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150 साल बाद लाइब्रेरी में वापस लौटी किताब, लेट फीस पता है कितनी हो गई?

Australia में एक लाइब्रेरी को एक किताब 150 साल के बाद वापस की गई है. किताब का नाम ‘एंटीक्विटीज ऑफ एथेंस’ बताया जा रहा है, जो साल 1885 में छपी थी.

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लाइब्रेरी को एक किताब 150 साल के बाद लौटाई गई. (फोटो- Kiama Library)

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  • ऑस्ट्रेलिया की कियामा पब्लिक लाइब्रेरी में 150 साल बाद 'एंटीक्विटीज ऑफ एथेंस' नामक किताब वापस लौटाई गई है, जो 1885 में छपी थी और लाइब्रेरी के शुरुआती कलेक्शन का हिस्सा थी।
  • किताब लंबे समय तक एक सीलबंद फायरप्लेस में छुपी रही, और पुस्तकों के रिकॉर्ड न होने के कारण यह पता नहीं चल पाया कि अंतिम बार इसे किसने उधार लिया था।
  • विलंब से किताब लौटाने के कारण 18.76 लाख रुपये की लेट फीस लागू होगी, लेकिन इसका जिम्मेदार कौन होगा, यह लाइब्रेरी के लिए अनिश्चित है और इसे लोकल हिस्ट्री कलेक्शन में शामिल करने का प्रस्ताव है।

ऑस्ट्रेलिया की एक पब्लिक लाइब्रेरी में उधार ली गई एक किताब वापस लौटा दी गई है. इस किताब को अपनी लाइब्रेरी तक लौटने में 150 साल लग गए. लाइब्रेरी से जुड़े नियमों के मुताबिक अब इस किताब को ले जाने वाले पर लेट फीस भी लगेगी, जो करीब 18 लाख रुपये तक बनती है. हालांकि, यह किताब डेढ़ दशक पहले कौन ले गया था, इसके बारे में लाइब्रेरी के पास कोई जानकारी नहीं है.

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किताब 1885 में छपी 

किताब का नाम ‘एंटीक्विटीज ऑफ एथेंस’ बताया जा रहा है, जो साल 1885 में छपी थी. अब शहर की कियामा लाइब्रेरी में ये किताब वापस आ गई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह किताब किआमा शहर के रहने वाले रॉस सिमंस नाम के एक शख्स ने वापस लौटाया है. उन्हें यह किताब अपने घर के रिनोवेशन के दौरान मिली थी, जो दशकों से एक सीलबंद फायरप्लेस के भीतर चाय के क्रेट में दबी हुई थी. हालांकि, नमी की वजह किताब खराब भी हो गई थी.

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इंडिया टुडे ने AP न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि लाइब्रेरी के एक एम्प्लॉई ने बताया कि हमारे पास कभी इतनी पुरानी चीज वापस नहीं आई. अक्सर ऐसी चीजें मिलती हैं, जो 30 से 40 साल पुरानी होती हैं. लाइब्रेरी को किताब लौटाने वाले रॉस सिमंस ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है कि यह किताब उनके ‘पर परदादा’ जॉन सिमंस ने उधार ली थी. वो उस समय इस घर के मालिक थे, जहां से यह किताब मिली. रॉस ने कहा कि वो ये बात बस अंदाजे से कह रहे हैं.

1000 किताबों का हिस्सा थी

लाइब्रेरी के बारे में बात करें तो यह साल 1872 में खुली थी. लाइब्रेरी खुलने के बाद ‘एंटीक्विटीज ऑफ एथेंस’ उन 1000 किताबों का हिस्सा थी, जो वहां रखी गई थीं. इसका शुरुआती कलेक्शन नंबर 506 बताया जा रहा है. लाइब्रेरी के एक एम्प्लॉई का मानना है कि यह किताब लाइब्रेरी खुलने के कुछ सालों के भीतर ही गायब हो गई थी.

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लाइब्रेरी वापस लौटी किताब.

हालांकि, लाइब्रेरी के मैनेजर ने बताया कि महंगाई की वजह से किताब को देर लौटाने की वजह से लेट फीस करीब 18.76 लाख होगी. हालांकि, यह जुर्माना किस पर लगेगा इसका जवाब नहीं मिल पाया है. क्योंकि, किताब ले जाने वालों का रिकॉर्ड ही खो गया है.

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किताब ले जाने वाले का रिकॉर्ड नहीं

ऐसे में यह पता करना मुश्किल है कि आखिरी बार इस किताब को कौन ले गया था? एंटीक किताब होने की वजह से लाइब्रेरी इस किताब को लोकल हिस्ट्री कलेक्शन के तौर पर दिखाने का प्लान कर रही है.

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