इंडोनेशिया के बाली में एक 26 साल के स्विस टूरिस्ट को एक साल की जेल हुई है. टूरिस्ट पर आरोप है कि उसने ‘न्येपी’ त्योहार का अपमान किया. साथ ही हिंदू रीति-रिवाजों का उल्लंघन किया. आरोप ये भी है कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपमानजनक पोस्ट भी शेयर किया. हालांकि, कोर्ट में आरोपी ने कहा कि वह त्योहार से जुड़े नियमों को सही से समझ नहीं पाया था.
इंस्टाग्राम पर हिंदू त्योहार का किया 'अपमान', स्विस टूरिस्ट को जेल हो गई
Bali में हिंदू त्योहार का अपमान करने वाले स्विस टूरिस्ट को जेल हुई है. शख्स ने कोर्ट में कहा कि उसे त्योहार के पाबंदियों के बारे सही से जानकारी नहीं थी. उसने कोर्ट में देश के लोगों से माफी भी मांगी.

आरोपी की पहचान स्विट्जरलैंड के नागरिक लुजियन एंड्रिन जग्रागेन के तौर पर हुई है. वो पेशे से कंस्ट्रक्शन वर्कर है. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशिया में ‘न्येपी’ (Nyepi) नाम का त्योहार माना जाता है. इस दिन देशभर के लोग मौन व्रत रखते हैं और ध्यान करते हैं. इसलिए इस पर्व को ‘साइलेंस डे’ भी कहा जाता है. इस त्योहार के दिन पूरा द्वीप ही बंद रहता है. लोगों को 24 घंटे तक घर में रहना पड़ता है और ये सारे धर्म के लोगों को मानना होता है.
खास पर्व के दिन इंटरनेट का इस्तेमाल भी कम कर दिया जाता है. इंडोनेशिया का एयरपोर्ट भी बंद रहता है और बिजली का इस्तेमाल करना भी मना होता है. लुजियन पर आरोप है कि उसने एक वीडियो बनाई और अपने इंस्टाग्राम की स्टोरी पर पोस्ट किया. पोस्ट के कैप्शन में आपत्तिजनक कैप्शन भी लिखा. साथ ही त्योहार के दिन खाली पड़े बीच को ‘क्रेजी’ बताया. उसने वीडियो में कहा,
बाली के लोग हुए नाराजमैं बीच पर पहुंच गया. वे मुझे नहीं पकड़ पाए. चारों तरफ अंधेरा है. यहां कोई नहीं है. बहुत ही पागलपन भरा है.
लुजियन का वीडियो वायरल होने के बाद बाली के लोग नाराज हो गए. जिसके बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. NDTV ने न्यूज एजेंसी AP के हवाले से बताया कि मामला कोर्ट में पहुंचा. सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि आरोपी ने जो भी किया, उससे बाली के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है. उनकी आस्था को चोट पहुंची है, जिसके बाद लोगों का गुस्सा भड़का है.
आरोपी ने मांगी माफीलुजियन ने कोर्ट को बताया कि त्योहार के लिए नियम, कानून और पाबंदियों को गंभीरता से नहीं समझ पाया. उसका मकसद किसी भी रीति-रिवाज या बाली के लोगों का अपमान करना नहीं था. साथ ही उसने कोर्ट में बाली के लोगों से माफी भी मांगी.
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न्येपी त्योहार के दौरान बाली अपने सांस्कृतिक कानूनों को सख्ती से लागू करता है. अगर कोई विदेशी टूरिस्ट इन नियमों को तोड़ता है तो उसे फौरन गिरफ्तार किया जा सकता है. यहां तक कि देश से निकाला भी जा सकता है. या जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.
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