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क्या भाजपा विधायक करणी सिंह ने आंबेडकर की मूर्ति गिराई?

लोग ये वीडियो शेयर करके लिख रहे हैं, मोदी तो गया काम से. लेकिन इस वीडियो की सच्चाई क्या है...

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एक वायरल पोस्ट का दावा है कि बीजेपी के एक विधायक ने बाबा साहेब आंबेडकर की मूर्ति गिराई.
मूर्ति लगवाना पॉलिटिक्स है. मूर्ति तुड़वाना भी पॉलिटिक्स है. जिसके हाथ में पावर, उसकी पसंद की मूर्तियां. मगर कुछ प्रतीक होते हैं, जिनको सारी पार्टियां गले लगाती हैं. जैसे भीमराव आंबेडकर. इसकी वजह ये नहीं कि सारी पार्टियां बाबा साहेब आंबेडकर के किए की शुक्रगुजार हों या उनके आदर्शों में यकीन करती हों. आंबेडकर से सटने का मकसद है दलित वोट बैंक. चाहे वो बसपा हो या कांग्रेस या बीजेपी. लेकिन अगर ऐसा है, तो लोग क्यों कह रहे हैं कि बीजेपी नेता ने आंबेडकर की मूर्ति तुड़वाई? सोशल मीडिया पर एक वीडियो घूम रहा है. इसे शेयर करने वाले दावा कर रहे हैं कि बीजेपी ने बाबा साहेब की एक मूर्ति गिरा दी है.
क्या है वायरल पोस्ट में? करीब 40 सेकंड लंबा वीडियो है. इसमें किसी चौराहे का फुटेज है. जैसे भारत के ज्यादातर चौक-चौराहों पर कोई मूर्ति खड़ी होती है, वैसे ही यहां भी एक मूर्ति लगी है. किसकी? वीडियो में ये साफ नहीं दिखता. मूर्ति तांबई रंग की लगती है. सामने की तरफ एक जेसीबी खड़ी है. जेसीबी मूर्ति उखाड़ रही है. आस-पास लोग जमा हैं. कुछ बस देख रहे हैं. कुछ वीडियो बना रहे हैं. इस वीडियो के साथ एक मेसेज भी चल रहा है. इसमें लिखा है-
विनाश काले विपरीत बुद्धि, बाबा साहब अमबेंडकर की प्रतिमा गिराते Bjp नेता. Bjp विधायक करणी सिंह की इस हरकत पर क्या कहेगे मोदी जी# मोदी तो गया काम से. इन Video को इतना वायरल करो की ये पूरा भारत देख सके जय भीम✊🏻🇮🇳
विनाश काले विपरीत बुद्धि बाबा साहब अमबेंडकर की प्रतिमा गिराते Bjp नेता Bjp विधायक करणी सिंह की इस हरकत पर क्या कहेगे मोदी जी# मोदी तो गया काम से इन Video को इतना वायरल करो की ये पूरा भारत देख सके जय भीम✊🏻🇮🇳
Posted by ईशान मलिक सहारनपुर
on Friday, December 7, 2018
इस मेसेज का दावा है कि बीजेपी नेता ने आंबेडकर की मूर्ति तोड़ी. कहां तोड़ी, कब तोड़ी, ये नहीं बताया गया है. हां, करणी सिंह नाम के एक शख्स का नाम लिखा है. मेसेज के मुताबिक, ये करणी सिंह बीजेपी के विधायक हैं. ये बताकर मेसेज और वायरल करने की अपील की गई है. हमारे रीडर यशवंत ने हमें मेल करके इसकी पड़ताल करने को कहा.
 
ये देखिए. यही वाला वायरल पोस्ट है.
ये देखिए. यही वाला वायरल पोस्ट है. खूब शेयर हो रहा है ये.

 
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सच क्या है? देखिए, एक चीज होती है सिलेक्टिव सच. इसका मतलब एक रुपया में इतना पैसा सच है. बाकी झूठ है. जो वीडियो हमको दिखता है वायरल पोस्ट में, उसमें एक मूर्ति गिराई तो जा रही है. जिस राज्य में मूर्ति गिराई गई, वहां सरकार भी बीजेपी की ही थी. लेकिन वायरल पोस्ट का जो मेन मुद्दा है कि आंबेडकर की मूर्ति गिराई गई, वो बात सरासर झूठ है. ये वीडियो है त्रिपुरा का. त्रिपुरा में 25 सालों से लेफ्ट की सरकार थी. 2017 में वहां विधानसभा चुनाव हुए. बीजेपी जीत गई. सत्ता बदलने के दो दिन बाद ही वहां कुछ लोगों ने 'भारत माता की जय' का नारा लगाते हुए लेनिन की एक मूर्ति गिरा दी. लल्लनटॉप ने भी इसकी खबर की थी.
 जहां तक बात रही बीजेपी विधायक करणी सिंह की, तो हमें इस नाम से कोई MLA मिला ही नहीं.
लेनिन की मूर्ति गिराए जाने से जुड़ा हमारा एक और वीडियो देखिए-
लेनिन की मूर्ति गिराए जाने की असली वजह ये है जो कोई नहीं जानता!
लेनिन को हटाकर आंबेडकर से रिप्लेस कर दिया लेनिन रूस के थे. रूसी क्रांति के सबसे बड़े प्रतीक. वो लेफ्ट विचारधारा के बड़े सिंबल हैं. लेनिन की ये मूर्ति करीब पांच साल पहले लगवाई गई थी. इसे लेकर ट्विटर पर खूब जुबानी मल्लयुद्ध चला. कुछ लोग नाराज़ हुए. कुछ ने कहा, अच्छा हुआ. उस रास्ते आगे क्यों बढ़ना. पुरानी बात हो गई है वो. अभी उस खबर का इतना ही जिक्र है कि वहां से वीडियो और फोटो उठाकर लोगों ने उसमें आंबेडकर वाली बात जोड़ दी और वायरल कर दी. आपको उस घटना के जुड़ी कुछ तस्वीरें, कुछ ट्वीट्स दिखाते हैं. देखकर तस्दीक कर लीजिए कि सच क्या है.


क्या एक महीने के अंदर ही टूटने लगी सरदार पटेल की मूर्ति?
बाबरी गिराने में जो कुदाल लेकर गुंबद पर चढ़ा उसका जीवन नर्क हो गया है! इससे जुड़ा हमारा वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए. 

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