सब दिमाग का फितूर क्या होता है, ये दिल्ली के जहांगीरपुरी में रहने वाले ओमप्रकाश से समझिए. उसे दिक्कत थी कि उसके सबसे छोटे बेटे की शक्ल उससे नहीं मिलती है. फिर उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक होने लगा और आखिरकार इसने डेढ़ साल के कर्ण और अपनी पत्नी शोभा को चाकू-हथौड़े से बेरहमी से मार डाला.
ओमप्रकाश ने अपने बीवी-बच्चे को हथौड़े से कुचलकर मार डाला
वजह जानकर अपनों से डर लगने लगता है.

इसे दिमाग का फितूर इसलिए लिखा है, क्योंकि ये अचानक गुस्से में की गई हत्या नहीं है. ओम के दिमाग में ये बात कई महीनों, कई बरसों से पक रही थी कि उसकी पत्नी उसे धोखा दे रही है. उसे बात करने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई, उसे कोई और तरीका नहीं सूझा. उसने हत्या कर दी.

अपने बड़े बेटे के साथ ओमप्रकाश
ओम और शोभा की शादी 2005 में हुई थी. शादी के कुछ वक्त बाद से ही दोनों में खटपट शुरू हो गई. परिवारवाले बताते हैं कि दोनों के बीच अक्सर लड़ाइयां होती थीं. हालत ये थी कि शोभा अधिकतर वक्त अपने मायके में ही रहती थी. इन दोनों के तीन बेटे हुए. आठ साल का राहुल, छ: साल का सुशांत और डेढ़ साल का कर्ण, जिसकी अब हत्या हो चुकी है. इसी के बारे में ओम को शक था कि ये उसका बेटा नहीं है, जबकि बाकी दोनों बेटे केस के गवाह हैं.
पत्नी अलग रह रही थी, फिर प्रेग्नेंट कैसे हो गई
पुलिस पूछताछ में ओम ने बताया कि जब उसका सबसे छोटा बेटा पैदा हुआ, उससे पहले वो अपनी पत्नी से अलग रह रहा था. कई महीनों तक मायके में रहने के बाद जब शोभा घर आई और बताया कि वो प्रेग्नेंट है, तो ओमप्रकाश उस पर शक करने लगा, क्योंकि उसके मुताबिक लंबे समय तक दोनों के बीच किसी तरह का रिलेशन नहीं था. इसी के बाद से झगड़े बढ़ गए और ओम यकीन करने लगा कि शोभा के किसी और के साथ सेक्शुअल रिलेशन में है.

ओमप्रकाश की पत्नी शोभा और बेटा कर्ण
चाकू और हथौड़े से कत्ल, रातभर लाशों के साथ सोया रहा
पत्नी और बच्चे की हत्या से कुछ दिन पहले ओम एक मीट व्यापारी के घर पुताई करने गया था. वहां से वो मीट काटने वाली बड़ी चाकू ले आया. सोमवार यानी 15 जनवरी की रात ओम ने कर्ण का सिर जोर से ज़मीन पर पटक दिया. जब शोभा बच्चे को बचाने आई, तो उसने पहले चाकू से और फिर हथौड़े से वार करके उसकी हत्या कर दी. इस दौरान उसके बाकी दोनों बच्चे डर से बिस्तर के नीचे छिपे रहे. वो जोर-जोर से रो रहे थे. ओम ने उन्हें भी डरा-धमकाकर चुप करा दिया.
फिर रातभर ओम दोनों लाशों के साथ सोता रहा. बाकी दोनों बेटों को भी यही करना पड़ा. सुबह जब ओम के भाई ने दरवाज़ा खटखटाया, तो ओम ने बताया कि शोभा अभी सो रही है. भाई के जाने के बाद ओम भागने की प्लानिंग करने लगा. प्लानिंग करते हुए ही जब वो बुधवार सुबह रेलवे स्टेशन के पास घूम रहा था, तो पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया. उसके दोनों बेटों ने पुलिस और परिवार के दूसरे लोगों को सारी बात बताई. पूछताछ में ओम ने बताया कि वो करीब 6 महीने से बच्चे की हत्या करने के बारे में सोच रहा था.
शोभा और कर्ण की डेड बॉडीज़बस होने ही वाला था दोनों का तलाक
ओम मूलत: यूपी के आगरा का रहने वाला है, लेकिन कई साल पहले अपने परिवार के साथ दिल्ली शिफ्ट हो गया था. ओम की बहन पूजा ने बताया कि करीब सात साल पहले दोनों के बीच तलाक की नौबत आ गई थी. ओम ने तलाक का केस डाला था और कोर्ट ने दोनों को 6 महीने का वक्त दिया था. लेकिन बाद में दोनों में से किसी ने शिकायत नहीं की और परिवार चलता रहा. पर अब जो हुआ है, उसके बाद तो परिवार की गुंजाइश भी खत्म हो गई है.
अब कुछ बेसिर-पैर की बात
बेसिर-पैर की ही समझिए, क्योंकि अब कुछ पहले जैसा तो हो नहीं सकता. अब ओम को कितना भी कुछ समझा लिया जाए या कोस लिया जाए, उससे वो बच्चा या शोभा वापस तो आ नहीं जाएगी. पर हां, जो लोग ओमप्रकाश बनने की तरफ बढ़ रहे हैं, उन्हें ज़रूर कुछ समझाइश दी जा सकती है.

पुलिस की गिरफ्त में ओमप्रकाश
अगर किसी को अपने पार्टनर पर शक है, तो दोनों आपस में बात कर सकते हैं, एक-दूसरे से अलग हो सकते हैं, कोर्ट-कचहरी कर सकते हैं, पर आप किसी की हत्या तो नहीं कर देंगे न. हम सभी इंसान हैं. होमोसेपियंस. और होमोसेपियंस होने का नुकसान ये है कि आप एक साथ कई लोगों से प्यार कर सकते हैं. करते ही हैं. कभी दूसरों से छिपाते हैं, कभी खुद से. ये ह्यूमन टेंडेंसी है, पाप नहीं. और क्या पता कि आपका पार्टनर आपको धोखा न दे रहा हो और ये सब आपके दिमाग का फितूर है.
ज़्यादा समस्या है या खुद को सही साबित ही करना है, तो DNA टेस्ट करा लो. विज्ञान ने सुविधा दे रखी है दूध-पानी अलग करने की. पर हत्या... डेढ़ साल के बच्चे की सिर पकटकर हत्या... 13 साल की शादी के बाद पत्नी की हथौड़े से हत्या... ये किसी दिमागी रूप से स्वस्थ इंसान का काम नहीं है. ये किसी पागल का काम है. ये पागलपन है.
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