कल्पना कीजिए... रात के अंधेरे में ईरान की एक जेल में 8 महिलाएं फांसी के तख्ते पर खड़ी हैं, अपनी आखिरी सांसें ले रही हैं. कुछ ही देर बाद उन्हें फांसी दी जाने वाली है. तभी अचानक अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप संकट नाशक, फांसीहर्ता के अवतार में स्विच कर जाते हैं. मोबाइल उठाते हैं और वैश्विक घोषणा कर डालते हैं. बताते हैं कि, ‘मुझे अभी-अभी जानकारी मिली है कि ईरान में आज रात जिन 8 महिला प्रदर्शनकारियों को फांसी दी जाने वाली थी, उन्हें अब नहीं मारा जाएगा.’ बताया कि इनमें से चार महिलाओं को तुरंत रिहा कर दिया जाएगा, और बाकी चार को सिर्फ एक महीने जेल की सजा होगी. लेकिन ईरान ने ट्रंप को रियलिटी चेक देते हुए इसे फेक न्यूज़ बताया है.
ट्रंप ने ईरान में 8 महिलाओं की फांसी रुकवा दी? तेहरान ने अब पूरी सच्चाई बताई
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि Iran की आठ महिलाओं को उन्होंने मौत की सजा से बचाया है. उन्होंने एक दिन पहले बेहद नर्म लहजे में ईरान से इन महिलाओं को रिहा करने की बात कही थी. ईरान ने ट्रंप के दावे का पूरा सच बताया है.


आत्मप्रशंसक ट्रंप ने इन लड़कियों की फांसी रुकवाने का दावा किया और अपनी पीठ भी थपथपा ली. इससे पहले ट्रंप ने 21 अप्रैल को इन महिलाओं को लेकर एक बयान जारी किया था. बेहद नर्म लहजे में कहा,
‘ईरान के नेताओं मैं आपसे इन महिलाओं को रिहा करने का अनुरोध करता हूं मुझे बहुत खुशी होगी अगर आप उन्हें छोड़ दें. मुझे पूरा विश्वास है कि आप इस बात का सम्मान करेंगे. कृपया इन्हें नुकसान न पहुंचाएं. यह हमारे बीच होने वाली बातचीत के लिए बहुत अच्छी शुरुआत होगी.’
कहानी शुरू होती है जनवरी 2026 से. ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन भयंकर हो चले थे. इन्हीं प्रदर्शनों में 8 महिलाएं गिरफ्तार हुईं थीं. ट्रंप ने इन्हीं महिलाओं को फांसी से बचाने का दावा किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की आधिकारिक न्यायिक वेबसाइट मिजान ने कहा कि ट्रंप फेक न्यूज से फिर से धोखा खा गए. 22 अप्रैल को ट्रंप ने दावा कर दिया कि वो इन महिलाओं को मौत के मुंह से बचा ले आए हैं.
अब बारी ईरान की थी. सिएरा लिओन में ईरान की एंबेसी के एक्स अकाउंट से एक पोस्ट किया गया. जिसमें कहा गया,
‘ट्रंप ने जिन 8 ईरानी महिलाओं को फांसी दिए जाने की बात कही थी, उनमें से 4 महिलाएं कई हफ्तों पहले रिहा हो चुकी हैं. बाकी बची 4 महिलाएं भी फांसी की सजा नहीं पाई हैं. वो सिर्फ़ जेल में हैं, ट्रायल का इंतज़ार कर रही हैं. उन पर जो आरोप हैं, उनमें भी जेल की सजा हो सकती है, फांसी नहीं.’
इसके बाद तो ईरान ट्रंप से मौज लेने में जुट गया. साउथ अफ्रीका में ईरान की एबेंसी के X अकाउंट से AI से बनी 8 महिलाओं की तस्वीर पोस्ट हुई. कैप्शन में लिखा, 'कल ईरान में 8 और लड़कियों को फांसी की सजा दी जाएगी. ट्रंप से मदद मांगे. चैट जीपीटी को धन्यवाद'
फांसी वाली बात कितनी सच?रॉएटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 22 अप्रैल को ईरान में एक शख्स को फांसी दी गई. उस पर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के साथ मिलकर काम करने का आरोप था. कई ह्यमून राइट एक्टिविस्ट का कहना है कि ईरान आरोपियों का बंद कमरे में ट्रायल करता है, उन्हें अपने बचाव का मौका तक नहीं देता. अगर ईरान की 8 महिला प्रदर्शनकारियों को फांसी की सजा की बात करें तो ये देखने में नैरेटिव, पॉलिटिक्स और इंटरनेशनल इमेज का खेल मालूम पड़ता है.
वीडियो: ट्रंप की धमकी पर ईरान का जवाब, तेहरान 'पीस टॉक' में शामिल नहीं होगा?





















