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भारतीय नाविक की मौत पर MEA ने कहा, 'होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद हों'

India response to Iranian strikes: ईरानी हमले में भारतीय नाविक की मौत हो गई. भारतीय विदेश मंत्रालय ने अब एक बयान जारी कर इस हमले की आलोचना की है. मंत्रालय ने इससे पहले ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ को तलब किया था.

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ईरान ने होर्मुज से गुज़र रहे दो टैंकर पर हमले किए जिसमें एक भारतीय की मौत हो गई. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने होर्मुज के रास्ते गुजर रहे दो तेल टैंकर्स पर मिसाइल हमला किया, जिसमें एक भारतीय की मौत और दस घायल हुए।
  • इस घटना के पीछे अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और क्षेत्र में नियंत्रण के लिए होर्मुज जलस्रोत की रणनीतिक स्थिति कारण है, जहां विश्वभर के 20% तेल और गैस का परिवहन होता है।
  • भारत ने इस हमले पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी दूतावास के डिप्टी एम्बेसडर को तलब किया तथा UAE के साथ संपर्क में रहकर प्रभावित भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमला किया. उधर से ईरान ने भी होर्मुज से गुज़र रहे दो तेल टैंकर्स पर मिसाइलें दागीं. इस हमले में एक भारतीय की मौत हो गई और 10 भारतीय घायल हो गए हैं. भारत ने इसपर कड़ा रुख अपनाते हुए भारत में ईरानी दूतावास के डिप्टी एम्बेसडर को तलब किया था. अब विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया है. 

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ईरानी हमले के बाद मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेन्स UAE ने बयान जारी किया था. बताया कि 14 जुलाई की सुबह ईरान ने दो टैंकर ‘MT मोम्बासा’ और ‘MT अल बहियाह’, जो स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में दक्षिण से गुज़र रहे थे, उनपर हमला किया गया है. 

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्टेटमेंट जारी कर हमले कि आलोचना की. मंत्रालय के मुताबिक ‘अल बहियाह’ टैंकर पर 12 भारतीय सवार थे जिनमें से एक की मौत हो गई है. एक दूसरे नाविक को चोटें आईं हैं. वहीं दूसरे टैंकर मोम्बासा में 18 भारतीय यात्रा कर रहे थे, जिनमें से 9 को गंभीर चोटें आईं हैं. 

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मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार UAE अधिकारियों से लगातार संपर्क में बनी हुई है. हम होर्मुज में फंसे हुए भारतीयों की जानकारी ले रहे हैं. स्टेटमेंट में ये भी कहा गया कि ईरानी एम्बेसी के डिप्टी चीफ के सामने भी इस हमले को लेकर नाराज़गी जताई गई. मंत्रालय का कहना है कि हमलों में इस तरह से मासूम नाविकों को निशाना बनाना सही नहीं है. 

भारत सरकार ने अमेरिका-ईरान के बीच दोबारा बढ़ते तनाव को लेकर भी चिंता ज़ाहिर की है. ये भी कहा कि हमले जल्द से जल्द रोक दिए जाएं ताकि होर्मुज में फ्री और सुरक्षित ट्रेड फिर से शुरू किया जा सके.  

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होर्मुज पर ईरान का रुख 

ईरान ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से किसे गुजरना है और किसे नहीं, इसका फैसला कोई बाहरी ताकत नहीं करेगी. ईरान के सीनियर मिलिट्री ऑफिशियल्स का कहना है कि इस समुद्री रास्ते का भविष्य ईरान पर दबाव डालकर तय नहीं किया जा सकता.

होर्मुज के रास्ते दुनियाभर का कुल 20 फीसदी गैस और तेल गुज़रता है. ऐसे में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव की वजह से फिर से तेल और गैस के दाम आसमान छू सकते हैं. 

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