ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कर दिया है कि कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के दबाव में नहीं झुकेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान की सेना का सामना करने के बजाय मासूम लोगों और नागरिक ठिकानों को निशाना बना रहा है. BRICS समिट के लिए नई दिल्ली में मौजूद मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान के लोगों को डरा-धमकाकर झुकाया नहीं जा सकता.
'अमेरिकी योद्धा, तो ईरानी सेना से लड़ें, मासूमों पर हमले क्यों?' भारत से ईरान ने US को खुली चुनौती दी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के आगे घुटने नहीं टेकेगा. उन्होंने अमेरिका पर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. और क्या कहा?

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार, 13 सितंबर को 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान घुटने नहीं टेकेगा. उन्होंने लिखा,
"अगर अमेरिकी योद्धा हैं, तो उन्हें हमारी बहादुर सेना का सामना करना चाहिए. वे आम लोगों के बुनियादी ढांचे, खाने-पीने की चीजों और रोजगार के जरियों पर हमला क्यों कर रहे हैं? अगर वे इंसान हैं, तो लोगों को पानी, खाना और दवाइयां क्यों नहीं मिलने दे रहे? हमारे लोगों को डरा-धमकाकर झुकाया नहीं जा सकता."
मसूद पेजेश्कियान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वे दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आए हुए हैं. इंडिया टुडे की ग्रुप एडिटर (विदेश मामले) गीता मोहन के साथ खास बातचीत में पेजेश्कियान ने कहा कि अगर हम जिंदा हैं, तो हमें जवाब देना होगा. जब हम मर जाएंगे, तब जवाब नहीं दे पाएंगे. इसलिए हम जिंदा हैं और जवाब देंगे.
होर्मुज बंदी पर क्या कहा?ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इस दौरान वह तरीका भी बताया, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खुल सकता है. उन्होंने कहा कि इसके लिए अमेरिका को अपनी नाकाबंदी हटानी होगी और अपनी हरकतें ठीक करनी होगी. पेजेश्कियान ने साफ-साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय नियमों के तहत यह रास्ता खोला जा सकता है.
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‘मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं’राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर जिंदा हैं और अपना काम कर रहे हैं. बकौल पेजेश्कियान,
“अमेरिका ने हमारे अधिकतर नेताओं को निशाना बनाया है. मोजतबा जिंदा हैं और अपना काम कर रहे हैं. अमेरिका मोजतबा का पता नहीं लगा पा रहा है. इसीलिए वो प्रोपेगेंडा फैला रहा है.”
फरवरी 2026 में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के ज्यादातर सदस्यों की मौत हो गई थी. अली खामेनेई के बेटे मोजतबा भी इस हमले में घायल हो गए थे. बाद में मोजतबा ने ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभाला. तब से मोजतबा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. न ही उन्हें कहीं देखा या सुना गया है.
ईरानी मीडिया की तरफ से उनका एक वीडियो जरूर जारी किया गया, जिसमें तारीख या जगह का जिक्र नहीं है. इंटरनेशनल लेवल पर वीडियो की सच्चाई की पुष्टि भी नहीं हुई. ऐसे दावे भी किए जाते हैं कि अमेरिकी हमलों के बाद वे कोमा में हैं, बुरी तरह घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है.
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