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65 परसेंट लाने वाले बच्चे 'एग्जाम फ्रॉम होम' में 96% नंबर लेकर आए, प्रोफेसर ने ऐसे पकड़ ली 'चीटिंग'

ब्राउन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रॉबर्टो सेरानो ने छात्रों को घर से मिड-टर्म एग्जाम देने की इजाजत दी. लेकिन रिजल्ट आने पर पता चला कि ज्यादातर छात्रों ने AI की मदद से परीक्षा दी थी. उन्होंने यह चीटिंग पकड़ी कैसे?

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रॉबर्टो सेरानो अभी ब्राउन यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर हैं. (फोटो: X)

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  • ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रॉबर्टो सेरानो ने दिसंबर 2025 की गोलीबारी के बाद छात्रों को घर से मिडटर्म एग्जाम देने की अनुमति दी, जिसमें अप्रत्याशित रूप से एग्जाम रिजल्ट बहुत उच्च आए।
  • एग्जाम के उच्च स्कोर की जांच में पाया गया कि अधिकांश छात्रों ने एआई सहायता जैसे ChatGPT का उपयोग कर अपने पेपर लिखे थे, जिससे अकादमिक ईमानदारी पर सवाल उठे।
  • एआई से चीटिंग पकड़े जाने के बाद, फाइनल एग्जाम आमने-सामने करवाने पर 27 छात्रों ने कोर्स छोड़ दिया और बाकी छात्र फेल हो गए, जिससे क्लास का औसत स्कोर 48 पर आ गया।

बीते साल दिसंबर में अमेरिका की प्रतिष्ठित ब्राउन यूनिवर्सिटी के कैंपस में गोलीबारी हुई. इस हमले में दो छात्रों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. बाकी स्टूडेंट्स इस गोलीबारी के सदमे से अब तक नहीं उभर पाए. ऐसे में यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रॉबर्टो सेरानो ने उनकी मेंटल हेल्थ और ट्रॉमा को ध्यान में रखते हुए इस बार घर से ही उन्हें मिड-टर्म एग्जाम देने की इजाजत दे दी. लेकिन जब इस एग्जाम का रिजल्ट आया तो वो भी हैरान रह गए. जिस क्लास का पहले एवरेज रिजल्ट 65 से 80 के बीच रहता था, वो ‘एग्जाम फ्रॉम होम’ कराने से इस बार 96 पहुंच गई.

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कायदे से तो एक टीचर को इस रिजल्ट से खुश होना चाहिए. लेकिन सेरानो के मन में आशंकाएं पनपने लगीं. उन्होंने जांच की तो जो सच सामने आया, उसने उन्हें चौंका दिया. प्रोफेसर ने पाया कि ज्यादातर बच्चों ने एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से अपने पेपर लिखे थे. 

कैसे पकड़ी चीटिंग?

ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रॉबर्टो सेरानो वेलफेयर इकोनॉमिक्स और सोशल चॉइस थ्योरी पढ़ाते हैं. सेरानो 34 साल से इस यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे हैं और यह पहली बार था जब उन्होंने मैथमेटिकल इकोनॉमिक्स के छात्रों को घर पर टेस्ट लिखने की इजाजत दी. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 मार्च 2026 को एग्जाम देने वाले 86 छात्रों में से 40 ने पूरे 100 नंबर हासिल किए. क्लास का एवरेज 96 था, जबकि पिछले सालों में यह एवरेज 65 से 80 के बीच रहता था. इस बार का एग्जाम भी ज्यादा मुश्किल था. 

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प्रोफेसर सेरानो ने कहा कि जब वो पेपर देख रहे थे तो उनका माथा ठनका. सेरानो ने कहा,

कुछ जवाब ऐसे थे जो ChatGPT से सवाल पूछने पर मिलने वाले नतीजों से मेल खाते थे. 

हालांकि, सेरानो ने मिडटर्म एग्जाम रद्द नहीं किया. उन्होंने छात्रों से इतना ही कहा कि फाइनल एग्जाम आमने-सामने (इन-पर्सन) होगा. जैसे ही छात्रों ने यह सुना. 27 छात्रों ने कोर्स ही छोड़ दिया. सिर्फ 59 स्टूडेंट्स एग्जाम देने आए. इनमें से 19 फेल हो गए. इस तरह क्लास का एवरेज 96 से गिरकर 48 रह गया.

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प्रोफेसर ने खूब सुनाया

AI से चीटिंग पकड़े जाने के बाद प्रोफेसर सेरानो ने छात्रों को खूब खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कहा, 

अगर आपने सिर्फ एक बटन दबाकर AI एजेंट से यह काम करवाया तो आप पूरी तरह से बेकार साबित हो रहे हैं. तो मेरा सवाल आपसे यह है कि आप यहां क्यों हैं? अगर आप सीखना नहीं चाहते, कड़ी मेहनत नहीं करना चाहते, और क्रिटिकल थिंकिंग डेवलप करने के लिए जरूरी कोशिश नहीं करना चाहते, तो आप यूनिवर्सिटी में क्यों हैं? 

प्रोफेसर ने छात्रों से कहा कि अगर आप बस एक बटन दबाकर इस मशीन से अपना काम करवा रहे हैं, तो क्या आपको लगता है कि इसके लिए आपको ब्राउन की डिग्री की जरूरत है? 

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रॉबर्टो सेरानो कौन हैं? 

स्पेनिश-अमेरिकी अर्थशास्त्री रॉबर्टो सेरानो अभी ब्राउन यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर हैं. 17 साल की उम्र में उनकी नजर चली गई थी, लेकिन इससे उन्हें अपना शानदार एकेडमिक रिकॉर्ड बनाने से नहीं रोका जा सका. उन्होंने हार्वर्ड से PhD की और ब्राउन में तीन दशक से ज्यादा समय बिताया है. 

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