अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर अपना दावा ठोका है. उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज को ‘अमेरिका का नया इलाका’ बताया गया. इस अहम समुद्री रास्ते को लेकर ट्रंप ने अपना रुख और कड़ा कर दिया है. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता, तब तक यह रास्ता ऐसे ही बंद रहेगा.
प्रेसिडेंट ट्रंप ने होर्मुज पर ठोका दावा, फोटो शेयर कर कहा- 'अमेरिका का नया इलाका...'
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ‘Strait of Hormuz’ को अमेरिका का नया इलाका बताया है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच प्रेसिडेंट ट्रंप लगातार होर्मुज को लेकर दावे कर रहे हैं. अब उन्होंने एक नई फोटो शेयर की है.

डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार, 23 अगस्त को ट्रुथ सोशल' पर एक तस्वीर शेयर की. इस तस्वीर में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को अमेरिका का इलाका दिखाया गया.

यही तस्वीर ट्रंप ने 18 अगस्त को शेयर की थी. इससे पहले उन्होंने कहा था कि वे जल्द ही ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को अमेरिका के प्रभुत्व वाला इलाका घोषित कर सकते हैं. 14 अगस्त को एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा था,
"बहुत जल्द मैं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का इलाका घोषित कर दूंगा."
ईरान ने दिया जवाबइससे पहले ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने ट्रंप के दावों का जवाब देते हुए कहा था,
"स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने में अमेरिका की नाकामी और उस पर अपना मालिकाना हक जताने के दावे के बीच का अंतर, वाशिंगटन और स्ट्रेट के बीच की 7,000 मील की दूरी से भी ज्यादा है. फारस की खाड़ी में 'पोस्ट-अमेरिकन ऑर्डर' (अमेरिका के दबदबे के बाद के दौर) में आपका स्वागत है."

अमेरिका ईरान पर नए बैन लगाने की तैयारी कर रहा है. तेहरान का कहना है कि इससे उसकी इकॉनमी पर और दबाव पड़ सकता है और बड़े ट्रेडिंग पार्टनर (खासकर चीन) भी प्रभावित हो सकता है. अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ईरान के खिलाफ ‘इतिहास के सबसे कड़े बैन’ का ऐलान कर सकते हैं. उन्होंने चीन से यह भी अपील की है कि तेहरान के तेल निर्यात के मामले में वाशिंगटन की मदद करे.
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आर्थिक जंग का ऐलानइससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जो देश ईरान की आर्थिक या लॉजिस्टिकल मदद करेगा, उसे ‘भारी आर्थिक नतीजों’ का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, ट्रंप ने किसी देश का नाम नहीं लिया और न ही यह बताया कि ईरान के साथ लेन-देन जारी रखने वाले देशों पर वॉशिंगटन क्या प्रतिबंध लगाएगा.
ईरान और अमेरिका के बीच जारी करीब छह महीने लंबा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. दोनों देशों के बीच जून में हुआ 60 दिनों का अस्थायी युद्धविराम समझौता पूरी तरह विफल हो चुका है. शांति वार्ताएं टूटने और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर समुद्री नाकेबंदी के चलते दोनों तरफ से सैन्य तनाव चरम पर है. ईरान ने भी अब 'पूरी तरह आक्रामक' रुख अपनाने की चेतावनी दी है.
वीडियो: डॉनल्ड ट्रंप ने फिर किया बड़ा दावा, ‘होर्मुज पर हमारा कंट्रोल’









