यूपी के हाथरस में 2 जुलाई को एक धार्मिक सत्संग में भगदड़ मचने से बहुत बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं (Hathras Stampede). खबर लिखे जाने तक कमिश्नर की ओर से 116 लोगों की मौत की पुष्टि कर दी गई है. हादसे के बाद अस्पताल में लाशों का ढेर लगा हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक शवों की व्यवस्था की ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही की हार्ट अटैक से मौत हो गई है.
हाथरस हादसा: अस्पताल में शवों की व्यवस्था में लगे सिपाही की हार्ट अटैक से मौत
एटा के मेडिकल कॉलेज में एक सिपाही को शवों की व्यवस्था देखने के लिए ड्यूटी पर लगाया गया था. इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई.


2 जुलाई को हाथरस के रतिभानपुर में एक सत्संग कार्यक्रम चल रहा था. बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के समापन के दौरान भगदड़ मच गई. लोग बाहर निकलने की कोशिश में दूसरों को कुचलते हुए निकल गए. इस अफरातफरी में फंस गए बच्चे और महिलाएं. मृतकों में महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है. कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
आरोप लगाया जा रहा है कि सत्संग स्थल पर व्यस्थाएं इतनी लचर थीं कि भगदड़ के बाद शवों को अस्पताल पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ी, कोई बाइक पर तो कोई ऑटो में शव रखकर अस्पताल पहुंचा.
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान जब एटा मेडिकल कॉलेज में तैनात एक सिपाही की तबीयत बिगड़ गई. बताया गया कि हार्ट अटैक से सिपाही रवि यादव की मौत हो गई है. डॉक्टर ने सिपाही की मौत का कारण हार्ट अटैक को ही बताया है. उन्हें एटा मेडिकल कॉलेज आपात ड्यूटी पर बुलाया गया था. जहां उन्हें मृतकों के शवों की व्यवस्था देखनी थी.
सिपाही की मौत पर एटा पुलिस का बयान भी आया है. पुलिस की तरफ से कहा गया है कि क्यूआरटी ड्यूटी पर तैनात आरक्षी रवि की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था. यहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. इसके साथ ही पुलिस ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि शवों को देखकर सिपाही को हार्ट अटैक आया था.
हाथरस हादसे के बाद पीएम मोदी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है. वहीं, सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मुख्यमंत्री ने इस मामले में कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन आयोजकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की जांच के लिए एडीजी आगरा और कमिश्नर अलीगढ़ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन भी किया है. वहीं, हाथरस के जिला प्रशासन ने घटना की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आम लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 05722227041 तथा 05722227042 जारी किए हैं.
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