The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Hathras stampede satsang samiti organiser blame administration for poor management

हाथरस हादसा: सत्संग कराने वाली समिति का प्रशासन पर गंभीर आरोप

Hathras Stampede: मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इस बीच सत्संग में हुई भगदड़ पर आयोजन समिति से जुड़े महेश चंद्र ने आजतक से फोन पर बातचीत की है. उन्होंने कहा, "हमने जिला प्रशासन से अनुमति लेकर कार्यक्रम कराया था. कार्यक्रम में एक लाख से अधिक श्रद्धालु आयोजन स्थल पर मौजूद थे."

Advertisement
pic
2 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 07:36 PM IST)
Stampede at Hathras during religious program (photo-aajtak)
हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़. (फोटो-आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

यूपी के हाथरस में आयोजित धार्मिक सत्संग में भगदड़ मचने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई. मृतकों की संख्या को लेकर लगातार नई अपडेट्स सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि हादसे में मारे गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं. इस सम्मेलन का आयोजन मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति की ओर से किया गया था. समिति की ओर से सम्मेलन के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) थे. उनके साथ मुख्य कर्ता धर्ता में महेश चंद्र, अनार सिंह, संजू यादव, चंद्रदेव और रामप्रकाश आदि शामिल हैं.

सत्संग में हुई भगदड़ पर आयोजन समिति से जुड़े महेश चंद्र ने आजतक से फोन पर बातचीत की है. उन्होंने कहा, 

"हमने जिला प्रशासन से अनुमति लेकर कार्यक्रम कराया था. कार्यक्रम में एक लाख से अधिक श्रद्धालु आयोजन स्थल पर मौजूद थे. जब कार्यकम खत्म हुआ तब भगदड़ मच गई. भगदड़ की वजह से कीचड़ में लोग एक के ऊपर एक गिरते रहे, कोई संभालने वाला नहीं था. ये हादसा प्रशासन की कमजोरी की वजह से हुआ है."

उन्होंने आगे बताया, 

“कार्यक्रम में मैं भंडारे का काम देख रहा था. हाथरस में ये कार्यक्रम 13 साल बाद हुआ है. हमारे पास 3 घंटे की परमिशन थी. जहां इंतजाम किए गए थे, वहां बहुत भीड़ थी. कार्यक्रम में 12 से साढ़े 12 हजार सेवादार थे. हमने अपने स्तर पर पूरे इंतजाम किए थे. लेकिन, कार्यक्रम खत्म होते ही लोग एक साथ भागने लगे जिससे भगदड़ मची. बरसात के मौसम में कीचड़ की वजह से लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे थे. 1.30 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद ये घटना हुई है. हमने प्रशासन को अनगिनत श्रद्धालुओं के कार्यक्रम में पहुंचने की जानकारी दी थी. लेकिन वहां प्रशासन की तरफ से एंबुलेंस तक नहीं थी.”

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, हाथरस के डीएम आशीष कुमार ने भगदड़ में लगभग 50-60 लोगों की मौत की पुष्टि की है. डीएम के मुताबिक ये एक निजी कार्यक्रम था, जिसके लिए आयोजकों ने एसडीएम से अनुमति ली थी. वहीं, सीएचसी का कहना है कि इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 50-60 हो गई है. मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है.

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस हादसे का संज्ञान लिया है. उन्होंने ज़िला प्रशासन के अफ़सरों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का फ़ौरन इलाज किया जाए. साथ ही मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के लिए संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है. मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री - लक्ष्मी नारायण और संदीप सिंह - और मुख्य सचिव भी घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं.

वीडियो: 'आप कांग्रेस से डरते हो' Rahul Gandhi ने Shivraj Singh को उठकर जवाब दे दिया?

Advertisement

Advertisement

()