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बांग्लादेश: हिंदू परिवार के 4 लोगों की हत्या कर घर में ही लिया ड्रग्स, खाए खजूर, पार की क्रूरता की हद!

Bangladesh Police की जांच में हिंदू परिवार के मर्डर की पूरी कहानी खुलकर सामने आई है. हत्यारों ने परिवार के 4 सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी. हत्यारे हत्या तक ही नहीं रुके दोनों मर्डर करने के बाद घर में नहाए. खीरा और खजूर भी खाया.

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बांग्लादेश पुलिस ने मुग्धा और सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया. (Bangladesh Police)

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  • बांग्लादेश की रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों मुग्धो दास और सिद्धार्थ दास से पूछताछ के बाद हिंदू परिवार की हत्या की घटना का खुलासा किया।
  • पुलिस जांच में पता चला कि हत्या एक सांप्रदायिक घटना नहीं बल्कि दोनों पक्षों के बीच व्यक्तिगत संबंधों और नशे की स्थितियों के कारण हुई।
  • आरोपियों को 23 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस ने जल्दी चार्जशीट दाखिल कर उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की है।

बांग्लादेश में हिंदू परिवार की हत्या पर बांग्लादेशी पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. गिरफ्तार दो आरोपियों- मुग्धो दास और सिद्धार्थ दास से पूछताछ के बाद पुलिस ने 23 अगस्त को एक प्रेस ब्रीफिंग की. रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने बताया कि आरोपियों ने रिटायर्ड टीचर गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी प्रार्थना चक्रवर्ती और बेटे प्रियम चक्रवर्ती का कत्ल किया. आरोपियों ने कबूल किया मर्डर करने के बाद वे दोनों गणपति के घर पर नहाए. खजूर खाए. जब देखा कि जुमे की नमाज की वजह से इलाके में सन्नाटा है, तो मौके से फरार हो गए.

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बांग्लादेश पुलिस ने क्या बताया? 

पुलिस की जांच में साफ हुआ कि यह सांप्रदायिक घटना नहीं है. आरोपी और पीड़ित दोनों एक ही समुदाय के थे और एक-दूसरे को जानते थे. रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने फेसबुक पर बांग्लादेशी न्यूज चैनल जमुना टीवी का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें पुलिस की ब्रीफिंग है. पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने बताया कि घटना रंगपुर के माशुआरा इलाके में स्थित गणपति चक्रवर्ती के घर की है.

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात मुग्धो और सिद्धार्थ पड़ोसियों की छत से होते हुए गणपति के घर की छत पर पहुंच गए. छत पर बैठकर उन्होंने याबा का नशा किया. याबा एक तरह की ड्रग्स है.

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Bangladesh Hindu Family Murder
सबसे बाएं बेटी प्रार्थना चक्रवर्ती, गोद में बेटा प्रियम चक्रवर्ती, बीच में खुद गणपति चक्रवर्ती और दायीं तरफ उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती. (ITG)

जब मुग्धो और सिद्धार्थ याबा का नशा कर रहे थे, तो गणपति चक्रवर्ती को छत पर आवाज सुनाई दी. वे छत पर पहुंचे. उन्होंने शर्ट नहीं पहनी थी. कंधे पर एक गमछा डाला हुआ था. जब गणपति ने दोनों से सवाल किया, तो दोनों ने उसी गमछे से उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी.

जब गणपति चक्रवर्ती की हत्या की जा रही थी, तो उन्होंने बचने के लिए बहुत संघर्ष किया, जिससे कुछ शोर हुआ. शोर सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती ऊपर आने की कोशिश करने लगीं. जैसे ही वह सीढ़ियां चढ़ रही थीं, उन्होंने वहीं पर उनके गले में गमछा लपेटकर उनकी हत्या कर दी.

बेटी की आंख बाहर निकली

25 साल की बेटी प्रार्थना चक्रवर्ती चीखें सुनकर दौड़ीं, तो उन्होंने उनके गले में भी गमछा लपेटकर उनकी हत्या कर दी. हत्यारों के बयानों से पुलिस को पता चला कि प्रार्थना की मौत तुरंत नहीं हुई थी. उन्हें मरने में लगभग चार या पांच मिनट लगे. पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने कहा,

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"उस दौरान, उन्होंने (प्रार्थना चक्रवर्ती) उनके गले और मुंह के चारों ओर एक रस्सी लपेटी. एक फंदा गले पर और दूसरा मुंह पर. उन्होंने रस्सी को इतनी जोर से खींचा कि उनके जबड़े की हड्डी टूट गई और उनकी एक आंख सॉकेट से बाहर निकल आई."

रोने लगे पुलिस कमिश्नर

क्लास 5 में पढ़ने वाले 12 साल के प्रियम उस समय सो रहे थे. दोनों आरोपियों ने प्रियम के गले में कपड़ा लपेटा और फिर तकिए से उनका गला घोंट दिया. प्रियम की भी आंख बाहर निकल आई. पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद यह बताते समय खुद रोने लगे. भावुक होते हुए पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रियम उनके बेटे की उम्र के थे. उन्होंने बताया कि जब तक सबकी हत्या की गई, सुबह हो चुकी थी. शुक्रवार यानी जुमा की सुबह.

खीरा खाया, नहाए, फिर खजूर खाए

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि सबकी हत्या करने के बाद दोनों उसी कमरे के बाथरूम में नहाए, जिसमें प्रियम का मर्डर किया था. पहले सिद्धार्थ नहाया, फिर मुग्धो. नहाने के बाद दोनों डाइनिंग टेबल पर बैठे और वहां रखे जार से खजूर निकालकर खाए. पुलिस ने बताया कि दोनों ने हत्या के पहले और बाद याबा का सेवन किया.

जुमे की नमाज का इंतजार किया

शुक्रवार का दिन था, इसलिए उन्होंने बाहर लोगों की संख्या कम होने का इंतजार किया. जब जुमे की नमाज का समय हुआ, तो लोग नमाज पढ़ने जाने लगे. सड़कें सुनसान थीं. ऐसे में दोनों आरोपी लूटा हुआ सामान लेकर घर से भाग गए.

हत्या के बाद दोनों ने फ्रिज से खीरा निकालकर भी खाया. पुलिस ने बताया कि सिद्धार्थ एक सुनार की शॉप पर काम करता है, और सोने का कारीगर है. हत्या के बाद उसने गणपति चक्रवर्ती के घर से सोने के जेवर लूटे. असली सोना चेक करने के लिए उसने सोने की चूड़ी या कंगन को जलाकर भी देखा. पुलिस कमिश्नर ने कहा,

"उन्होंने जान-बूझकर घर में तोड़-फोड़ की, ताकि पुलिस को लगे कि डकैती हुई है. असल में वे जांच को दूसरी दिशा में मोड़ना चाहते थे. वे दोपहर के आसपास वहां से निकले. निकलने से पहले उन्होंने घर में मिले दो फोन डिटर्जेंट की बाल्टी में डाल दिए. उनके कबूलनामे के मुताबिक, उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि डिवाइस पर कोई फिंगरप्रिंट ना रहे."

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पुलिस ने पास की ही एक इमारत से लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया. 23 अगस्त की सुबह दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि दोनों के खिलाफ जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि उन्हें कानून के मुताबिक कड़ी सजा मिल सके.

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