यूपी सरकार के एक ट्विटर हैंडल ने डीएम हाथरस के हवाले से नकली मसालों में गधे की लीद होने की बात का खंडन किया है.
16 दिसंबर, बुधवार दी लल्लनटॉप ने एक खबर पब्लिश की. खबर की हेडिंग थी -
यूपी में गधे की लीद से मिलावटी मसाले बनाते पकड़े गए हिंदू युवा वाहिनी के नेता अनूप वार्ष्णेय! यह खबर कई जगह पब्लिश हुई. सोशल मीडिया पर वायरल हुई. फिर यूपी सरकार के फैक्टचेक विंग होने का दावा करने वाले एक ट्विटर हैंडल ने कहा,
'मीडिया एवं राजनीतिक पार्टी ने हाथरस की मसाला फैक्ट्री में जानवर की लीद मिलाने का दावा किया है. यह दावा गलत है.'
मीडिया एवं राजनीतिक पार्टी ने हाथरस की मसाला फैक्ट्री में जानवर की लीद मिलाने का दावा किया है। #InfoUPFactCheck: यह दावा गलत है। @dm_hathras ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने फैक्ट्री से नमूने संग्रहित किए हैं तथा मसाले में किसी भी जानवर की लीद की पुष्टि नहीं की गई है। pic.twitter.com/xz56AVVFL4
— Info Uttar Pradesh Fact Check (@InfoUPFactCheck)
December 16, 2020 वैसे तो यूपी सरकार का फैक्टचेकर होने का दावा करने वाला यह ट्विटर हैंडल वेरिफाइड नहीं है. लेकिन इसे माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यालय का हैंडल फॉलो करता है. इसलिए इसे यूपी सरकार का फैक्टचेकर मान लेना चाहिए. दावे को गलत बताने का क्या आधार है?
मजेदार बात यह है कि दावे को गलत बताने का उनका आधार हाथरस DM का बयान है. बयान क्या है? बयान ये है कि नमूने लिए गए हैं, लेकिन अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है.
क्या नमूनों की जांच हो गई?
नहीं. उसी ट्वीट में लगी फोटो के निचले हिस्से में लिखा हुआ है कि इस विषय में जांच के पश्चात ही कुछ कहा जा सकेगा. जब जांच के पश्चात ही कुछ कहा जाना था. तो दावे को पहले ही गलत बताने की क्या जल्दी थी! खैर...
मसाले में गधे की लीद की बात कहां से आई?
लीद की बात 2 जगह से आई.
1. फैक्ट्री में छापा मारते वक्त वीडियो बनाया गया. उस वीडियो में एक आदमी एक बोरी से कुछ निकालकर बताया है कि ये गधे की लीद है, इससे मसाला बनाया जाता था. आप नीचे के वीडियो में 2.20 पर देख और सुन सकते हैं.
2. टाइम्स ऑफ इंडिया ने छापा मारने वाले जॉइंट मैजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा से बात की. उन्होंने गधे की लीद समेत भूसा, अखाद्य रंग और एसिड वगैरह मिलने का जिक्र किया है.
लल्लनटॉप ने क्या लिखा था
हमने लिखा था,
‘एक वीडियो में कुछ लोगों को एक बोरी की तरफ इशारा करते हुए ये भी कहते सुना जा सकता है कि गधे की लीद है, जिससे धनिया बनाते थे. इन मसालों को लोकल ब्रैंड के पैकेट में बेचा जाता था. इस तरह के एक हजार पैकेट मौके से बरामद हुए हैं.’
इसके अलावा हमने यह भी लिखा था,
'पुलिस ने बताया कि अनूप वार्ष्णेय को CRPC के 151 सेक्शन के तहत गिरफ्तार किया गया है. जो मिलावटी मसाले मिले हैं, उनमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, गरम मसाला है. टीम ने सारे मसाले जब्त करके फैक्ट्री को सील कर दिया है. 27 सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.'
यूपी सरकार के फैक्टचेक ट्विटर हैंडल ने अभी इन बातों का खंडन नहीं किया है
1. उत्तर प्रदेश के हाथरस में नकली मसाले बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी गई है. 2. इस फैक्ट्री में भूसे, हानिकारक तेल और हानिकारक रंग मिले. जिनका इस्तेमाल मिलावटी मसाले बनाने में किया जाता है. 3.
नवीपुर इलाके में चल रही इस फैक्ट्री के मालिक अनूप वार्ष्णेय हैं और उन्हें गिरफ्तार किया गया है. 4.
फैक्ट्री के मालिक अनूप वार्ष्णेय हिंदू युवा वाहिनी के मंडल सह प्रभारी हैं. इस संगठन को सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2002 में बनाया था. 5. छापे की जगह से अलग-अलग कंपनियों के करीब 1000 से ऊपर खाली पाउच मिले, जो पैकिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते थे. 6. अनूप वार्ष्णेय से फैक्ट्री के लाइसेंस या मसाला बनाने के लिए लाइसेंस मांगा गया, तो वह कोई लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाए.