ईडी ने मानगलवार को मनी लौंडरिंग के केस में ललित गोयल को गिरफ्तार किया है (साभार: इंडिया टुडे)
टाइकून. बड़े और ताकतवर उद्योगपतियों के लिए ये शब्द इस्तेमाल होता है. ऐसे ही एक कारोबारी हैं IREO Group के चेयरमैन ललित गोयल. रियल एस्टेट टाइकून कहते हैं लोग इन्हें. खबर है कि ललित गोयल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है. ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में की गई है. अरेस्ट करने से पहले ED ने ललित गोयल को 4 दिन हिरासत में भी रखा था.
दिल्ली एयरपोर्ट पर धरे गए थे
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक मामला चंडीगढ़ में पैसों को लेकर हुए एक फ्रॉड से जुड़ा है. इसी सिलसिले में ED ने पिछले हफ्ते ललित गोयल को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया था. गोयल के खिलाफ एक लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था. LOC का इस्तेमाल
अधिकारियों द्वारा ये जांचने के लिए किया जाता है कि यात्रा करने वाले किसी आदमी को पुलिस या कोई और जांच एजेंसी पकड़ना चाहती है या नहीं. LOC के जरिये अक्सर हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर जांच की जाती है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ललित गोयल के बारे में जानकारी मिली थी कि वो फ्लाइट पकड़ कर देश से बाहर जाने वाले थे. लेकिन उससे पहले ही ईडी ने उन्हें एयरपोर्ट सिक्योरिटी की मदद से धर लिया. बाद में उनसे चंडीगढ़ वाले फाइनेंशियल फ्रॉड मामले में पूछताछ की गई.
पहले क्या आरोप लगे?
IREO 2010 से ही जांच के घेरे में रही है. कंपनी पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट ऐक्ट यानी फेमा के नियमों के उल्लंघन का आरोप है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी ने कथित रूप से घर खरीदारों से मिले पैसों, निवेश और शेयरहोल्डिंग्स के जरिये 570 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम इकट्ठा कर ली और उन्हें एक ऑफशोर ट्रस्ट को ट्रांसफर कर दिया. होमबायर्स को उनके घर नहीं सौंपे गए. कई अमेरिकी निवेशक कंपनियां भी ललित गोयल पर धोखाधड़ी के आरोप लगा चुकी हैं. हालांकि ललित गोयल और उनके वकील तमाम आरोपों को खारिज करते रहे हैं.
पैंडोरा पेपर्स में भी था ललित गोयल का नाम
हाल ही में चर्चा में रहे पैंडोरा पेपर्स में भी ललित गोयल का नाम सामने आया था. भारत में इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने पैंडोरा पेपर्स से जुड़ी रिपोर्टें प्रकाशित की थीं. ऐसी ही एक रिपोर्ट के मुताबिक ललित गोयल ने कथित रूप से एक ट्रस्ट और चार संस्थाओं के जरिए करीब 572 करोड़ रुपये ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में ट्रांसफर करवाए थे. बता दें कि जिन लोगों के नाम पैंडोरा पेपर्स में सामने आए हैं, भारत सरकार ने उनके खिलाफ जांच करने के आदेश दिए हैं.