Flydubai की Flight FZ 1073 में कैप्टन मच्छार पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट को लेकर नई जानकारी सामने आई है. इजरायल के चैनल 16 के फौरन न्यूज एडिटर योसेफ इस्राएल के एक लाइव ब्रॉडकास्ट में पायलट के व्यवहार को लेकर कुछ दावे किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताहिक, आरोपी को-पायलट रिलिजियस एक्सट्रीमिस्ट यानी कट्टर धार्मिक व्यक्ति है. ये बात उसके साथ काम कर चुके पायलट ने बताई है. पुराने कलीग का कहना है कि आरोपी दिन में कई बार नमाज पढ़ता था और महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था.
फ्लाईदुबई फ्लाइट के ओमानी पायलट के कलीग का दावा, 'धार्मिक कट्टर...औरतों से हाथ नहीं मिलाता था'
Flydubai Flight Pilot: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में अपने को-पायलट पर चाकू से हमला करने वाले पायलट के बारे में नई जानकारी सामने आई है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमानी को-पायलट धार्मिक तौर पर काफी कट्टर था.

इजरायल ने भी इस घटना को जिहादी टेररिस्ट अटैक की कोशिश बताया है. इज़राइल की Ynet न्यूज़ के मुताबिक, मामले की जांच में मोसाद और शिन बेट जैसी सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एजेंसी को भी लगाया गया है. यहां एक बात साफ समझना जरूरी है. किसी का ज्यादा धार्मिक होना अपने-आप में यह साबित नहीं करता कि उसने विमान पर हमला क्यों किया. उसके हमले के पीछे असली वजह क्या थी? क्या उसका कोई आतंकी कनेक्शन था और क्या उसने पहले से इसकी प्लानिंग की थी? इन सारे जांच के बाद ही साफ होगा.
बेंजामिन नेतन्याहू का दावाइसी बीच इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी दावा किया है कि ओमानी को-पायलट ने इस्लामिस्ट रेडिकल एंडोक्नीनेशन यानी कट्टरपंथी सोच की ट्रेनिंग ली थी. नेतन्याहू ने Fox News को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि हमला करने वाले आरोपी पायलट ने कट्टरपंथी सोच की ट्रेनिंग ली थी. ऐसा लग रहा है कि वह आत्मघाती मानसिकता वाला था. नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि ऐसा लग रहा था कि हमलावर पायलट का इरादा विमान को गिराने का था.
नेतन्याहू ने इसी इंटरव्यू में आगे कहा कि पायलट को जब लोगों ने पकड़ लिया थ, तो उसने ‘Kill me, kill me’ भी कहा था. हालांकि, इस बयान के अलावा को-पायलट की मानसिक स्थिति या उसके इरादे को लेकर अभी तक कोई और स्वतंत्र जांच सामने नहीं आई है. नेतन्याहू ने कहा कि जांच में ये भी पता लगाया जा रहा है कि को -पायलट का कोई साथी था या नहीं? क्या इस हमले के पीछे ईरान का कोई संबंध था? उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इस बारे में ज्यादा जानकारी सामने आ सकती है.
क्या हमलावर का संबंध ईरान से?फिलहाल आरोपी से सऊदी अरब में पूछताछ की जा रही है. नेतन्याहू के मुताबिक, इसके बाद उसे संयुक्त अरब अमीरात ले जाया जा सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि इजरायल इस जांच पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर जांच में हिस्सा भी ले सकता है. हालांकि, अभी ये बातें नेतन्याहू के दावे हैं. को-पायलट ने हमला क्यों किया, क्या उसका मकसद सच में विमान गिराना था? क्या उसका ईरान या किसी आतंकी संगठन से कोई संबंध था? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिलेंगे.
अब इस मामले में एक और बड़ा सवाल उठ रहा है. आखिर एक ओमानी नागरिक को इजरायल जाने वाली इस फ्लाइट में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली? इजरायल और ओमान के बीच डिप्लोमेटिक रिलेशंस नहीं हैं. कुछ रिपोर्ट्स में इजरायल जाने वाली फ्लाइट्स में पायलट्स की नेशनलिटी को लेकर सवाल उठाया गया है. आरोपी के साथ काम कर चुके पायलट ने भी सवाल उठाया कि उसे इज़रायल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे दी गई.
योसेफ इज़रायल के मुताबिक, उस पायलट ने कहा कि हमने एक आतंकवादी को काम पर रखा था. करीब 180 लोगों की जान खतरे में डाल दी. हालांकि, ये उस पायलट की कही हुई बात है. फ्लाईदुबई के अंदर पायलट्स की ड्यूटी को लेकर क्या रूल्स हैं और आरोपी को इस फ़्लैट में ड्यूटी कैसे मिली, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है.
34 हजार फीट पर हमलाअब बात करते हैं कि 30 सितंबर को आखिर फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में हुआ क्या था. दुबई से तेल अवीव जा रही इस उड़ान में 174 यात्री सवार थे. करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान में अचानक कॉकपिट के अंदर दोनों पायलट के बीच हाथापाई शुरू हो गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमानी को पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया. विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की.
इसके बाद विमान करीब 17 हजार फीट नीचे आ गया. विमान से आपातकालीन संदेश भी भेजा गया. कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद कुछ यात्री और विमान में मौजूद दूसरे पायलट कॉकपिट के अंदर पहुंचे और आरोपी को काबू कर लिया. फ्लाईदुबई के दो ऐसे पायलट भी इस विमान में यात्री के तौर पर मौजूद थे, जिनकी उस समय ड्यूटी नहीं थी. उन्होंने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर आपातकालीन रूप से उतारा. विमान के उतरने के बाद कैप्टन स्मित और आरोपी पायलट, दोनों को अस्पताल ले जाया गया.
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अब इस पूरे मामले की जांच दो स्तर पर चल रही है. सबसे पहले सऊदी अरब में जांच हो रही है, क्योंकि विमान की आपातकालीन लैंडिंग वहीं हुई थी. इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है. जांच में ये पता लगाया जा रहा है कि इस घटना के पीछे कोई आतंकी गतिविधि थी या नहीं? क्या हमले की पहले से योजना बनाई गई थी और आखिर कॉकपिट के अंदर हुआ क्या था?
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