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Farmers Protest: पुलिसिया जोर के खिलाफ किसानों का देशी जुगाड़, सरकार संग फिर होगी बात, ट्रैफिक सिस्टम समझ लिजिए

Delhi Chalo March: किसानों को रोकने के लिए ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए. ऐसे ही एक ड्रोन का वीडियो वायरल है. किसानों ने ड्रोन से निपटने का एक देशी जुगाड़ खोज निकाला.

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शंभू बॉर्डर पर आंसू गैस के प्रभाव से बचने की कोशिश करते किसान. (तस्वीर साभार: PTI)

किसानों के दिल्ली कूच (Farmers Protest) का तीसरा दिन. 15 फरवरी को भी किसानों का जत्था अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश करेगा. इसको लेकर प्रशासन पहले से भी मुस्तैद हो गई है. सिंघू (Singhu border) और टिकरी बॉर्डर (Tikri border) को पूरी तरह सील कर दिया गया है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से  दिल्ली में यात्रियों का स्वागत करने वाले बोर्ड भी हटा दिए गए हैं. किसानों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुए संघर्ष की कई सारी वीडियोज सामने आई हैं. इस दौरान किसानों को देशी जुगाड़ लगाते देखा गया. 15 फरवरी को एक बार और किसान और सरकार के बीच बातचीत होनी है.

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इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े अर्नबजीत सूर और उपासिका सिंघल की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंघु बॉर्डर पर CRPF और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों सहित 2 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे. पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेड्स में और अधिक लेयर्स जोड़ दिए हैं. उन्हें रेत की बोरियों और कंटीले तारों से और अधिक मजबूत किया गया है. इतना ही नहीं, किसानों को रोकने के लिए सड़कों और गलियों को खोदकर गड्ढा भी बनाए गए हैं.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एक्सप्रेस को NHAI से दिल्ली में यात्रियों का स्वागत करने वाले बोर्ड को हटाने का कारण बताया. कहा कि बोर्ड इसलिए हटाया गया है ताकि आंसू गैस के गोले उससे टकराए नहीं और आंदोलकारियों तक ना पहुंचे.

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ये भी पढ़ें: किसानों को लाठी और मिर्च से रोकने की तैयारी, दिल्ली पुलिस ने लाउडस्पीकर पर और क्या कहा?

टिकरी बॉर्डर पर कैसे रहे हालात?

टिकरी बॉर्डर पर अर्ध-सैन्य बलों की पांच-सात कंपनियों के साथ दिल्ली पुलिस के लगभग 200 जवान तैनात रहे. पुलिस ने यहां निगरानी रखने के लिए स्टील पैनल पर स्पीकर और 6 नए CCTV कैमरे भी लगाए.

टिकरी बॉर्डर पूरी तरह सील रहने के कारण दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रोहतक हाईवे रोड के ट्रैफिक को डाइवर्ट करके नजफगढ़ के झरोदा कला से रोहतक व बहादुरगढ़ की तरफ मोड़ दिया है. टिकरी बॉर्डर पर पहुंचने वाले वाहनो को टिकरी कला मेट्रो स्टेशन से पहले ही दाहिने तरफ नजफगढ़ की ओर जाने वाली रोड पर मोड़ दिया गया है. जो टिकरी गांव से पीबीसी गोदामो को पार करते हुए झड़ौदा कला की तरफ जाती है. इस डायवर्सन को कई हिस्सों में बांटा गया है. पहला डायवर्सन नागलोई से नजफगढ़ होते हुए जड़ौदा कला की तरफ जाता है. दूसरा डायवर्सन हिरण कूदना मोड़ और तीसरा डायवर्सन नीलवाल गांव की तरफ से झरोदा कला की ओर जाता है. इस ट्रैफिक डायवर्सन से रोहतक हाईवे रोड पर आने जाने वाला भारी यातायात कई हिस्सों में बट गया है. इससे रोहतक हाईवे रोड पर भीषण ट्रैफिक जाम से थोड़ी कमी आई है.

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गाजियाबाद में किसानों को रोकने के लिए गाजीपुर के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगभग 100 मीटर की दूरी पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं. वहां ट्रक और क्रेन जैसे भारी वाहन खड़े किए गए हैं.

एक्सप्रेसवे से सटी दिल्ली की ओर आन वाली दोनों सर्विस लेन को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है. गाड़ियों को यहां से दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया जा रहा है. नोएडा में भी पुलिस ने अलग-अलग बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की है. किसान अगर दिल्ली की ओर मार्च करते हैं तो यहां भी ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा.

पतंग उड़ाकर ड्रोन गिराया

किसानों को रोकने के लिए ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए. ऐसे ही एक ड्रोन का वीडियो वायरल है. किसानों ने ड्रोन से निपटने का एक देशी जुगाड़ खोज निकाला. शंभू बॉर्डर पर किसानों को पतंग उड़ाकर ड्रोन को गिराने की कोशिश करते देखा गया.

इससे पहले भी किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत हुई थी. चंडीगढ़ में भी बैठक हुई. लेकिन बातचीत बेनतीजा रही. अब फिर से सरकार किसानों से बातचीत करने वाली है.

वीडियो: दिल्ली सरकार ने बवाना स्टेडियम में जेल बनाने के प्रस्ताव को नकारा, इसके पीछे क्या कारण बताया?

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