टीम इंडिया 15 अगस्त से श्रीलंका में होने वाले टेस्ट मैच के लिए तैयार है. जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के चोट के कारण बाहर होने से टीम के लिए थोड़ी मुश्किलें तो जरूर बढ़ी हैं. लेकिन, टीम ने इन सवालों के जवाब भी लगभग ढूंढ लिए हैं. गॉल में होने वाले इस मैच में मोहम्मद सिराज बॉलिंग यूनिट को लीड करने के लिए तैयार हैं. वहीं, कप्तान शुभमन गिल के ऊपर टीम के बैटिंग यूनिट का दायित्व है. साई सुदर्शन के नंबर 3 वाले स्पॉट की चिंता देवदत्त पडिक्कल ने दूर कर दी है. लेकिन, एक सवाल अब भी जिसका जवाब कोच गौतम गंभीर को 15 अगस्त से पहले ढूंढना है.
सरफराज खान या ध्रुव जुरेल? प्लेइंग XI की रेस में कौन होगा कोच गंभीर की पहली पसंद
Team India Playing XI : टीम इंडिया 15 अगस्त से होने वाले टेस्ट मैच के लिए गॉल पहुंच चुकी है. इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि नंबर 6 पर Sarfaraz Khan और Dhruv Jurel के बीच कौन कोच Gautam Gambhir की फर्स्ट चॉइस होगा.

सवाल ये कि नंबर 5 पर किसे खिलाया जाए? ध्रुव जुरेल पर एक और सीरीज के लिए भरोसा जताना सही होगा? या साई सुदर्शन की जगह बतौर रिप्लेसमेंट आए सरफराज खान को वापस प्लेइंग XI में जगह दी जाए? वैसे जब सुदर्शन बाहर हुए थे, तब सबसे आगे नाम ऋतुराज गायकवाड़ का चल रहा था. लेकिन, मौका सरफराज खान को मिला. उनके सेलेक्शन का फैसला कई मायनों में चौंकाने वाला था. पिछले महीने इंडिया ए के टूर पर वो टीम को हिस्सा नहीं थे. लेकिन, स्पिन फ्रेंडली ट्रैक्स पर उनके रिकॉर्ड ने उन्हें फर्स्ट चॉइस बना दिया.
सरफराज को क्यों अचानक लाया गया?सरफराज की जिस तरह से वाइल्ड कार्ड एंट्री हुई है. उससे ये भी साफ है कि वो सिर्फ एक रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं आए हैं. टीम मैनेजमेंट के दिमाग में कुछ खिचड़ी जरूर पक रही है. पिछले साल साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद टीम इंडिया की ये पहली टेस्ट सीरीज है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने के लिहाज से भी ये सीरीज काफी जरूरी है. ऐसे में बहुत हैरानी नहीं होगी अगर उन्हें ध्रुव जुरेल की जगह प्लेइंग XI में मौका मिले.
ध्रुव पिछले महीने श्रीलंका टूर पर बतौर इंडिया ए के कप्तान आए थे. इस दौरान उन्होंने नाबाद 14। रनों की एक दमदार पारी भी खेली थी. साथ ही एक हाफ सेंचुरी भी लगाई थी. लेकिन, हाल ही में हुए प्रैक्टिस मैच में वो कुछ खास योगदान नहीं दे सके. पहली इनिंग्स में उन्होंने महज 1 रन बनाया. वहीं, दूसरी इनिंग्स में वो सिर्फ 17 रन जोड़ सके. इस दौरान ध्रुव की टेक्निक में एक बड़ी समस्या उजागर हुई. पिछले साल साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी ये प्रॉब्लम नज़र आई थी.
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ध्रुव की बड़ी कमजोरी उजागरदरअसल, ध्रुव ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ एक ऑकवॉर्ड पोजिशन में चले जाते हैं. वो टर्निंग ट्रैक्स पर ज़्यादा फुट मूवमेंट नहीं करते हैं. साथ ही स्वीप और रिवर्स स्वीप शॉट भी उनकी फर्स्ट चॉइस नहीं होती है. अक्सर टर्निंग ट्रैक्स पर वो वेटिंग गेम में चले जाते हैं. मतलब वो खराब बॉल का इंतजार करने लगते हैं. समस्या ये है कि बॉलर्स को इसके कारण ये पता चल जाता है कि ध्रुव अटैक नहीं करेंगे. वो लगातार एक टिप्पा पर उन्हें परेशान करने में सफल हो रहे हैं.
पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ साइमन हार्मर के खिलाफ भी यही समस्या दिखी थी. प्रैक्टिस मैच में रमेश मेंडिस ने उन्हें इसी तरह फंसाया. हालांकि, इससे पहले ध्रुव जुरेल की स्पिन के खिलाफ बैटिंग की तारीफ होती थी. लेकिन, लगातार दूसरी बार उन्हें ऑफ स्पिनर के खिलाफ स्ट्रगल ने कोच गंभीर के मन में भी डाउट जरूर क्रिएट किया होगा. यही कारण है कि नंबर 6 पर सरफराज खान की दावेदारी बहुत मजबूत नज़र आ रही है.
सरफराज नेट सेशन में कर पाएंगे इम्प्रेस?सरफराज डोमेस्टिक सर्किट में स्पिन के खिलाफ अपने एग्रेसिव अप्रोच के लिए जाने जाते हैं. स्वीप और रिवर्स स्वीप उनके पके-पकाए शॉट हैं. साथ ही उनका फुट मूवमेंट भी स्पिन के खिलाफ बहुत अच्छा है. हाल में उन्होंने कोई रेड बॉल क्रिकेट नहीं खेला है. लेकिन, बॉल सॉफ्ट होने के बाद उस पर रन निकालने की क्षमता उन्हें रणजी ट्रॉफी में मुंबई का फर्स्ट चॉइस नंबर 5 जरूर बनाती है. अभी हाल की बात करें तो, उन्हें चेन्नई सुपरकिंग्स ने IPL में भी स्पिन के खिलाफ उनके स्कोर करने की क्षमता को देखकर ही टीम में शामिल किया था.
श्रीलंका में, अगर बॉल टर्न होती है. खासकर गॉल में तो सरफराज की यही काबिलियत उन्हें फर्स्ट चॉइस बना देता है. पैरों का तेजी से इस्तेमाल करने के अलावा, स्पिनर्स के खिलाफ उनका खेल काफी समझदारी भरा होता है. सोच-समझकर जोखिम लेना उनके स्वभाव में है. जब बॉल सॉफ्ट हो जाती है और रन बनाना मुश्किल हो जाता है, तो सरफराज से बेहतर विकल्प खोजना मुश्किल होता है. अगर मेजबान टीम टर्निंग पिचें चुनती है, तो श्रीलंका में सावधानी और आक्रामकता के बीच सही संतुलन बनाने की काबिलियत की जरूरत होगी.
सरफ़राज़ के पास अपना टैलेंट टीम मैनेजमेंट को दिखाने के लिए सिर्फ़ दो नेट सेशन हैं. चूंकि, जुरेल को शुरू में ही चुना गया था, इसलिए टीम शायद उन्हीं के साथ आगे बढ़े. लेकिन, सरफ़राज़ के आने से मामला अब इतना सीधा-साफ़ नहीं रह गया है.
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