ईरान में दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को ‘सुपुर्द-ए-खाक’ करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मौजूदा ईरानी सरकार, नागरिक और दुनिया के तमाम देशों के प्रतिनिधि खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं. इन सबके बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का ईरान और अली खामेनेई पर ‘तंज’ कसने का सिलसिला नहीं थम रहा है. शनिवार, 4 जुलाई को अमेरिका अपना 250 वां स्वतंत्रता मना रहा है. इसके पहले शुक्रवार, 3 जुलाई को राष्ट्रपति ट्रंप माउंट रशमोर में आयोजित एक प्रोग्राम में शामिल हुए.
खामेनेई के जनाजे को भी नहीं बख्शा, ईरान को लेकर ये क्या बोल गए डॉनल्ड ट्रंप?
Iran में पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei को सुपुर्दे-खाक किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. देश में करीब 6 दिनों का अवकाश भी घोषित कर दिया गया है. लेकिन इस दौरान US के राष्ट्रपति Donald Trump का एक बयान काफी वायरल हो रहा है, जिसे लोग अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जोड़ रहे हैं.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोग्राम के दौरान ट्रंप ने सभा को संबोधित किया और हाल ही में ईरान-अमेरिकी जंग का जिक्र किया. ट्रंप ने ईरान के साथ जंग पर बात करते हुए कहा,
हमने ईरान की बहुत बुरी तरह से पिटाई की. वे समझौता करना चाहते हैं और इसके लिए वह बहुत बेताब हैं. हमने उन्हें (ईरान) अंतिम संस्कार करने के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी है क्योंकि हम अच्छे हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान पर लोगों ने ताली और सीटी बजाते हुए उनका ‘समर्थन’ किया. ट्रंप के इस बयान को अयातुल्ला अली खामेनेई के ‘कफन-दफन’ पर ‘तंज’ के तौर पर देखा जा रहा है.
ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में रखे गए ताबूतबता दें कि तेहरान के ‘ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद’ में खामेनेई और उनके परिवार का पार्थिव शरीर ताबूतों में रखा गया है. यहां लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी खामेनेई को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. इस दौरान तीनों नेताओं को भावुक होते देखा गया. इस्लामी परंपरा के मुताबिक, पार्थिव शरीर को 24 घंटे के भीतर ही ‘कफन-दफन’ कर दिया जाता है, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने जंग और सुरक्षा संबंधी कारणों की वजह से इसे टाल दिया था.
अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुक्रवार, 3 जुलाई से शुरू होकर गुरुवार, 9 जुलाई तक चलेगी. इस दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के साथ ईरान के कई शहरों में जुलूस निकाला जाएगा. इसे इराक के नजफ और कर्बला से होते हुए खामेनेई के पैतृक शहर मशहद ले जाया जाएगा. वहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ इमाम रजा के दरगाह के पास खामेनेई को ‘सुपुर्द-ए-खाक’ किया जाएगा.
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