‘छोटा ताबूत, बड़े ताबूत से भारी होता है.’ ऐसी ही एक तस्वीर ईरान की राजधानी तेहरान से आई है. तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में देश के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर रखा गया गया है. खामेनेई के ताबूत के बगल में एक और छोटा सा ताबूत रखा गया है, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. यह ताबूत अली खामेनेई की पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायगानी का है. इस दृश्य ने ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में मौजूद हर किसी को झकझोरकर रख दिया.
खामेनेई के बगल में छोटा ताबूत किसका? देखने वालों का 'कलेजा' फट गया
Iran पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार का प्रोग्राम शुरू हो गया है. इस बीच शोक सभा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों के दिलों को 'झकझोर' कर रख दिया है.


28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के ज्वाइंट हमले के वक्त जहरा मात्र 14 महीने की थीं. इस हमले में उनकी मौत हो गई. जहरा के अलावा ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कुछ और लोगों की मौत भी इसी हमले में हुई. ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में अली खामेनेई के साथ हमले में मारे गए उनके परिजन के भी ताबूत रखे गए थे.
जहरा के ताबूत ने खींचा सबका ध्यानइन्हीं ताबूतों के बीच 14 महीने की जहरा का भी एक छोटा ताबूत रखा गया. बच्ची के ताबूत के आगे उनकी फोटो रखी गई है. फोटो में छोटी सी मासूम जहरा अपने मुंह में निप्पल लिए हैं. जहरा के ताबूत ने इस जंग के बाद के हुए नुकसान को मार्मिक भावनाओं की ओर मोड़ दिया. खामेनेई और उनके परिवार के ताबूतों को ईरानी झंडे में लपेटा गया है. सैन्य और राजनीतिक सम्मान के साथ धार्मिक रीति-रिवाजों से भरे इस ‘कफन-दफन’ की प्रतिक्रिया में जहरा के ताबूत को देखकर लोगों को का मन द्रवित हो गया.
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ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 3 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई को पूरा हो जाएगा. इस दौरान दुनियाभर के तमाम राजनीतिक नेता और नागरिक अली खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. खामेनेई को 9 जुलाई को उनके पैतृक गांव मशहद में इमाम रजा के दरगाह के पास ‘सुपुर्द-ए-खाक’ किया जाएगा.
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