पुखरायां रेल हादसा. फोटो: रॉयटर्स
क्या कोई है जो जान-बूझकर ट्रेन एक्सीडेंट करवा रहा है? फर्रुखाबाद-कानपुर-अनवरगंज रेलवे सेक्शन के बीच 1 जनवरी की देर रात ऐसा ही एक मामला सामने आया है. यहां रेल पटरी काटकर और फिश प्लेट उखाड़कर एक रेल हादसे को अंजाम देने की नाकाम कोशिश की गई. इसके बाद शक बढ़ गया है कि हाल में कानपुर के पास पुखरायां के हुआ बड़ा रेल हादसा और उसके बाद रूरा रेलवे स्टेशन के पास हुए दूसरे हादसे भी कहीं किसी साजिश का नतीजा तो नहीं थे? 1 जनवरी को रात 12:10 पर उत्तर पूर्व रेलवे के तहत कल्याणपुर और मंधाना रेलवे स्टेशनों के बीच में 3 जोड़ी फिश प्लेट फटी हुई पाई गई. रेलवे पटरियों को काटा गया था. ट्रैक पेट्रोलिंग के दौरान ट्रैकमेन संजीव कुमार और रामराज ने पटरियों से 50 क्लिप्स को उखड़ा हुआ पाया और साथ ही में 3 जोड़ी फिश प्लेट फटी हुई पाईं. ट्रैकमैन के मुताबिक, उन्होंने कुल्हाड़ी से रेल पटरी को काटे जाने का निशान भी पाया. इसकी जानकारी तुरंत ही रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को दी गई. रेलवे कर्मचारियों ने आनन-फानन में पटरी को दुरुस्त किया और बिठूर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई. आरपीएफ ने रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. फर्रुखाबाद कानपुर अनवरगंज रेलवे सेक्शन पर चलने वाली सभी ट्रेनों को अब अतिरिक्त सावधानी से चलाया जा रहा है.

जिस समय फिश प्लेट हटाई गई थी और पटरी काटी गई थी उसके थोड़ी ही देर बाद वहां से ट्रेन नंबर 14151 कानपुर आनंद विहार एक्सप्रेस को गुजरना था. अगर समय रहते ट्रैकमैन उस जगह की पैमाइश न करते तो बड़ा हादसा हो सकता था. रेलवे के आला अफसरों के मुताबिक, रूरा रेलवे स्टेशन के पास हाल ही में सियालदा अजमेर एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. इसे लेकर कुछ संदेह भी हैं. जिस रेलवे लाइन पर यह हादसा हुआ है उसे काफी सेफ माना जाता है. इसी लाइन पर शताब्दी और राजधानी ट्रेनें तेज स्पीड पर चला करती है और इस ट्रैक का मेंटेनेंस लगातार किया जाता रहा है. ऐसे में ये बात रेलवे अफसरों के गले नहीं उतर रही कि यहां किस तरह से ट्रेन पटरी से उतर गई. हालांकि इस रेल हादसे की जांच कमिश्नर रेलवे सेफ्टी कर रहे हैं लेकिन रेलवे के अधिकारी दबी जुबान से ही सही इस बात का संदेह जता रहे हैं इस रेल हादसे में अराजक तत्वों के हाथ की भी जांच की जानी चाहिए. वैसे रेल मंत्री सुरेश प्रभु का कहना है कि पुखरायां रेल हादसे में ज्यादा लोगों की मौत के पीछे रोलिंग स्टॉक में बरती गई लापरवाही नजर आ रही है. फिलहाल जांच जारी है और पूरी जानकारी उसके बाद ही मिल पाएगी.
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