क्या इंस्टाग्राम ‘अंतहीन’ स्क्रॉल्स की आदत का फायदा उठाकर बच्चों को शराब और ड्रग्स से भी ज्यादा खतरनाक एक लत की ओर ढकेल रहा है? लत चाइल्ड पोर्नोग्राफी की. ये सवाल इसलिए क्योंकि BBC की एक नई पड़ताल में ये बात सामने आई है कि भारत में इंस्टाग्राम अपने प्लेटफॉर्म के जरिए CSAM यानी ‘चाइल्ड सेक्शुअल अब्यूज मेटिरियल’ प्रोमोट कर रहा है. इसमें रेप वीडियो और चाइल्ड वीडियो जैसे टर्म्स के साथ ऐड चल रहे हैं और जैसे ही आप इन एड्स पर क्लिक करते हैं तो एक लिंक आपको टेलीग्राम चैनल्स पर लेकर जाता है. वहां ये वीडियो कभी फ्री में, कभी 30 रुपये में तो कभी 99 रुपये जैसी छोटी सी कीमत पर मिल जाते हैं.
इंस्टाग्राम एड दिखाकर भारत में 'चाइल्ड पोर्न' को प्रमोट कर रहा? रिपोर्ट में खुलासा
अमेरिका और यूरोप के बाहर, खासकर ग्लोबल साउथ में सुरक्षा से जुड़े निवेश पर खर्च में कंपनी ने काफी कटौती की है. यानी अमेरिका में यही कंपनी अलग तरीके से काम करती है और भारत में सेक्शुअल अब्यूज मेटिरियल बेचने के प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रही है.


रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत सरकार की तरफ से इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा को समन भेजने की बात कही जा रही है. क्या है ये पूरी केस? इस पर सरकार क्या कह रही है और भारत में बच्चों से जुड़े सेक्शुअल कंटेंट के नियम क्या कहते हैं? एक-एक कर सब समझते हैं.
रिपोर्ट में क्या है?3 जुलाई को बीबीसी ने अपने ‘EYE इन्वेस्टिगेशन’ सेक्शन में ये रिपोर्ट पब्लिश की. इसका टाइटल था, ‘द केयरलेस मशीन: इंस्टाग्राम्स डार्केस्ट सीक्रेट’. करीब 25 मिनट की इस रिपोर्ट में ये बताया गया कि इंस्टाग्राम पर किस तरह से सेक्शुअल अब्यूज कंटेट परोसे जा रहे हैं. रिपोर्टर दिव्या आर्या वीडियो की शुरुआत में कहती हैं कि वो ये स्टोरी तलाश नहीं रही थीं, लेकिन अचानक उनकी इंस्ट्राग्राम फीड पर एक ऐसा वीडियो आया जिसने उन्हें चौंका दिया. ये वीडियो सेक्शुल कंटेंट से जुड़ा था.
जैसे ही दिव्या ने इस वीडियो पर क्लिक करके इसे देखा तो एलगोरिद्म ने ऐसे और वीडियोज दिखाने शुरू कर दिए. हर स्क्रोल के साथ वीडियो के कंटेंट और अश्लील होते गए. कमाल की बात ये है कि दिव्या ने खुद इन वीडियोज को कभी सर्च नहीं किया था. अब अपनी इन्वेस्टिगेशन के लिए उन्होंने एक नया मोबाइल लेकर, उसमें एक नई आईडी बनाई और इन्हीं महिलाओं को सर्च किया. फिर हफ्ते भर में इंस्टाग्राम पर सेक्स वीडियो उनके सामने आने लगे. कुछ समय बाद ऐसे वीडियो फीड में आने लगे जिसमें बच्चे बड़ों के साथ यौन संबंध बनाने वाले हालात में थे.
इन ऐड्स के जरिए वीडियो बेचने की कोशिश हो रही थी. इनके साथ लिंक अटैच होते हैं और जैसे ही आप इन लिंक्स पर क्लिक करते हैं तो आप टेलीग्राम के चैनल्स पर लैंड होते हैं, जहां ये वीडियो खरीदने के ऑप्शन होते हैं. ऑप्शन कितने भद्दे हैं वो देखिए- ‘मां-बेटे के वीडियो’, ‘भाई-बहन के वीडियो’, ‘देसी वीडियो’, ‘रेप वीडियो’ और ‘बच्चों के वीडियो’.
इंस्टाग्राम ने नहीं हटाया वीडियोदिव्या के सामने एक ऐसा ऐड आया जिसमें एक आदमी एक छोटी बच्ची से जबरदस्ती यौन संबंध बना रहा था. बच्ची दर्द में थी. रो रही थी लेकिन वो लोग उस बच्ची के आंसुओं को बेचने से भी पीछे नहीं हटे. दिव्या ने जब इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को रिपोर्ट करने की कोशिश की तो जवाब आया कि ये उनकी गाइडलाइन्स का उल्लंघन नहीं करता. इसलिए इसे हटाया नहीं जा सकता. मेटा के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट ब्रायन बोलेंड ने इसी इन्वेस्टिगेशन में कहा,
इंस्टाग्राम का एलगोरिदम देखता है कि आपकी रूचि किस चीज में हैं. अगर आप किसी ऐसे वीडियो पर क्लिक करते हैं तो ये थोड़ी और लालसा पैदा करने वाले वीडियो दिखाने लगता है. ये आपकी फिक्र नहीं करता. ये पूरी तरह से लापरवाह मशीन है.
उनका कहना है कि अमेरिका और यूरोप के बाहर, खासकर ग्लोबल साउथ में सुरक्षा से जुड़े निवेश पर खर्च में कंपनी ने काफी कटौती की है. यानी अमेरिका में यही कंपनी अलग तरीके से काम करती है और भारत में सेक्शुअल अब्यूज मेटिरियल बेचने के प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रही है.
क्या इंस्टाग्राम कंटेंट को रिव्यू करता है?कोई भी ऐड जब इंस्टाग्राम पर अपलोड होता है तो एक ऑटेमेटेड रिव्यू सिस्टम से होकर गुजरता है. अब सवाल कि ये है कि न्यूडिटी और सेक्शुअल कंटेंट दिखाने वाले ऐड इस सिस्टम को कैसे बाइपास कर रहे हैं? क्या कंपनी ने जानबूझकर मुनाफा कमाने के लिए अपने नियमों में छूट दी है? बाैलैंड ने तो यहां तक आरोप लगाए कि ये सब कंपनी और मार्क जुकरबर्ग की नजर के सामने हो रहा है. मतलब उन्हें इन सब के बारे में पता है.
हालांकि, इसी रिपोर्ट के अनुसार मेटा ने कहा कि वो रेवेन्यू को सुरक्षा से ज्यादा तरज़ीह नहीं देते. इसके अलावा मेटा का कहना है कि उन्होंने साल 2025 में संदिग्ध काम कर रहे 40 लाख से ज्यादा अकाउंट्स हटाए हैं. टेलीग्राम ने कहा कि उन्होंने 2026 में अब तक CSAM से जुड़े 2,74,000 ग्रुप्स और चैनल्स हटाए हैं. भारत में आईटी एक्ट की धारा 67B के तहत इंटरनेट या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम पर बाल यौन शोषण से जुड़ी अश्लील सामग्री (या चाइल्ड पोर्नोग्राफी) को देखना, प्रकाशित करना, शेयर करना या सेंड करना गंभीर अपराध है. यानी भले ही आप कोई CSAM से जुड़ा वीडियो बना नहीं रहे, या अपलोड नहीं कर रहे, लेकिन अगर देख रहे हैं तो भी ये अपराध की श्रेणी में आता है.
यह भी पढ़ें: रील बनाओ पैसा कमाओ, इंस्टाग्राम दे रहा लाखों कमाने का मौका, ब्रांड भी ढूंढने की जरूरत नहीं
सरकार क्या कर रही है?दूसरी तरफ बीबीसी की ये रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत सरकार के भी कान खड़े हो गए हैं. सरकार एक्शन के मूड में दिखाई दे रही है. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने इस मामले में जवाब मांगने के लिए Meta के अधिकारियों को समन भेजने का निर्देश दिया है. मेटा के लिए इन दिनों भारत में वैसे ही दिन अच्छे नहीं चल रहे. हाल ही में सरकार ने वॉट्सऐप पर आने वाले 'यूज़रनेम' फीचर को लेकर भी Meta से जवाब मांगा था.
सरकार का कहना है कि इस फीचर से ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध बढ़ने की आशंका हो सकती है. अब एक नई और उससे भी ज्यादा गंभीर चीज सामने है. आप जब भी सोशल मीडिया पर न्यूडिटी से जुड़ा कंटेंट देखें और खासकर अगर वो बच्चों से जुड़ा हो तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें. सोशल मीडिया का संभलकर इस्तेमाल करें.
वीडियो: सोशल लिस्ट: Spoon vs Wall: इंस्टाग्राम का नया ट्रेंड वायरल, चम्मच से दीवार खोदी, आए Million Views














