भारतीय महिला हॉकी टीम ने वर्ल्ड कप में जगह पक्की कर ली है. टीम को अपने पूल राउंड के आखिरी मैच में इंग्लैंड के खिलाफ कम से कम ड्रॉ चाहिए था. भारतीय टीम ने वही किया. लेकिन मैच ड्रॉ होने का श्रेय उनके गोलकीपर्स को जाना चाहिए. जिन्होंने एक नहीं 12 पेनल्टी कॉर्नर सेव किए. पेनल्टी कॉर्नर का यह सिलसिला आखिरी 30 सेकंड तक जारी रहा. चीन ने इससे पहले मैच में साउथ अफ्रीका को 5 -1 से हराकर पूल डी में टॉप स्पॉट हासिल किया. भारत तीन मैचों में एक जीत और दो ड्रॉ के बाद दूसरे स्थान पर रहा.
भारत के गोलकीपर ने किए 12 सेव, Hockey World Cup के अगले राउंड में पहुंची टीम
पासिंग, गेंद पर कंट्रोल और पेनल्टी कॉर्नर बनाने और बचाने हर क्षेत्र में भारत संघर्ष करता नजर आया. भारतीय टीम को भी मैच में छह पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टूर्नामेंट से पहले शानदार फॉर्म में चल रही दीपिका और नवनीत उन्हें भुनाने में नाकाम रहीं.

पासिंग, गेंद पर कंट्रोल और पेनल्टी कॉर्नर बनाने और बचाने हर क्षेत्र में भारत संघर्ष करता नजर आया. भारतीय टीम को भी मैच में छह पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टूर्नामेंट से पहले शानदार फॉर्म में चल रही दीपिका और नवनीत उन्हें भुनाने में नाकाम रहीं. भारत ने शुरुआत में अटैकिंग खेल दिखाया. पहले क्वार्टर में भारत को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले. इसमें एक भी कॉर्नर को भारत गोल में नहीं बदल सका.
तीन पेनल्टी कॉर्नर गंवाने के बाद इंग्लैंड की टीम हरकत में आई. उन्होंने काउंटर अटैक शुरू किया. इसका फायदा उन्हें 10वें मिनट में मिला. इंग्लैंड की अनुभवी सोफी हैमिल्टन ने पहले पेनल्टी कॉर्नर पर शॉट लिया, लेकिन उनकी ड्रैग फ्लिक को रशर सुनेलिटा ने बचाया. इसके बाद ज्योति ने गेंद चतुराई से बाहर निकाल दी.
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हाफ टाइम 0-0 तक रहा स्कोरदूसरे क्वार्टर में भारत को 21वें मिनट पेनल्टी कॉर्नर मिला. नवनीत ने कप्तान सलीमा टेटे को पास दिया जिन्होंने किसी तरह गेंद को इशिका तक पहुंचाया. लेकिन गोल नहीं कर सके. भारत को चौथा पेनल्टी कॉर्नर 24वें मिनट में लालरेम्सियामी ने दिलाया. दीपिका ने दमदार फ्लिक भी लगाया लेकिन इंग्लैंड की गोलकीपर मिरियम प्रिचार्ड ने रोक दिया. दूसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में हावर्ड को येलो कार्ड मिला. अगले पांच मिनट इंग्लैंड दस खिलाड़ियों के साथ खेला, लेकिन भारत इसका फायदा नहीं उठा सका. हाफटाइम तक स्कोर 0-0 रहा. भारतीय खिलाड़ियों ने तीसरे क्वार्टर में ही पांच पेनल्टी कॉर्नर दे डाले. लेकिन इस समय भारतीय गोल में सविता पूनिया थीं, जिन्होंने इन्हें गोल में नहीं बदलने दिया.
इंग्लैंड को 37वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर सविता ने बखूबी बचाव किया. इंग्लैंड को 43वें मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वह भी सविता पूनिया को भेद नहीं पाए. भारतीय खिलाड़ियों की गलती का सिलसिला हालांकि जारी रहा. इंग्लैंड ने आखिरी दो मिनट में पूरी तरह आक्रामक रुख अपनाते हुए अपने गोलकीपर को हटा दिया, लेकिन फिर भी गोल नहीं कर सके.
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