (तस्वीर: AP, 19 जून)

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थाई पीएम ने माफी मांगी

मामले पर बवाल मचने के बाद थाई पीएम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने कहा,

मैं कंबोडियाई नेता के साथ मेरी बातचीत के लीक हुए ऑडियो के लिए माफी मांगना चाहती हूं. इससे जनता में नाराजगी पैदा हुई है.

शिनावात्रा के प्रधानमंत्री बने लगभग एक साल का ही समय हुआ है. थाईलैंड में कई बार तख्तापलट हो चुका है. अब शिनावात्रा को जिस तरह के विरोध का सामना करना प़ड रहा है, उनके लिए अपनी सरकार बचा पाना आसान नहीं होगा. 

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