हिंद रजब. गाजा में बच्चों के उत्पीड़न की प्रतीक. दो साल पहले छह रिश्तेदारों के साथ गोलीबारी में इस बच्ची की मौत हुई थी. आरोप इजरायली सेना (IDF) पर लगा था, जिसे उन्होंने नकार दिया था. इस घटना को दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद अब इजरायली सेना ने पहली बार माना कि उसने गाजा में 5 साल की हिंद रजब को ले जा रही गाड़ी पर गोली चलाई थी. IDF ने बताया कि इस मामले की आपराधिक जांच शुरू कर दी गई है.
हिंद रजब की गाड़ी पर चलाई थी गोली, बच्ची की हत्या के 2 साल बाद इजरायली सेना ने माना
साल 2024 की शुरुआती महीने में गाजा शहर में हिंद रजब और उसके परिवार के पांच सदस्यों की गोलीबारी में मौत हो गई थी. इजरायली सेना पर गोलीबारी का आरोप लगा था, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज किया था. लेकिन अब इजरायली सेना ने इस घटना की जांच कराने का फैसला किया है.

इजरायली सेना कराएगी हत्या की जांच
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले तो इजरायल ने इस बात से इनकार किया था कि उसके सैनिक उस इलाके में मौजूद थे, जहां हिंद रजब की हत्या हुई थी. लेकिन कई पत्रकारों की जांच के बाद इजरायली सेना ने माना कि उसने उस दिन गाजा में आतंकी ठिकानों पर रेड की थी. इस साल जनवरी में इजरायली अधिकारियों ने बताया था कि वे इस मामले की रिव्यू कर रहे हैं.
इजरायली सेना ने 20 अगस्त को एक बयान जारी कर बताया,
हम हिंद, उसके परिवार और पैरामेडिक्स की हत्याओं के साथ-साथ मार्च 2025 में मेडिकल स्टाफ और एक संयुक्त राष्ट्र कार्यकर्ता समेत 15 फिलिस्तीनियों की हत्या की आपराधिक जांच शुरू करेंगे.
हिंद की हत्या का जिक्र करते हुए IDF ने बताया कि फिलिस्तीन रेड क्रेसेंट एंबुलेंस के कोऑर्डिनेशन में फेल्योर के कारण, मिलिट्री पुलिस क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिवीजन ने घटना की आपराधिक जांच शुरू करने का फैसला किया है. IDF ने आगे बताया कि उसकी शुरुआती जांच में पता चला है कि उनके सैनिकों ने एक गाड़ी पर गोली चलाई थी, जो IDF प्रवक्ता की घोषणा की उल्टी दिशा में जा रही थी.
IDF ने पहले इनकार किया था
हालांकि इससे पहले IDF ने बार-बार कहा था कि हिंद की हत्या के समय उसका कोई भी सैनिक उस इलाके में मौजूद नहीं था. इस दावे पर जल्दी ही सवाल उठने लगे. बाद में IDF ने बताया कि उसने गाजा शहर के इलाकों में आतंकी ठिकानों पर रेड की थी. इनमें तेल अल-हवा भी शामिल है, जहां हिंद मौजूद थी.
गाजा शहर में हुई थी मौत
29 जनवरी, 2024 को हिंद रजब अपने चाचा और चाची के साथ एक कार में गाजा शहर से जान बचाकर भाग रही थी. उसके साथ उसके तीन कजन भी थे. इसी दौरान इजरायली सेना ने उनकी कार पर गोलीबारी की, जिसमें रजब के सभी परिजनों की मौत हो गई.
हिंद रजब और इमरजेंसी कॉल ऑपरेटर्स के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग्स से पता चला कि कार में केवल हिंद रजब ही जिंदा बची थी. इजरायली सेना से जान बचाने के लिए वो अपने रिश्तेदारों के शवों के बीच छिप गई थी. फोन पर वो गुहार लगा रही थी कि कोई उसको बचा ले, लेकिन अचानक गोलियों के चलने की तेज आवाजें आईं और फोन कट गया. इसके बाद इमरजेंसी कार्यकर्ता हिंद रजब से कनेक्ट नहीं कर पाए.
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कई दिनों बाद मिले शव
लड़ाई जारी रहने के चलते उस इलाके की तरफ जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया था. 11 फरवरी, 2024 को फिलिस्तीनी रेड क्रेसेन्ट सोसाइटी (PRCS) के हेल्थ वर्कर्स इस इलाके तक पहुंच पाए. उन्हें एक काले रंग की किया कार मिली जिसमें हिंद का परिवार ट्रैवल कर रहा था. कार की विंडस्क्रीन और उसके डैशबोर्ड पर लगा कांच टूट कर सड़क पर बिखरा हुआ था. कार पर दर्जनों गोलियों के निशान थे. इस कार से छह लोगों की लाशें मिली, जिसमें हिंद रजब की लाश भी थी. सभी के शरीर पर गोलियों के निशान थे.
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