"मेरे पति पूरी तरह बेकसूर हैं, उन्हें सिर्फ बलि का बकरा बनाया जा रहा है." यह दावा भारतीय कैप्टन अजय पंत (38) की पत्नी का है, जिन्हें ब्रिटेन ने जून 2026 में इंग्लिश चैनल से गिरफ्तार किया था. अजय अपने जहाज के साथ वहां से गुजर रहे थे. उन पर रूस पर लगे ब्रिटिश सैंक्शंस का उल्लंघन करने का आरोप है, क्योंकि वे अपने जहाज में ब्रिटेन द्वारा प्रतिबंधित रूसी कच्चा तेल लेकर जा रहे थे. अजय पंत पर ब्रिटेन की अदालत में 15 दिसंबर से मुकदमा चलाया जाएगा. दोषी पाए जाने पर उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है.
'उन्हें बलि का बकरा बनाया,' UK में गिरफ्तार भारतीय कैप्टन की पत्नी बोलीं, रूसी तेल ढोने पर पकड़ा
भारतीय कैप्टन अजय पंत पर प्रतिबंधित रूसी तेल ले जाने का आरोप है. उन्हें जून 2026 में ब्रिटेन ने English Channel से गिरफ्तार किया था. अब अजय की पत्नी ने उन्हें बेकसूर बताया है. ब्रिटेन में 15 दिसंबर से उन पर मुकदमा चलेगा. क्या है पूरा मामला?

शनिवार, 21 अगस्त को 36 साल की रितु पंत ने न्यूज एजेंसी AFP को दिए इंटरव्यू में कहा,
"मेरे पति को बस बलि का बकरा बनाया गया है. वे गलत समय पर गलत जगह पर थे."
अजय पंत की पत्नी ने कहा कि वे पीड़ित हैं और जमानत न मिलने की वजह से कैद में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. गिरफ्तारी के बाद हुई पहली फोन कॉल को याद करते हुए उन्होंने कहा,
"वे टूट चुके थे और बस रो रहे थे. उन्हें पता नहीं था कि उनके साथ क्या हुआ है... उन्होंने बस इतना कहा, मैं जेल में हूं, प्लीज मुझे बाहर निकालो."
क्या है पूरा मामला?14 जून को ब्रिटिश कमांडो ने एक हेलीकॉप्टर से रस्सी के जरिए नीचे उतरकर 'स्मर्टोस' नाम के एक तेल टैंकर को जब्त किया था. टैंकर पर बैन लगा हुआ था और उसके कैप्टन अजय पंत थे. ब्रिटेन के मुताबिक, यह जहाज रूस के 'शैडो फ्लीट' (गुप्त बेड़े) का हिस्सा है. यह ऐसे जहाजों का नेटवर्क है जिनके मालिक और बीमा की जानकारी साफ नहीं होती. आरोप है कि यूक्रेन पर हमले के बाद लगाए गए तेल प्रतिबंधों से बचने के लिए मॉस्को इनका इस्तेमाल करता है.
मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, 'स्मर्टोस' ने 5 जून को रूस के ‘उस्त-लुगा’ पोर्ट (रूस) से यात्रा शुरू की और बाल्टिक सागर से गुजरा. इसकी मंजिल मिस्र का पोर्ट ‘सईद’ था. जब यह फ्रांस और ब्रिटेन को अलग करने वाले समुद्री रास्ते ‘इंग्लिश चैनल’ से गुजर रहा था, तो ब्रिटिश कमांडो ने जहाज को रोक लिया. तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस ऑपरेशन को ‘रूस के लिए एक झटका’ बताया था.
‘आदेशों का पालन कर रहे थे’आरोप है कि अजय पंत जहाज के ‘मालिक’ (कैप्टन) थे और उन्हें इसके बारे में पता था. टैंकर में लगभग 98,000 टन तेल था. अजय के वकील ने अदालत को बताया कि कैप्टन जहाज के मालिक के कर्मचारी के तौर पर ‘बस आदेशों का पालन कर रहे थे’. उनकी पत्नी का भी कहना है कि उनकी जिम्मेदारी कार्गो को सुरक्षित रूप से उसकी मंजिल तक पहुंचाना था.
ये भी पढ़ें: रूसी तेल टैंकर बना 'पर्यावरण बम', अंदर 700 टन गैस-डीजल, लेकिन कोई क्रू नहीं
भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसके कांसुलर अधिकारियों ने अजय पंत से मिलकर उनका हाल-चाल जाना. उस जहाज के क्रू मेंबर्स में से वे ही एकमात्र ऐसे नाविक हैं जिन पर आरोप लगाया गया है. बाकी 24 क्रू मेंबर्स में से ज्यादातर को वापस भेज दिया गया है. स्मर्टोस अभी भी इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर लंगर डाले खड़ा है.
वीडियो: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास फंसे कैप्टन ने क्या बताया?










