अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सफेद झंडा लहराया है. आखिरकार उन्हें याद आ गया कि बातचीत भी एक रास्ता हो सकता है. वे ईरान के साथ जल्द से जल्द डील करना चाहते हैं. ट्रुथ सोशल पर उन्होंने पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका ने ईरान पर ज़ोरदार हमले की तैयारी की थी. बताया कि दहशत का वो मंज़र होता जैसा दुनिया ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद कभी नहीं देखा था. लेकिन उन्होंने ईरान के ही कहने पर अपना मन बदल लिया. अब दोनों देशों के बीच आज यानी 3 अगस्त को फिर बातचीत शुरू होगी.
ईरान पर दूसरे विश्व युद्ध जैसा हमला होने वाला था... ट्रंप ने बताया आखिरी समय क्यों पलटा आदेश
US-Iran peace deal: डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि वे डील के लिए तैयार हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान पर ज़ोरदार हमले के लिए तैयार था, लेकिन अब दोनों देशों के बीच 3 अगस्त को बातचीत होगी.

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकारों से बात करते हुए प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा, 'हम हमले के लिए पूरी तरह तैयार थे. लेकिन तभी हमारे समर्थक देशों और यहां तक कि खुद ईरान ने हमसे रुक जाने को कहा. हम डील करना चाहते हैं. हमले में मासूमों की जानें जातीं, हम नहीं चाहते कि ऐसा हो.'
पोस्ट में हमले की धमकीडॉनल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट की शुरुआत एक धमकी से की. लिखा कि अमेरिका अपनी पूरी ताकत और शक्ति से ईरान पर हमला करने की तैयारी कर चुका था. ये दूसरे विश्व युद्ध के बाद इस तरह का पहला हमला होता. आगे लिखा,
‘ईरान और कुछ मिडिल ईस्ट देशों के कहने पर हमने हमला टाल दिया. बशर्ते डील में जो बातें लिखीं गईं थीं उनपर अमल हो. इसमें सबसे पहला नाम स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज का है. उसे तत्काल प्रभाव से खोला जाए. साथ ही ईरान पूरी तरह खुद को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से दूर कर ले. इन्हीं शर्तों पर ये हमला रोका गया है. मैं इजरायल की भी गारंटी लेता हूं कि वो हमला नहीं करेगा.’

प्रेसिडेंट ट्रंप ने जल्द से जल्द होर्मुज खोलने की मांग की है. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब, UAE और क़तर ने ट्रंप से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में चल रहे तनाव को लेकर बात की है. सऊदी अरब की एक न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 2 अगस्त को ट्रंप को फोन मिलाया था और जंग रोकने की अपील की थी.
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ईरानी स्टेट मीडिया के मुताबिक, ईरान सऊदी अरब और पाकिस्तान से बात कर रहा है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची सऊदी में फैसल बिन फरहान और पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ कूटनीतिक बातचीत कर रहे हैं. ओमान के साथ भी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में नए रूट को लेकर बात चल रही है.
दूसरी तरफ, इजरायल भी बाज़ की तरह अपनी नज़रें गड़ाए हुए है. इजरायली ऊर्जा मंत्री और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सिक्योरिटी कैबिनेट के सदस्य एली कोहेन ने बताया कि इजरायल अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर कड़ी निगरानी रख रहा है. उन्होंने चेताया कि अगर ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल बढ़ाने या न्यूक्लियर हथियार बनाने की कोशिश की तो इजरायल तुरंत उसे निशाने पर ले लेगा.
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