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आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा हो: केंद्रीय मंत्री अठावले

Ramdas Athawale on reservation: नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री रामदास अठावले ने आरक्षण हटाओ आंदोलन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनका कहना है कि जो लोग भी कोटा सिस्टम ख़त्म करने के सपोर्ट में हैं या आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ हैं उनपर देशद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए. जानिए उन्होंने ऐसा क्यों कहा.

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केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के खिलाफ मोर्चा खोला. (फोटो-X Ramdas Athawale)

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  • रामदास अठावले ने 23 अगस्त को कहा कि आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर देशद्रोह का मामला चलाया जाना चाहिए क्योंकि वह संविधान के अधिकारों का विरोध कर रहे हैं।
  • आरक्षण हटाने और आर्थिक आरक्षण लागू करने की मांग पर सोशल मीडिया पर अभियान चल रहा है, जबकि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जातिगत आरक्षण और UGC के नियमों का विरोध कर रहे हैं।
  • दिल्ली पुलिस ने आरक्षण के खिलाफ प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं दी और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, साथ ही छात्रों को सोशल मीडिया के प्रभाव में आने से बचने की बात कही।

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के मुखिया और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने आरक्षण के खिलाफ विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए. देश में कुछ लोग ‘जातिगत’ आरक्षण हटाने और उसकी जगह आर्थिक आरक्षण लाने की मांग कर रहे हैं. इसे लेकर सोशल मीडिया पर अभियान भी चलाया जा रहा है. 

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रामदास अठावले ने क्या कहा?

23 अगस्त को केंद्रीय मंत्री ने एक बयान दिया जिसमें उन्होंने देश में चल रहे ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ (RHA) अभियान का ज़िक्र किया. उनका कहना है कि जो लोग भी कोटा सिस्टम ख़त्म करने के सपोर्ट में हैं या आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ हैं, उनपर देशद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए. रामदास अठावले के मुताबिक, आरक्षण का अधिकार संविधान देता है. ऐसे में आरक्षण का विरोध करना मतलब संविधान का विरोध करना है. 

उन्होंने साफ किया आरक्षण नहीं हटाया जा सकता क्योंकि ये लोगों का संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रोटेस्ट का भी ज़िक्र किया. कहा कि NEET  पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट के दौरान भी कुछ लोग कोटा सिस्टम ख़त्म करने की मांग कर रहे थे. 

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दिल्ली पुलिस ने प्रोटेस्ट करने से रोका

21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी संख्या में लोग जाति-आधारित आरक्षण और यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के इक्विटी नियमों का विरोध करने के लिए जुटे थे. इस आंदोलन में खास तौर से जनरल और अनारक्षित वर्ग के प्रदर्शनकारी शामिल हुए. कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST एक्ट का भी विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की. दिल्ली पुलिस और RAF के जवानों ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.

इसके बाद 23 अगस्त को प्रदर्शनकारी एक बार फिर जंतर-मंतर पहुंचे थे. लेकिन, दिल्ली पुलिस ने 23 अगस्त को बताया कि रिजर्वेशन को लेकर प्रोटेस्ट करने की परमिशन किसी को नहीं दी गई है. साथ ही छात्रों को समझाया गया है कि सोशल मीडिया के बहकावे में आकर ऐसे कदम न उठाएं. 

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