दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रोटेस्ट के दौरान ‘अशांति फैलाने’ की साजिश करने वाले संदिग्ध को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया है. STF ने बताया कि संदिग्ध के निशाने पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी थे. संदिग्ध की पहचान हमीम मंडल के तौर पर हुई है, जिसे पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा बताया जा रहा है. मंडल को दो दिन पहले पूर्वी बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस की वर्दी में CJP प्रोटेस्ट में घुसना चाहता था, STF ने जैश से जुड़े संदिग्ध को बंगाल में पकड़ा
गिरफ्तार हुआ संदिग्ध पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से संपर्क में था. वो चाहते थे कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन स्थल में घुसे और अशांति फैलाए. साथ ही उसे उन जगहों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए कहा गया था जहां मुख्यमंत्री बिना सुरक्षा के हो सकते थे.

एसटीएफ का कहना है कि देश में ऐसे और लोग भी हो सकते हैं, जिनका पाकिस्तान इस्तेमाल करना चाहता था, ताकि सीजेपी प्रोटेस्ट को बदनाम किया जा सके. सरकार और स्टूडेंट्स के बीच टकराव बढ़ने से अशांति बढ़ती, जिसका फायदा उठाकर आतंकी किसी घटना को अंजाम दे सकते थे. STF के इंस्पेक्टर जनरल (IG) गौरव शर्मा ने कहा कि मंडल पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था. वो चाहते थे कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन स्थल में घुसे और अशांति फैलाए. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
पाकिस्तानी हैंडलर्स ने हमीम मंडल से कहा था कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हो और गड़बड़ी फैलाए.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, IG शर्मा ने बताया कि सीएम शुभेंदु अधिकारी भी उनके टारगेट में से एक थे. उन्होंने बताया कि हमीम को उन जगहों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए कहा गया था, जहां मुख्यमंत्री बिना सुरक्षा के हो सकते थे. मंडल से पूछताछ के दौरान STF को पश्चिम बंगाल में JeM (जैश-ए-मोहम्मद) आतंकी संगठन के कई हैंडलर्स से जुड़े होने के सबूत मिले. फिलहाल अदालत ने उसे 14 दिन की STF कस्टडी में भेज दिया है. साथ ही झारखंड से उसकी गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को भी गिरफ्तार किया गया है.
आरोप है कि दोनों राज्य के मंत्री उमेश राय के बेटे को हनीट्रैप में फंसाकर अगवा करने और उनके परिवार से फिरौती वसूलने की साजिश रच रहे थे. एक अधिकारी ने बताया कि वे शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े पाकिस्तानी हैंडलर्स के कहने पर काम कर रहे थे.

पुलिस के मुताबिक, अर्पिता सरकार ने जानकारी हासिल करने के लिए राजनेताओं समेत कई जाने-माने लोगों को हनी-ट्रैप में फंसाया. इसके बाद उसने वह जानकारी हमीम तक पहुंचाई. वॉट्सऐप चैट से उसके पाकिस्तान से जुड़े होने के सबूत भी मिले हैं. STF ने उनके पास से UK और मैक्सिको में जारी किए गए इंटरनेशनल सिम कार्ड भी बरामद किए हैं. एजेंसी को शक है कि उन्होंने इन सिम कार्ड का इस्तेमाल अपने हैंडलर्स और स्लीपर सेल्स के साथ एन्क्रिप्टेड बातचीत के लिए किया था.
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STF ने मंडल के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया हिस्ट्री की भी जांच की. पता चला कि पाकिस्तान में मौजूद अपने साथियों के लिए काम शुरू करने से पहले ही वो सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ गया था.
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