The Lallantop

ईरान ने हॉर्मुज का जिक्र कर भारतीय जहाजों को ब्लैकलिस्ट कर दिया, क्या आरोप लगाया?

Iran ने Strait Of Hormuz के नियमों को तोड़ने के आरोप में 2 Indian Vessels को Blacklist में डाल दिया है. इसके अलावा पाकिस्तान के भी 1 तेल टैंकर को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.

Advertisement
post-main-image
ईरान ने 45 जहाजों के साथ भारत के भी 2 जहाज को ब्लैकलिस्ट किया. (फाइल फोटो-इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले 45 जहाजों को ब्लैकलिस्ट किया है, जिनमें दो भारतीय जहाज 'दिशा' और 'महा रूस' शामिल हैं।
  • ईरान ने नियम उल्लंघन के आरोप के बाद जहाजों को ब्लैकलिस्ट किया है और कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार करने के लिए जहाजों को उसकी अनुमति और टैक्स देना होगा।
  • इन जहाजों को अब हॉर्मुज से गुजरने में बाधाओं, जुर्माने या कब्जे का सामना करना पड़ सकता है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले 45 जहाजों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. इनमें दो भारतीय जहाज भी शामिल हैं. ईरान ने इन जहाजों पर हॉर्मुज के नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया है. रविवार, 23 अगस्त को ईरान के ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट ऑथॉरिटी’ (PGSA) ने एक लिस्ट जारी की. इसमें ब्लैकलिस्ट हुए सभी 45 जहाजों के बारे में जानकारी दी गई.

Advertisement
ईरान ने भारतीय जहाजों को ब्लैकलिस्ट किया

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, PGSA ने अपनी लिस्ट में जिन दो भारतीय जहाजों को ब्लैकलिस्ट किया है, उनमें से एक LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) टैंकर ‘दिशा’ और दूसरा बल्क कैरियर ‘महा रूस’ है. लेकिन PGSA ने अपनी पोस्ट में यह साफ नहीं किया कि इन जहाजों ने ईरान का कौन सा नियम तोड़ा है. 

PGSA ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,

Advertisement

‘कुछ जहाजों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए जरूरी ईरानी नियमों का उल्लंघन किया है. भविष्य में इन जहाजों को होर्मुज से गुजरते वक्त रुकावटों का सामना करना पड़ेगा. इन पर जुर्माना लग सकता है, सीज किया जा सकता है या इन पर कब्जा भी किया जा सकता है.’

Iran
PGSA का पोस्ट

‘दिशा’ एक LNG टैंकर है. इसे भारत की सबसे बड़ी LNG इम्पोर्टर कंपनी पेट्रोनेट LNG ने किराए पर लिया है. इसे सुपर चिल्ड नेचुरल गैस को इम्पोर्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह सरकारी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) और कुछ विदेशी शिपिंग कंपनियों का ज्वॉइंट वेंचर है. ‘दिशा’ माल्टा के झंडे के नीचे चलती है. SCI इस टैंकर के कमर्शियल मैनेजर और मरीन इंटरनेशनल सेफ्टी मैनेजर के तौर पर काम करती है.

वहीं, ‘महा रूस’ की मालिकाना कंपनी पुणे की BG शिर्के कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी है. मुंबई की फाइव स्टार्स शिपिंग इस टैंकर की कमर्शियल और इंटरनेशनल सेफ्टी मैनेजर के तौर पर काम करता है. 

Advertisement

ईरान ने भारत के अलावा पाकिस्तान के लिए कच्चा तेल ले जाने वाले जहाज को भी ब्लैकलिस्ट किया है. सऊदी अरब, कतर, ग्रीस, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और नॉर्वे के जहाजों पर भी कार्रवाई हुई है.

यह भी पढ़ें: 'ट्रंप को तुर्किए में मारना चाहता था ईरान, होटल के कमरे तक की इंटेल थी', US अफसरों का दावा

इससे पहले  ईरान ने एक बात साफ की थी. उसने कहा कि जहाजों को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार करने के लिए उसकी परमिशन लेनी पड़ेगी. साथ ही सुरक्षा और अन्य सेवाओं के लिए टैक्स भी देना पड़ेगा.

ईरान अमेरिका के खिलाफ जंग में हॉर्मुज को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है. यहां लगातार बढ़ते तनाव और जारी रहने वाले ब्लॉकेड की वजह से दुनियाभर में तेल और एनर्जी की कीमतों में काफी उछाल आया है.

वीडियो: दुनियादारी: डॉनल्ड ट्रंप ने कनाडा पर टैरिफ क्यों लगाया?

Advertisement