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इस BJP सांसद को आर्मी के जवानों का मरना आम बात लगती है!

यूपी के एक विधायक ने भी दिया है भड़काऊ बयान.

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बीजेपी के दो नेता फिर अपने बड़बोलेपन की वजह से चर्चा में हैं.
भारतीय जनता पार्टी माने बीजेपी सच में बहुत ही लोकतांत्रिक पार्टी है. ऐसा लगने लगा है. क्योंकि जिस तरह से इनके विधायक-सांसद आए दिन अनाप शनाप बयान देते हैं, कोई और शायद ही दे पाए. फिर कांग्रेस मुक्त भारत के मिशन में लगी बीजेपी को एक नए दुश्मन की भी तो जरूरत है. ऐसे में ये बड़बोले नेता उस जिम्मेदारी को भी बखूबी निभा लेंगे. कांग्रेस की जगह ये ही बीजेपी को चोट पहुंचाने का काम करेंगे. कर रहे हैं. और इस बार ये जिम्मेदारी निभाई है दो लोगों ने. दोनों उत्तर प्रदेश से हैं. पहले हैं रामपुर से बीजेपी सांसद नेपाल सिंह. इन्होंने देश की सीमा पर लड़ रहे जवानों की तुलना गली-मोहल्लों के झगड़ों से कर दी है. बोले हैं-
ये तो रोज मरेंगे आर्मी में, कोई ऐसा देश है जहां आर्मी का आदमी न मरता हो झगड़े में? गांव में भी झगड़ा होता है तो एक न एक घायल होगा ही.

हद है मतलब. नेपाल सिंह को कोई बताए जाकर कि सेना के जवान मरने के लिए नहीं होते हैं. वो देश की सुरक्षा के लिए होते हैं. ये तो आप जैसे नेताओं का नकारापन है कि उन्हें अपनी जवान गंवानी पड़ती है. वरना उनका भी घर-परिवार है. शौक से नहीं मरता है कोई. ये उनकी शहादत का ही नतीजा है कि आप घर पर शांति से बैठकर इस तरह की बकैती कर पा रहे हैं. नेपाल सिंह यहीं नहीं रुके. आगे पत्रकारों से ही एक सवाल पूछ लिए, बोले -
कोई ऐसी डिवाइस बताओ, जिससे आदमी न मरे? ऐसी चीज बताओ कि गोली काम न करे, उसे करवा दें.
गजब बात है ये तो. सरकार में आप हैं. देश आप चला रहे हैं. दुनियभर के संसाधन आपके पास हैं. और डिवाइस कौन सी बनानी है, ये हम बताएंगे तो आपकी नौकरी कैसे चलेगी सांसद जी. और ये भी नहीं हो पा रहा है तो महाराज आप रहन दो. आप कुछ ना करो. बस मुंह बंद रखो.
बयान के बाद माफी मांग लेने का टैलंट. पता नहीं कहां से लाते हैं ये नेता लोग. नेपाल सिंह के पास भी है ये अद्भुत टैलंट. थोड़ी देर बाद ही बयान से पलट गए और माफी मांग ली. बोले-
मैंने सेना को लेकर कोई अपमान की बात नहीं कही. मुझे दुख है, माफी मांगता हूं पर मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा.
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ये तो हो गए नेपाल सिंह. दूसरे हैं बीजेपी विधायक विक्रम सैनी. मुजफ्फरनगर की खतौली सीट से विधायक. अनाप-शनाप बयानबाजी के मामले में तो ये हिस्ट्रीशीटर हैं. जहां जाते हैं एक-आध भड़काऊ बयान दे आते हैं. फिलहाल ये बोले हैं-
मैं कट्टर हिंदूवादी हूं. हमारे देश का नाम हिंदुस्तान है, अर्थात ये हिंदुओं का देश है. आज बिना जाति के भेद के सबको समान रूप से लाभ मिलता है. आज से पहले जितनी लंबी दाढ़ी होती थी, उतना लंबा चेक मिलता था. कुछ नालायक नेताओं ने बिना दाढ़ी वालों को यहां रोक दिया था तो आज हम मुसीबत में हैं. ये भी चले जाते तो ये सारी जमीनें हमारी होतीं.
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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ कुछ दिन पहले ही बोले थे कि भड़काऊ बयानबाजी से बचें. मगर विक्रम सैना न पहले शांत थे और न अब हैं. इन्होंने लोगों के बीच जहर घोलने की कसम खा रखी है. सैनी पहले भी ऐसे बयान देते रहे हैं. मुजफ्फरनगर दंगों के वक्त भी इन पर भड़काऊ भाषण और दंगों का आरोप लगा था. तब इन पर रासुका लगी थी और जेल गए थे. मगर अब काहे का डर, जब अपनी हो सरकार. अब तो कार्रवाई भगवान ही जाने क्या होगी.
बीजेपी नेताओं को ऐसे नेताओं की चिंता करनी चाहिए.
बीजेपी नेताओं को ऐसे नेताओं की चिंता करनी चाहिए.

हाल ही में राजस्थान के अलवर के विधायक बनवारी लाल सिंघल का बयान आया था. इनको हिंदुओं का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा था. मुस्लिमों की आबादी बढ़ने से चिंतित दिख रहे थे. बता रहे थे- भारत मुस्लिम राष्ट्र बनने वाला है. ना जाने कहां से लाते हैं ये बेकार की बातें ये नेता लोग. माना कि ठंड बहुत है. मुंह चलाने से जबड़े को गर्माहट मिलती है. बोलना जरूरी ही है. तो भइया कुछ अच्छी बातें बोल ल्यो. काहे ऐसी भड़काने वाली बातें बोलते हो. तोड़ने वाली बातें बोलते हो. खैर, न्यू ईयर का वक्त है. बीजेपी को चाहिए कि ऐसे नेताओं को एक न्यू ईयर रेजॉल्यूशन दिलवा दे. अपनी जुबान पर लगाम लगाने का. इसी में पार्टी का भी भला है और देश का भी. धन्यवाद.


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