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लेबनान पर इजरायल का बड़ा हमला, होर्मुज में फिर रोके गए जहाज, सीजफायर खत्म होने वाला है?

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच सीजफायर हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए है, इस बीच सीजफायर की शर्तों को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि लेबनान सीजफायर समझौते में शामिल नहीं था. वहीं पाकिस्तान ने दावा किया कि समझौते में लेबनान पर भी हमला रोकने की बात हुई थी.

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अमेरिका-इजरायल और ईरान का सीजफायर खतरे में आता दिख रहा है. (तस्वीर- एपी)

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  • अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में सीजफायर समझौता हुआ है, लेकिन इसके 24 घंटे के भीतर इजरायल ने लेबनान में 100 से अधिक ठिकानों पर हमले किए।
  • इन हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि लेबनान को सीजफायर समझौते में शामिल नहीं किया गया क्योंकि वहां हिजबुल्लाह सक्रिय है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि समझौते में लेबनान पर हमला रोकने का प्रावधान था।
  • ईरान ने प्रतिक्रिया स्वरूप स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की बात कही है और धमकी दी है कि यदि इजरायल लेबनान पर हमले जारी रखता है तो वह सीजफायर समझौते से पीछे हट सकता है।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर समझौते को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और फिर से पश्चिमी एशिया में धमाके शुरू हो गए हैं. इजरायल ने लेबनान में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि सीजफायर समझौते में लेबनान को शामिल नहीं किया गया है. इसके उलट समझौता कराने वाले पाकिस्तान का दावा है कि सीजफायर समझौते में लेबनान पर भी हमला रोकने की बात हुई थी. इन सबके बीच कहा जा रहा है कि ईरान ने फिर से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया है. हालांकि ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. 

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रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने 8 अप्रैल को लेबनान में 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है. इनमें कई घनी आबादी वाले इलाके भी शामिल हैं. इन हमलों में 112 लोगों के मारे जाने और 837 लोगों के घायल होने की खबर है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 

हिजबुल्लाह पर इजरायल का हमला एक अलग युद्ध है. हिजबुल्लाह की वजह से लेबनान को सीजफायर समझौते में शामिल नहीं किया गया है. इसका भी समाधान हो जाएगा. परेशानी की कोई बात नहीं है.

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हिजबुल्लाह लेबनान में एक्टिव एक आर्म्ड मिलिशिया है. इसको वेस्ट एशिया में ईरान के सहयोगी के तौर पर देखा जाता है. इजरायल समेत कई पश्चिमी देशों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है. डॉनल्ड ट्रंप के बयान पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के एक्स पोस्ट को शेयर किया है, जिसमे उन्होंने सीजफायर की घोषणा की थी. इसमें लेबनान पर भी हमला रोकने की बात की गई थी. इस पोस्ट में लेबनान पर हमला रोकने की बात को हाईलाइट करते हुए अराघची ने लिखा, 

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की शर्तें बेहद साफ और स्पष्ट हैं. अमेरिका को सीजफायर या फिर इजरायल के जरिए युद्ध जारी रखने के बीच में से किसी एक को चुनना होगा. दोनों एक साथ नहीं चल सकता. लेबनान में हो रहा कत्लेआम पूरी दुनिया के सामने है. अब गेंद अमेरिका के पाले में है और दुनिया देख रही है कि अमेरिका अपने कमिटमेंट के हिसाब से काम करेगा या नहीं.

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एक्स

ईरान के सरकारी न्यूज आउटलेट्स की मानें तो तेहरान लेबनान में किए गए इजरायली हमलों का जवाब देने के लिए सख्त कदम उठा सकता है. इस बीच फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से खबर आई है कि इजरायली हमले के जवाब में ईरान ने तेल टैंकर्स को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने से रोक दिया है. हालांकि ईरानी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है. लेकिन न्यूज एजेंसी तसनीम ने ईरानी सूत्रों के हवाले से ये बताया है कि अगर इजरायल लेबनान पर हमला नहीं रोकता है तो ईरान सीजफायर समझौते से पीछे हट जाएगा. 

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वीडियो: ईरान-अमेरिका सीजफायर मे चीन ने क्या खेल किया?

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